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BJP की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में यूपी का दबदबा? अटकलें क्या हैं?

महेंद्र सिंह,हरीश दिवेदी, विजय बहादुर पाठक, अशोक कटारिया, श्रीकांत सहित 9 लोगों को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह मिल सकती है। पढ़ें रिपोर्ट।

Yogi Adityanath and Narendra Modi BJP

योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी। Photo Credit: NarendraModi/X

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भारतीय जनता पार्टी (BJP) पश्चिम बंगाल और असम समेत तीन राज्यों में भगवा लहराने में सफल रही है। अब पार्टी उत्तर प्रदेश का किला फतह करने की पूरी तैयारी कर रही है। इसी क्रम में बीजेपी ने जातीय समीकरण को ध्यान में रखते हुए 10 मई को मंत्रिमंडल विस्तार किया। इसमें 6 नए मंत्रियों को शपथ दिलाई गई और दो मंत्रियों को प्रमोशन दिया गया।

प्रदेश के अनुभवी नेताओं को राष्ट्रीय संगठन में भेजने और युवा नेताओं को प्रदेश संगठन में जगह देने की रणनीति बनाई गई है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने संगठन में बदलाव को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ बैठक की है। 

प्रदेश स्तर पर भी बैठकें हो चुकी हैं और बदलाव की सूची तैयार कर ली गई है।टीम योगी के 4 से 5 चेहरों को प्रदेश संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है। इनमें कुछ ऐसे मंत्री भी शामिल हो सकते हैं जिनकी रिपोर्ट संतोषजनक नहीं रही, लेकिन वे संगठन के लिए उपयोगी हैं और जातीय समीकरण साधने में सही माने जाते हैं।

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राष्ट्रीय कार्यकारिणी में किन्हें जगह मिल सकती है?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के करीबी डॉ. महेंद्र सिंह, असम चुनाव के रणनीतिकार पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी, राज्यसभा सांसद अमर पाल मौर्य, गुर्जर चेहरा अशोक कटारिया, वैश्य समाज के बड़े नेता एमएलसी अनूप गुप्ता, एमएलसी और ब्रज क्षेत्र प्रभारी संतोष सिंह, एमएलसी व प्रदेश उपाध्यक्ष विजय बहादुर पाठक, एमएलसी व वाराणसी प्रभारी अश्विनी त्यागी और हिमाचल प्रदेश प्रभारी पूर्व ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल किए जाने की चर्चा जोरों पर है।

किन चेहरों में हो सकता है बदलाव?

राष्ट्रीय महासचिव पद पर अरुण सिंह या मोहन दास अग्रवाल में से किसी एक को हटाया जा सकता है या नई जिम्मेदारी दी जा सकती है। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तारिक मंसूर, रेखा वर्मा और लक्ष्मीकांत वाजपेयी की जगह नए चेहरों को मौका मिलने की संभावना है। राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेश अग्रवाल की उम्र ज्यादा होने के कारण उनके स्थान पर नए विकल्प की तलाश की जा रही है। 

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जातीय समीकरण साधे जाएंगे?

भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यकारिणी में नए महामंत्रियों, उपाध्यक्षों और मंत्रियों की नियुक्ति के साथ ही छह क्षेत्रीय अध्यक्षों को भी बदला जाएगा। क्षेत्रीय अध्यक्षों के चयन में जातीय समीकरण को खास ध्यान दिया गया है। पश्चिम क्षेत्र में गुर्जर और वैश्य समीकरण पर ज्यादा फोकस है। अवध क्षेत्र में ब्राह्मण, ब्रज क्षेत्र में शाक्य और लोधी समाज के नेता को मौका दिया जा सकता है। वाराणसी क्षेत्र के नाम पर दिल्ली से मंजूरी ली गई है। वहीं गोरखपुर क्षेत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सहमति को महत्व दिया जा रहा है।भारतीय जनता पार्टी इन बदलावों के जरिए यूपी में अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है।


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