महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजीत पवार के विमान हादसे की जांच पर परिवार में ही रार बढ़ती जा रही है। एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार के बयान पर प्रतिक्रिया दी और चार महीने पहले आप ने सत्ता में रहते हुए अजीत पवार मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। अभी तक आपकी बात को नहीं माना गया। ऐसे में बीजेपी के साथ सत्ता में रहने का क्या मतलब है? रोहित पवार ने आरोप लगाया कि सीआईडी कुछ नहीं कर रही है। अब तक एफआईआर भी दर्ज नहीं की।
सुनेत्रा पवार के बयान पर विधायक रोहित पवार ने कहा, 'मुझे पूरा यकीन है कि उन्होंने मेरे बारे में बात नहीं की। अगर उन्होंने मेरे बारे में बात की भी है तो भी हम उस पर ध्यान नहीं देंगे। आप सत्ता में हैं। सत्ता में रहते अपने 40 विधायकों के साथ चार महीने पहले अजीत पवार मामले की जांच
CBI
को सौंपने की मांग की थी। फिर भी आपकी सिफारिश या मांग को नहीं माना गया तो फिर बीजेपी के साथ सत्ता में रहने का क्या मतलब है? यह फैसला आपको करना है। लेकिन जहां तक हमारी बात है, हमें अजीत पवार के हादसे को लेकर शक है। हम जांच के जरिए उन शक को दूर करने का प्रयास करेंगे। सीआईडी कुछ नहीं कर रही है।'
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महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम एवं एनसीपी अध्यक्ष सुनेत्रा पवार ने गुरुवार को अजीत पवार हादसे का राजनीतिकरण न करने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा था, 'अजीत दादा के निधन से महाराष्ट्र में एक बहुत बड़ा शून्य पैदा हुआ है। उनकी मां, बच्चों और मेरे से ज्यादा इसे कौन बेहतर समझेगा। इस कारण अजीत दादा के हादसे का सियासीकरण न किया जाए।'
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सुनेत्रा पवार एनसीपी एसपी सांसद सुप्रिया सुले के उस बयान पर प्रतिक्रिया दे रही थीं, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके भाई अजीत पवार की मौत मामले में अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई। अपने बयान में रोहित पवार ने कहा था कि मैं पवार परिवार का हिस्सा हूं। मेरा भी उपनाम पवार है। अजीत पवार मेरे चाचा थे। भतीजे के तौर पर हम चाहते हैं कि उन्हें न्याय मिले। रोहित पवार का आरोप है कि सरकार उनकी शिकायतों को नजरअंदाज कर रही है।