शिवसेना (UBT) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को मुंबई में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को बदलने के लिए अब संघर्ष शुरू किया जाना चाहिए। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि जो सरकार जवाबदेह नहीं, उसे बदलने के लिए अब लड़ाई शुरू की जानी चाहिए।
उद्धव ठाकरे ने रैली को संबोधित करते हुए नीट परीक्षा में हुई अनियमितताओं और इससे जुड़ी छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं का जिक्र करते हुए सरकार पर युवाओं का भविष्य छीनने का आरोप लगाया। इन्हीं मुद्दों को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता
सोनम वांगचुक
दिल्ली में लगातार 22 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं।
यह भी पढ़ें: अतरौली में राजभर-निषाद आमने-सामने, सहयोगियों की टकराहट से BJP की बढ़ी टेंशन
सरकार ने युवाओं का भविष्य छीन लिया
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के संबंध में नहीं है बल्कि इस सरकार ने युवाओं का भविष्य छीन लिया है। ठाकरे ने संसद का मानसून सत्र शुरू होने से एक दिन पहले सरकार की आलोचना करते हुए यह बड़ा बयान दिया है।
'यह सरकार जवाबदेह नहीं है'
बता दें कि हाल में ठाकरे की पार्टी के छह लोकसभा सांसद पाला बदलकर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए थे। ठाकरे ने कहा, 'जो सरकार जवाबदेह नहीं है, उसे बदलने के लिए अब लड़ाई शुरू की जानी चाहिए। यह लड़ाई केवल सोनम वांगचुक के बारे में नहीं है।'
उद्धव ठाकरे ने सवाल किया कि शून्य से नीचे तापमान में काम करने वाले सैनिकों के लिए सौर ऊर्जा से गर्म रहने वाले तंबू बनाने और लद्दाख में पानी की समस्या दूर करने के लिए हिम स्तूप तैयार करने वाले वांगचुक को देश विरोधी कैसे कहा जा सकता है?
यह भी पढ़ें: कांग्रेस-सपा में 'बड़ा भाई' बनने की होड़, बयानों की जंग से कहीं टूट न जाए गठबंधन
प्रधानमंत्री मोदी पर लगाया गंभीर आरोप
उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) सरकार ने 2011 में सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के अनिश्चितकालीन अनशन के दौरान उनसे बातचीत के लिए एक प्रतिनिधिमंडल भेजा था। ठाकरे ने कहा, 'ऐसे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने वांगचुक के मामले में ऐसा क्यों नहीं किया?'
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक नीट में कथित अनियमितताओं और परीक्षा का प्रश्नपत्र पहले रद्द किए जाने के बाद कई विद्यार्थियों की आत्महत्या के मुद्दे को लेकर 28 जून से भूख हड़ताल पर हैं।