logo

मूड

ट्रेंडिंग:

लाल से नीला क्यों होगा सपा की छात्र सभा का रंग? नए ड्रेस कोड की वजह समझिए

अखिलेश यादव अपने छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं को नया यूनिफॉर्म कोड तय करने वाले हैं। क्या है यह नई कवायद, क्यों हो रहा है ऐसा, पढ़े रिपोर्ट।

Akhilesh Yadav support Mohan Yadav

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, Photo Credit: ANI

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

समाजवादी पार्टी (SP) अपने छात्र संगठन समाजवादी पार्टी छात्र सभा के लिए लाल रंग की जगह नीला यूनिफॉर्म लाने की तैयारी कर रही है। अखिलेश यादव मंगलवार को इसकी घोषणा कर सकते हैं। उत्तर प्रदेश में नीला रंग लंबे समय से दलित-आंबेडकरवादी राजनीति से जुड़ा माना जाता है। 

राज्य की दो दलित केंद्रित पार्टियां और बहुजन समाज पार्टी और आजाद समाज पार्टी (कांशी राम), नीले रंग को अपनी पहचान बना चुकी हैं। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक अब समाजवादी पार्टी भी अपने छात्र विंग के लिए नीला ड्रेस कोड लागू कर सकती है। कई लोग इसे युवाओं, खासकर दलित युवाओं से जुड़ने की कोशिश मान रहे हैं।

यह भी पढ़ें: UP में सपा का साथ देगी CJP? अखिलेश यादव से बंद कमरे में मिले आशुतोष रांका

समाजवादी पार्टी क्यों 'नीली वर्दी' पर दे रही जोर?

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी 'पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक' (PDA) एजेंडे पर जोर दे रही है। पार्टी अपने फ्रंटल युवा संगठनों, जैसे समाजवादी पार्टी युवजन सभा, लोहिया वाहिनी, आंबेडकर वाहिनी और छात्र सभा को अलग-अलग पहचान देने की कवायद कर रही है। 

जेन जी और जेन अल्फा के मुद्दों पर फोकस बढ़ाने की कोशिश भी चल रही है। एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि पार्टी के कई युवा संगठन हैं, इसलिए हर यूनिट की भूमिका और पहचान साफ करने की जरूरत है। नया ड्रेस कोड इसी दिशा में एक कदम है।

यह भी पढ़ें: अखिलेश ने डिंपल को उतारा, जयंत के लिए मैदान में उतरीं चारू चौधरी

BJP ने क्या कहा है?

भरतीय जनता पार्टी (BJP) प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि रंग बदलने से उनके कामों के दाग नहीं मिटेंगे। उन्होंने समाजवादी पार्टी के दलित मुद्दों पर खराब रिकॉर्ड और पूर्व मंत्री आजम खान की भीम राव आंबेडकर पर की गई टिप्पणियों का हवाला दिया। उनका कहना है कि समाजवादी पार्टी,  रंग बदलकर दलित वोटरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

PDA पाठशाला को दी जा रही दिशा?

समाजवादी पार्टी पहले से सरकारी स्कूलों की खराब हालत के खिलाफ अभियान चला रही है। पार्टी ने करीब 26 हजार प्राथमिक स्कूलों के बंद होने का मुद्दा उठाया है। ऐसे संस्थानों में 'पीडीए पाठशालाएं' भी आयोजित की हैं। यह अभियान अब युवा मतदाताओं की समस्याओं और आकांक्षाओं से जुड़ने वाले बड़े प्रयास का हिस्सा बन सकता है। 

यह भी पढ़ें: 'P से पहली बार हारे...', अखिलेश यादव के 'PDA' की क्या परिभाषा बता रहे OP राजभर?

क्यों अचानक लिया जा रहा है फैसला?

सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को घोषणा करेंगे और जेन जी और जे न अल्फा के लिए योजनाएं बताएंगे। यह कदम अखिलेश यादव की कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक और प्रवक्ता आशुतोष रांका से लखनऊ में मुलाकात के कुछ दिन बाद आया है। 

मुलाकात सुर्खियों में रही। समाजवादी पार्टी ने शिक्षा के मुद्दे पर कॉकरोच जनता पार्टी का साथ दिया था। समाजवादी नेताओं का कहना है कि नीला ड्रेस कोड मुख्य रूप से पार्टी की अपनी संगठनात्मक और राजनीतिक पहुंच का हिस्सा है। अखिलेश यादव पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यको को साथ लेकर चलना चाहते हैं।


और पढ़ें