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47 केस फिर AAP में एंट्री, गैंगस्टर गुरप्रीत सेखों कौन है, बवाल क्यों मचा?

47 आपराधिक मामलों में वांछित रहे कुख्यात गैंगस्टर गुरप्रीत सेखों को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने AAP में शामिल करा लिया है।

Gurpreet Singh

गुरप्रीत सिंह सेखों और भगवंत मान। Photo Credit: AAP

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पंजाब के चर्चित 2016 नाभा जेलब्रेक मामले का मुख्य आरोपी और गैंगस्टर गुरप्रीत सेखों, अब आम आदमी पार्टी (AAP) का नेता हो गया है। गुरप्रीत सिंह सेखों की AAP में एंट्री इतनी शानदार हुई है कि खुद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उसे पार्टी की सदस्यता दिलाई है। गुरप्रीत सेखों, पंजाब के सबसे बड़े गैंगस्टर में से एक रहा है। उसके खिलाफ 47 आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। अब विपक्ष ने भगवंत मान और AAP सरकार को घेरा है।

गुरप्रीत सेखों का दबदबा फिरोजपुर जिले में है। वह मुदकी इलाके का रहने वाला है। सेखों जीरा इलाके में हुए एक जनसभा में वह AAP में शामिल हो गया। फिरोजपुर जिले के मूडकी इलाके में भगवंत मान भाषण देने आए थे, वहीं उन्होंने गुरप्रीत को सदस्यता भी दिला दी। गुरप्रीत सेखों  मार्च 2023 में जेलब्रेक मामले में दोषी करार हो चुका है। उसे 10 साल की सजा सुनाई गई है। नवंबर 2023 के आखिर में उसे आगली सुनवाई तक जमानत मिल गई थी।

 

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गुरप्रीत के स्वगत में क्या बोले भगवंत मान?

गुरप्रीत सिंह सेखों का मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जोरदार स्वागत किया। भगवंत मान ने दावा किया कि लोगों की तालियां बता रही हैं कि अब दूसरी राजनीतिक पार्टियों से लोगों का मोहभंग हो गया है, जनता अब पारंपरिक पार्टियों को पसंद नहीं कर रही है। जनता अब सिर्फ काम की राजनीति चाहती है।

विपक्ष ने गुरप्रीत सिंह के शामिल होने पर क्या कहा? 

कांग्रेस ने क्या कहा?

गुरप्रीत सिंह सेखों के शामिल होने पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा, 'AAP एक खतरनाक मिसाल कायम कर रही है। क्या इससे वे क्या संदेश देना चाहते हैं? गैंगस्टर संस्कृति को बढ़ावा न दिया जाए। इस तरह का पुनर्वास खतरनाक है, जिसमें अपराधी पहले लोगों को डराते-धमकाते हैं, अपराध और वसूली करते हैं, बाद में अपने अतीत को मिटाने के लिए चुनावी राजनीति में उतर आते हैं।'


शिरोमणि अकाली दल ने भी कहा कि अगर गैंगस्टरों को लेकर AAP की यही नीति है तो पंजाब में कानून-व्यवस्था का हाल समझा जा सकता है। शिरोमणि अकाली पार्टी ने पंजाब पुलिस के चल रहे एंटी-गैंगस्टर अभियान 'गैंगस्ट्रान ते वार' पर भी तंज कसते हुए कहा कि यह जंग नहीं, बल्कि गैंगस्टरों के साथ प्यार है। यही AAP का नया अभियान लगता है।

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गैंगस्टर ने AAP में आकर कहा क्या?

गुरप्रीत सिंह सेखों ने अपने बचाव में कहा है कि उसने अपनी जिंदगी पूरी तरह बदल ली है। उसका दावा है कि उसके खिलाफ दर्ज सभी मामलों का अब निपटारा हो चुका है। वह कई सालों से इलाके के लोगों की सेवा कर कर रहा है।

'छोटे भाई' से बड़ी राजनीति कराएंगे भगवंत मान?

गुरप्रीत सिंह ने भगवंत मान को अपना बड़ा भाई बताया है। उसने कहा है कि वह हर हाल में उनका साथ देगा। उसने अपने समर्थकों के साथ AAP की सदस्यता ली है। गुरप्रीत पहले शिरोमणि अकाली दल से जुड़ा था, फिर उसने AAP में आना की राह चुनी। अकाली दल से भी उसके रिश्ते तल्ख नहीं हैं।

ब्लॉक समिति के चुनाव में अकालियों का दिया साथ

दिसंबर 2025 में हुए ब्लॉक समिति चुनावों के दौरान अकाली दल ने गुरप्रीत सिंह सेखों समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों का समर्थन किया था। कुछ इलाकों में उसके समर्थक चुनाव लड़ रहे थे, वहां उसने अपने उम्मीदवार नहीं उतारे थे। विरोधी उम्मीदवारों की शिकायत पर गुरप्रीत सेखों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 126 और 170 के तहत गिरफ्तार भी किया गया था। 5 दिन बाद उसे जमानत मिल गई थी।  

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पहले रजनीश दहिया से दुश्मनी, अब कैसे होगी दोस्ती?

गुरप्रीत सिंह सेखों ने खुलकर AAP और स्थानीय विधायक रजनीश दहिया की आलोचना की थी, लेकिन पिछले कुछ महीनों में उसका रुख बदलना शुरू हुआ। वह कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से मुख्यमंत्री भगवंत मान की तारीफ करते नजर आया। पिछले साल उसने एलान किया था कि वह भी 2027 के चुनाव में निर्दलीय उतरेगा। बिना किसी सीट का नाम लिए 2027 के चुनाव निर्दलीय लड़ने का ऐलान किया था। अब जीरा विधानसभा सीट पर AAP में ही टकराव बढ़ सकता है। यहां से नरेश कटारिया विधायक हैं।

कौन है गुरप्रीत सेखों?

गुरप्रीत सेखों के खिलाफ अब तक कुल 47 मामले दर्ज हो चुके हैं। वह नवंबर 2016 के नाभा जेलब्रेक केस के आरोपियों में शामिल था। हथियारबंद हमलावरों के एक समूह ने हाई-सिक्योरिटी जेल पर हमला बोल दिया था। सेखों समेत 6 कैदी फरार हो गए थे, दो आतंकी भी गायब हो गए थे।  फरवरी 2017 में उन्हें फिर से गिरफ्तार किया गया था। 22 नवंबर 2023 से वह इस मामले में जमानत पर बाहर हैं। गुरप्रीत का नाम साल 2015 में गैंगस्टर सुखा काहलवां की हत्या के मामले में भी सामने आया था, जिन्हें पुलिस हिरासत में ले जाते वक्त गोली मारी गई थी। सेखों, गैंगस्टर शेरा खुबन और विक्की गौंडर से भी जुड़ा भी रहा है।

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अतीत भूल पाएगी जनता?

गुरप्रीत सिंह सेखों के समर्थकों का कहना है कि वह अपराध की दुनिया से बाहर आ चुका है, अब सामाजिक कार्यों में जुटा है। वह गरीब परिवारों की बेटियों की शादी कराता है, सड़कें बनवाता है, बाढ़ के दौरान राशन, पशु चारा और राहत सामग्री बंटवाता है। उसके खिलाफ नए मामले नहीं दर्ज हो रहे हैं। 

 

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