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'इमोशनल रिश्ते कौन भूल सकता', महुआ ने की सुवेंदु अधिकारी की तारीफ

टीएमसी की तेज तर्रार सांसद महुआ मोइत्रा ने सुवेंदु अधिकारी के साथ अपने रिश्तों को याद किया। उन्होंने बताया कि जब सुवेंदु टीएमसी में थे उन्होंने किस प्रकार उनकी मदद की थी।

Mahua Moitra News

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा। (Photo Credit: X/@MahuaMoitra)

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कृष्णानगर से लोकसभा सदस्य महुआ मोइत्रा ने टीएमसी में बगावत, पार्टी छोड़ने वाले सांसदों व पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के साथ अपने संबंधों पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि सयोनी घोष के पाला बदलने की खबर ने उन्हें आश्चर्य में डाल दिया था। बीसीसी से बातचीत में महुआ मोइत्रा ने कहा कि एक समय सुवेंदु उनके अच्छे दोस्त थे। चुनाव में उन्होंने कभी मदद भी की थी।

 

अपनी बातचीत में महुआ मोइत्रा ने 2016 में करीमनगर सीट से लड़े अपने विधानसभा चुनाव को याद किया। उन्होंने बताया कि उस चुनाव में सिर्फ सुवेंदु ने उनकी मदद की थी। इससे पहले जब 2014 में लोकसभा का टिकट नहीं मिला, तब भी सुवेंदु ने उन्हें दिलासा दिया था।  

 

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'सुवेंदु मेरा अच्छा दोस्त'

महुआ ने बताया, 'सुवेंदु मेरा बहुत अच्छा दोस्त था। हम जब एक साथ पार्टी में थे तो उन्होंने हमें बहुत सपोर्ट किया। जब मैं पहली बार करीमपुर में लड़ी तो कोई मेरे लिए प्रचार करने नहीं आ रहा था। मेरी पहली रैली सुवेंदु अधिकारी ने की।' 

'मैं रातभर रोई, सुवेंदु ने कहा- नहीं बहन मैं हूं न'

उन्होंने आगे कहा, 'मुझे झंडे और कुछ भी चाहिए होता था तो सुवेंदु मुझे भेजता था। 2014 में मुझे टिकट मिलने वाला था, लेकिन नहीं मिला तो मैं पूरी रात रोई। सुवेंदु ने आकर मुझसे कहा कि नहीं बहन, हम हैं न आपके साथ। यह सब इमोशनल कनेक्शन रहते हैं। सुवेंदु बीजेपी में चले गए। हमसे बात नहीं होती, क्योंकि वह दूसरे राजनीतिक पार्टी में है। यह अलग बात, लेकिन इमोशनल और पर्सनल रिश्तों को कोई भूल नहीं सकता।'

 

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 सयोनी के फैसले ने हैरत में डाला: महुआ

जब महुआ से पूछा गया कि सयोनी घोष को लेकर थोड़ा आश्चर्य हुआ था। जवाब में महुआ मोइत्रा ने कहा, 'मुझे सायोनी घोष के बारे में भी आश्चर्य लगा। मैं उसको सचमुच मानती थी कि वह 'यंग फ्रेश ब्लड' है, क्योंकि मुझे लगता था कि वह विपक्षी राजनीति के लिए हैं। बाकी सब तो इधर-उधर जा चुके थे। इसलिए इनके बारे में मैं आश्चर्यचकित नहीं हुई। मैं आश्चर्यचकित थी कि जिसको (सायोनी) पार्टी ने इतने कम समय में इतना कुछ दिया। विधायक बनाया, राष्ट्रीय यूथ प्रेसिडेंट और ममता बनर्जी का गढ़ जाधवपुर दिया। इसीलिए मुझे आश्चर्य हुआ। 


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