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जीवन में धोखा नहीं खाना चाहते? तो गरुड़ पुराण से समझिए फर्जी दोस्तों की पहचान

गरुड़ पुराण ग्रंथ में कई ऐसी बातें बताई गई हैं, जिन्हें अपनाकर व्यक्ति अपने जीवन की समस्याओं को कम कर सकता है। गरुड़ पुराण में फर्जी दोस्तों की कुछ पहचान बताई गई है, जो सिर्फ हमारे दोस्त होने का छलावा करते हैं।

 Garuda Purana

प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit- Gemini

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हम कई बार उन लोगों को दोस्त मान लेते हैं, जो हकीकत में हमारे दोस्त नहीं होते। वे कहीं न कहीं हमसे ईर्ष्या रखते हैं और हमारा बुरा चाहते हैं। ऐसे दोस्त अक्सर बुरे समय में किसी भी व्यक्ति को धोखा देते हैं। ऐसे दोस्तों से धोखा मिलने के बाद व्यक्ति बेहद निराश और दुखी महसूस करता है। ऐसी स्थिति में न सिर्फ उसे दुख होता है, बल्कि दूसरे दोस्त बनाने में भी उसे परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे दोस्तों की पहचान करने के लिए गरुड़ पुराण में कई बातें बताई गई हैं, जिन्हें जानकर व्यक्ति फर्जी दोस्तों की पहचान कर सकता है।

 

सनातन धर्म में कई ऐसे धर्म ग्रंथ हैं, जिनमें बताए गए श्लोक, प्रसंग और कहानियां पढ़कर जीवन जीने की सीख मिलती है। हिंदू धर्म में 18 महापुराण हैं, जिनमें से एक गरुड़ पुराण है। इसमें व्यक्ति के जीवन चक्र से जुड़ी कई बातें बताई गई हैं। इसके अलावा गरुड़ पुराण में फर्जी या धोखा देने वाले दोस्तों के लक्षण भी बताए गए हैं, जिन्हें जानकर व्यक्ति जीवन में धोखा खाने से बच सकता है। अब सवाल उठता है कि फर्जी दोस्तों की पहचान क्या है?

 

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क्या है फर्जी दोस्तों की पहचान?

 

1. पीठ पीछे बुराई करने वाले-जो दोस्त व्यक्ति के सामने हमेशा उसकी बढ़ाई करते हैं, उसकी गलतियां भी नहीं बताते और दूसरों के सामने उसकी बुराई करते हैं। साथ ही उसके बने-बनाए काम भी बिगाड़ते हैं। ऐसे लोगों से व्यक्ति को दूर रहना चाहिए क्योंकि वे बुरे समय में भरोसा तोड़ देते हैं। गरुड़ पुराण में ऐसे लोगों की तुलना जहर से की गई है।


2. स्वार्थी लोग-जो लोग अपना काम निकलवाने के लिए आपके करीब आते हैं और काम पूरा होते ही मुंह मोड़ लेते हैं। जब व्यक्ति उनसे मदद मांगता है, तो वे सहयोग करने से इनकार कर देते हैं और दूरी बना लेते हैं।


3. झूठी तारीफ करने वाले-जो हमेशा आपकी बातों से सहमति जताते हैं और आपको सही राह नहीं दिखाते। ऐसे दोस्त आपकी गलतियों को सुधारने के बजाय उन्हें बढ़ावा देते हैं।

 

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4. संकट में साथ छोड़ने वाले-यही दोस्ती की सबसे बड़ी कसौटी है। जब कोई दोस्त आपको बुरे समय में छोड़ दे, तो समझ लीजिए कि वह व्यक्ति कभी आपका सच्चा दोस्त नहीं था।


5. धन-संपत्ति का घमंड-गरुड़ पुराण में बताया गया है कि जो लोग अपने धन-संपत्ति का अभिमान करते हैं और दूसरों को उनकी आर्थिक स्थिति देखकर दोस्त बनाते हैं, उनसे कभी दोस्ती नहीं करनी चाहिए क्योंकि ऐसे लोग हकीकत में किसी के सच्चे दोस्त नहीं होते।

 

नोट- यह लेख धार्मिक ग्रंथों और मान्यताओं पर आधारित है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।


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