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'मीम और रील तक सिमट गए हैं राहुल गांधी...', BJP के निशाने पर क्यों नेता विपक्ष?

भारतीय जनता पार्टी की सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा है कि राहुल गांधी सिर्फ मीम और रील तक सिमटकर रह गए हैं। क्यों उन्होंने ऐसा कहा, मुद्दा क्या है, पढ़ें रिपोर्ट।

Bansuri Swaraj vs Rahul Gandhi

बांसुरी स्वराज और राहुल गांधी। AI Edit। Photo Credit: PTI

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भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राहुल गांधी के 'स्मैश द पेट्रियार्की' नारे की आलोचना की है। राहुल गांधी ने 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में यह नारा दिया था, जो बीजेपी नेताओं को रास नहीं आई है। राहुल गांधी ने कहा था कि महिलाओं को पितृसत्तात्मक ढांचे से बाहर निकलने की जरूर है, उनकी पहचान वे खुद हैं, पुरुष नहीं। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से लेकर सांसद बांसुरी स्वराज तक ने इस बयान की आलोचना की है।
 

राहुल गांधी ने मनुस्मृति की भी आलोचना की थी। बीजेपी नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी सिर्फ मीम और रील की बात करते हैं, जमीनी मुद्दों पर वह बात नहीं करते हैं। बीजेपी ने राहुल गांधी के महिला सशक्तीकरण से जुड़े उनके रिकॉर्ड को लेकर भी सवाल उठाए। 

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राहुल गांधी ने कहा क्या था?

राहुल गांधी ने कहा था कि महिलाएं अपनी खुद की मालिक हैं, न कि अपने पिता, पति या बेटों की। उन्होंने मनुस्मृति की इस बात को शर्मनाक बताया कि महिला को जीवन के हर चरण में किसी न किसी पुरुष रिश्तेदार के अधिकार में रहना चाहिए।

बीजेपी क्यों हमलावर है?

बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि राहुल गांधी एक गलत विमर्श गढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि न तो उनके पास कोई नजरिया है और न ही कोई सकारात्मक एजेंडा।

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'मीम और रील के लिए बयान देते हैं राहुल गांधी'

बांसुरी स्वराज, सांसद, बीजेपी:-
राहुल गांधी जी के पास न तो कोई दृष्टिकोण है और न ही कोई सकारात्मक एजेंडा। इसलिए उनकी शोध टीम कागज की पर्ची पर जो कुछ भी लिखकर उन्हें दे देती है, वे उसी का इस्तेमाल युवाओं और देश के मतदाताओं को गुमराह करने के लिए करते हैं। यह विपक्ष के नेता को शोभा नहीं देता। ऐसा लगता है कि राहुल गांधी अब सिर्फ मीम और रील के लिए बयान देते हैं।

मेलोनी पर भी घिरे हैं राहुल गांधी 

बांसुरी स्वराज ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बारे में गांधी के कथित बयानों को लेकर भी उन पर हमला किया और कहा कि ये बातें नेता प्रतिपक्ष के लिहाज से अशोभनीय थीं। सुषमा स्वराज ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर कांग्रेस के रुख को लेकर भी हमला बोला, जिसमें लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है।

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गिरिराज सिंह ने क्या बताया?

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, 'स्मैश द पेट्रियार्की' तब होगा, जब राहुल गांधी इन महिलाओं के बाल काट रहे इस मुल्ले की दाढ़ी काटने का हक मुस्लिम महिलाओं को दिला दे।'

 

 

 'स्मैश द पेट्रियार्की' गले की फांस बना?

बांसुरी स्वराज, सांसद, बीजेपी:-
राहुल गांधी जी महिलाओं को केवल मतदान केंद्रों पर वोट देने वाली मतदाता तक सीमित रखना चाहते हैं। वह नहीं चाहते कि भारत की बेटियां देश के भविष्य को आकार देने वाली बनें। वह मनुस्मृति संबंधी सोच की बात करते हैं। मैं राहुल गांधी जी से कहना चाहती हूं कि आप चुनिंदा आक्रोश दिखा रहे हैं। हमारा संविधान सभी धर्मों के प्रति समान सम्मान की सीख देता है। राहुल गांधी जी निश्चित रूप से संविधान दिखाते हैं, लेकिन उसे खोलकर पढ़ने की जहमत कभी नहीं उठाते। यह चुनिंदा आक्रोश क्यों? आपका पितृसत्ता को खत्म करने का अभियान धर्म के आधार पर अपना रंग क्यों बदल लेता है?

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बांसुरी स्वराज ने और क्या कहा?

बांसुरी स्वराज ने कहा, '22 अगस्त को विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देश में एक नया झूठा नैरेटिव बनाने की कोशिश की। वह 'पितृसत्ता को खत्म करने' की बात करते हैं - एक ऐसी सोच जिसका मैं पूरी तरह समर्थन करती हूं। हालांकि, मैं राहुल गांधी से पूछना चाहती हूं, क्या आप 'पितृसत्ता को खत्म करने' का नारा सिर्फ पुणे के मंच तक ही सीमित रखते हैं? और क्या आप अपनी कांग्रेस पार्टी के अंदर राजनीतिक पितृसत्ता को बढ़ावा देते रहते हैं?'

बांसुरी स्वराज ने कहा, 'राहुल गांधी के पास न तो कोई विजन है और न ही कोई सकारात्मक एजेंडा। नतीजतन, वह अपनी रिसर्च टीम द्वारा दिए गए नोट्स का इस्तेमाल करके देश के युवाओं और सम्मानित मतदाताओं को गुमराह करने की कोशिश करते हैं।  आइए कांग्रेस पार्टी के रिपोर्ट कार्ड पर नज़र डालें। आखिरकार, अगर कोई सच में पितृसत्ता को खत्म करना चाहता है, तो राहुल गांधी को इसकी शुरुआत कांग्रेस पार्टी से ही करनी चाहिए।'

बांसुरी स्वराज ने कहा, 'राहुल गांधी ने 22 अगस्त को पुणे के मंच पर यह बयान दिया; फिर भी, ठीक 10 दिन पहले, उन्होंने एक महिला प्रधानमंत्री, खास तौर पर हमारे मित्र देश इटली की मौजूदा प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी पर किए गए एक भद्दे मजाक में हिस्सा लिया था। यह लॉकर रूम में लड़कों की बातचीत सुनने जैसा था। उन्होंने सोशल मीडिया पर चर्चा बटोरने के लिए सस्ते इशारों और सनसनीखेज बातों का सहारा लिया।'

 


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