डर एक ऐसी भावना है, जिसकी वजह से लोग सत्य की राह पर चलना छोड़ सकते हैं। कई लोग डर के कारण सही फैसला लेने की क्षमता खो बैठते हैं। धार्मिक जानकारों के मुताबिक, डर की भावना व्यक्ति को कायर बना देती है। एक बहादुर व्यक्ति ही सच का साथ देता है या सत्य की राह पर चल पाता है। डरपोक व्यक्ति सच की जगह झूठ की राह अपना लेता है। कुछ ऐसा ही ईसा मसीह के प्रिय शिष्य पीटर उर्फ पतरस के साथ हुआ था। पीटर डर की वजह से झूठ बोले थे, जिसके बाद वह ईसा मसीह का विश्वास खो बैठे थे।
बाइबल के मुताबिक, जब ईसा मसीह ने कई लोगों को सत्य की राह पर चलना सिखाया था, तो यही शिक्षा उन्होंने अपने शिष्यों को भी दी थी। जबकि ईसा मसीह के शिष्य पीटर इस सीख में चूक गए थे। बाइबल की कहानी के मुताबिक, पीटर ने जोश में आकर ईसा मसीह से वादा किया था। पीटर ने ईसा मसीह से वादा किया कि वह कभी उनका साथ नहीं छोड़ेंगे, जबकि डर की वजह से उन्होंने अपना वादा तोड़ दिया और ईसा मसीह का साथ छोड़ दिया। हालांकि, जल्द ही पीटर को अपनी गलती का पछतावा हुआ, तो उन्होंने ईसा मसीह से माफी मांगी थी। आइए जानते हैं किस वजह से पीटर ने ईसा मसीह का साथ छोड़ा था।
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पीटर ने तोड़ा वादा
एक बार पीटर, ईसा मसीह के साथ गतसमनी के बाग में थे, जहां पीटर ने कहा था कि वह कभी ईसा मसीह का साथ नहीं छोड़ेगा। वहां पीटर ने कहा, 'हे प्रभु, मैं आपके साथ जेल और मृत्यु तक जाने को तैयार हूं।' तभी ईसा मसीह ने उससे कहा, 'मुर्गे की बांग देने से पहले तुम तीन बार मुझे अपना गुरु मानने से इनकार कर दोगे।'
बाइबल के अनुसार, एक बार दुश्मन सैनिकों ने ईसा मसीह को पकड़ लिया था। तब पीटर दूसरों लोगों के बीच छिपकर केवल ईसा मसीह को देख रहा था, न कि उन्हें बचाने की कोशिश कर रहा था। जब दुश्मन सैनिक ईसा मसीह को दरबार में ले गए थे, तो उस दौरान भी पीटर दरबार में खड़ा था, लेकिन उसने ईसा मसीह का साथ नहीं दिया। इस दौरान पीटर पर डर की भावना हावी हो गई थी, जिस वजह से वह अपने प्रिय गुरु का साथ नहीं दे पाया।
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पीटर ने डर के मारे बोला झूठ
दुश्मनों के दरबार में मौजूद एक लड़की ने पूछा कि क्या वह ईसा मसीह का शिष्य है, तो पीटर ने तुरंत इनकार कर दिया। इसके बाद पीटर आग के पास खड़ा हो गया।वहां मौजूद कुछ लोगों ने पूछा, 'क्या तुम ईसा मसीह के शिष्य हो?' तो पीटर ने दूसरी बार जवाब दिया, “मैं नहीं हूं।” इसके बाद जब तीसरी बार कुछ और लोगों ने पीटर से यही सवाल किया, तब भी उसने वही जवाब दिया था।
ईसा मसीह के सामने बोला झूठ
जब पीटर की नजर ईसा मसीह से मिली, तो उसे ईसा मसीह की भविष्यवाणी याद आ गई। जब ईसा मसीह ने कहा था कि तुम तीन बार मुझे अपना गुरु मानने से इनकार करोगे। इस वाक्य को याद कर पीटर रोने लगा।
पीटर की यह कहानी मानव स्वभाव की सच्ची तस्वीर को दिखाती है। जब इंसान खतरे और डर का सामना करता है, तो वह कई बार वादा तोड़ने पर मजबूर हो जाता है।