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पहले बगावत फिर ममता के सामने सरेंडर, TMC के विधायक कासिम सिद्दीकी कौन हैं?

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस कई धड़े में बंट गई है। विधानसभा में ही TMC के दो अलग-अलग गुट हैं। एक ममता बनर्जी की टीम है, दूसरी ऋतबत बनर्जी की।

Mamata Banerjee Kasem Siddiqee

ममता बनर्जी और कासिम सिद्दीकी। AI Edit: Photo Credit: ANI

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पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के अंदर चल रही खींचतान के बीच एक और बड़ा बदलाव देखने को मिला है। आमडांगा से विधायक कासिम सिद्दीकी ने फिर
पलटी मार ली है। पहले वह ममता बनर्जी से बगावत कर ऋतब्रत बनर्जी के साथ हो गए। अब एक बार फिर उन्होंने ममता बनर्जी के खेमे में लौटने का एलान किया है।

कासिम सिद्दीकी कुछ महीने पहले ऋत बनर्जी के नेतृत्व वाले विद्रोही गुट में शामिल हुए थे। कासिम सिद्दीकी ने साफ कहा कि वह हमेशा ममता बनर्जी के साथ रहे हैं और आगे भी उनके नेतृत्व में ही रहेंगे। उन्होंने बताया कि विद्रोही गुट में शामिल होते समय उन्हें यह समझाया गया था कि सब कुछ दीदी के नेतृत्व में ही चलेगा, लेकिन बाद में उन्होंने देखा कि वहां ममता बनर्जी का कोई जिक्र ही नहीं था। 

यह भी पढ़ें: TMC में शुरू हुई 'हम फर्स्ट, हम फर्स्ट की रेस', दोनों धड़ों ने बनाए अपने अध्यक्ष

कासिम सिद्दीकी, विधायक, TMC:-
यह ऋतब्रत बनर्जी का गुट नहीं था। हमें बताया गया था कि हम सभी दीदी के साथ हैं। हमें पता नहीं था कि ऋतब्रत अलग हैं। हम सभी दीदी के साथ थे, इसलिए जो भी कहा गया, हमने उसे माना। बाद में हमें एहसास हुआ कि इसका दीदी से कोई लेना-देना नहीं था। हमें सिर्फ एक बार मीटिंग के लिए बुलाया गया था। मैंने उनकी तस्वीर का इस्तेमाल करके वोट के लिए प्रचार किया। लोगों ने उनकी तस्वीर देखकर मुझे वोट दिया। मैं दीदी के साथ हूं, और जब तक मैं सक्रिय हूं, मैं दीदी के साथ ही रहूंगा।

ममता मजबूत हो रही हैं?

कासिम सिद्दीकी की वापसी ऐसे वक्त हुई है, जब तृणमूल में विपक्ष के नेतृत्व को लेकर विवाद चल रहा है। ममता बनर्जी गुट का दावा है कि ममता बनर्जी गुट, एक बार फिर विधानसभा में मजबूत हो रहा है, सारे बागी लौटेंगे। विद्रोही गुट स्पीकर के फैसले को चुनौती दे रहा है और फ्लोर टेस्ट की मांग कर रहा है। 

पार्टी के विधायक कुणाल घोष ने कहा है कि स्पीकर का फैसला अस्थायी है और असली अधिकार मूल पार्टी के पास है। उन्होंने विद्रोही गुट पर आरोप लगाया कि वे पार्टी तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। कुणाल घोष ने कहा कि अगर फ्लोर टेस्ट होता है तो वह गुप्त मतदान से होना चाहिए।

 

 

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कौन हैं मोहम्मद कासिम सिद्दीकी?

कासिम सिद्दीक हुगली जिले के फुरफुरा शरीफ से आते हैं। उनका मुस्लिम समुदाय में काफी प्रभाव माना जाता है। पिछले साल वह तृणमूल में शामिल हुए थे और पार्टी ने आमडांगा से चुनाव लड़वाया था। उन्होंने जीत हासिल की थी। वह उत्तर 24 परगना जिले में मजबूत पकड़ रखते हैं । मोहम्मद कासिम सिद्दीकी की शैक्षणिक योग्यता स्नातकोत्तर है। 

राजनीति में आने से पहले उन्होंने अपना पेशा जनसेवा बताया था। चुनावी हलफनामे में मोहम्मद कासिम सिद्दीकी ने अपनी कुल संपत्ति 69.9 लाख रुपये बताई थी। उन पर 10.3 लाख रुपये का कर्ज है। मोहम्मद कासिम सिद्दीकी ने अपनी वार्षिक आय शून्य घोषित की है। उनके खिलाफ कई केस दर्ज हैं। 

 


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