पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार की विदाई होते ही पार्टी में टूट पड़ गई है। 50 से ज्यादा विधायकों ने ममता बनर्जी से अलग रुख अपना लिया है। तृणमूल कांग्रेस के नेता बाबुल सुप्रियो ने यह जताया है कि पार्टी के दूसरे नेताओं का रुख कैसा भी हो, वह हमेशा ममता बनर्जी के साथ रहेंगे। वह बुरे वक्त में ममता बनर्जी के साथ रहेंगे।
बाबुल सुप्रियो ने उन नेताओं पर जमकर निशाना साधा, जो कभी तृणमूल सुप्रीमो के करीब आने के लिए होड़ करते थे, लेकिन पार्टी के सत्ता से बाहर होने के बाद अब उनका साथ छोड़ रहे हैं।
बाबुल सुप्रियो ने कहा, 'जिन निर्वाचित प्रतिनिधियों ने उस पार्टी के खिलाफ विद्रोह किया है जिसके चुनाव चिह्न पर वे चुने गए थे, उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए और नया जनादेश मांगना चाहिए। उन्होंने कई बागी विधायकों पर तीखा हमला किया।'
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'बागी नेता आस्तीन के सांप'
बाबुल सुप्रियो ने करीब एक दिन पहले तृणमूल कांग्रेस के बाकी नेताओं को सांप करार दिया था, उनकी कड़ी आलोचना की थी। बाबुल सुप्रियो ने बीते दो दिनों में फेसबुक पर दो लंबी पोस्ट लिखकर, ममता बनर्जी के प्रति अपना समर्थन दर्ज कराया है। उन्होंने बागी नेताओं पर हमला किया। उन्होंने यह साफ किया है कि फिलहाल वह पार्टी नहीं छोड़ रहे हैं।
बाबुल सुप्रियो, नेता, तृणमूल कांग्रेस:-
हालात चाहे जो भी हों, मैं दीदी के साथ हूं। जो नेता अब ममता बनर्जी की आलोचना कर रहे हैं, वे एक समय तृणमूल के सत्ता में रहने के दौरान पद और लाभ हासिल करने के लिए कुछ भी करने को तैयार थे। वही लोग अब उन्हें धोखा दे रहे हैं। लोगों ने उस नेता को छोड़ दिया है जिसने उनके राजनीतिक करियर को बनाने में मदद की थी।
सुप्रियो ने किसी का नाम लिए बिना एक बागी नेता को इंसान के वेश में एक सांप बता दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी का विरोध करने वाले कई लोग भ्रष्टाचार और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग से जुड़े होने के बावजूद राजनीतिक रूप से फले-फूले हैं।
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बाबुल सुप्रियो:-
दीदी ने निश्चित रूप से इनमें से कुछ लोगों के खिलाफ अधिक सख्ती से कार्रवाई न करके एक गंभीर गलती की है।
राजनीति से संन्यास पर क्या बोले बाबुल सुप्रियो?
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने याद किया कि कैसे उन्होंने 22 साल की उम्र में एक सुरक्षित कॉर्पोरेट करियर छोड़कर संगीत में अपना करियर बनाया और स्थिरता के बजाय अनिश्चितता को चुना। उन्होंने 2021 में भारतीय जनता पार्टी को नाटकीय रूप से छोड़ने और तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने की परिस्थितियों को भी याद किया।
सुप्रियो के मुताबिक बीजेपी के भीतर हो रहे घटनाक्रम से निराश होकर उन्होंने लगभग राजनीति छोड़ने का फैसला कर लिया था और मुंबई लौटकर संगीत पर ध्यान केंद्रित करने की तैयारी कर रहे थे, तभी तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डेरेक ओ ब्रायन उनसे दिल्ली में मिलने आए।
ब्रायन ने ममता बनर्जी का यह संदेश दिया कि वह नहीं चाहतीं कि वह रिटायरड हर्ट हो जाएं और उनका मानना था कि वह राजनीति के माध्यम से बंगाल के लोगों की सेवा करना जारी रख सकते हैं।
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'ईडी रेड से नहीं डरते हैं बाबुल सुप्रियो'
बाबुल सुप्रियो ने यह भी बताया कि ममता बनर्जी ने एक सांसद के रूप में उनकी राजनीतिक सीमाओं से ऊपर उठकर विकास परियोजनाओं को सुगम बनाने के प्रयासों की सराहना की थी, जिसमें पूर्व-पश्चिम मेट्रो परियोजना से संबंधित मामले भी शामिल थे।
सुप्रियो ने दावा किया कि उन्होंने कभी कोई गलत काम नहीं किया है और इसलिए उन्हें ED, CBI) या आयकर विभाग जैसी एजेंसियों से डरने का कोई कारण नहीं है।
बीजेपी से तल्ख नहीं हैं बाबुल सुप्रियो के रिश्ते
बाबुल सुप्रियो ने ममता बनर्जी का बचाव करने के साथ ही राजनीतिक विरोधियों के प्रति सुलह का रुख अपनाया है। उन्होंने दावा किया कि ज्यादातर बीजेपी नेताओं के साथ उनके निजी रिश्ते दुरुस्त बने हुए हैं। हाल के दिनों में सुप्रियो के राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रही थी।
कैसा रहा है बाबुल सुप्रियो का राजनीतिक करियर?
बाबुल सुप्रियो, बीजेपी सरकार में केंद्रीय मंत्री रहते हैं। सुप्रियो का राजनीतिक सफर बीजेपी सांसद और केंद्रीय मंत्री से लेकर तृणमूल नेता, तृणमूल सरकार में मंत्री और राज्यसभा सदस्य तक का रहा है। फिलहाल वह तृणमूल कांग्रेस नहीं छोड़ेंगे।