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 मंगल सिर्फ अमंगल ही नहीं करता है, कब संवार देता है जिंदगी? लाल किताब से जानिए

लाल किताब के हिसाब से मंगल ग्रह के प्रभाव से व्यक्ति का सिर्फ अमंगल ही नहीं होता है, बल्कि इससे व्यक्ति का जीवन संवर सकता है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit- AI Generated

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ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह को बेहद प्रभावी माना जाता है। कई लोग मानते हैं कि मंगल के प्रभाव से व्यक्ति के जीवन में चुनौतियां बढ़ती हैं। साथ ही माना जाता है कि जिन लोगों की राशि में मंगल ग्रह का प्रभाव रहता है, उन लोगों का स्वभाव अग्नि के समान उग्र होता है। जिन लोगों की राशि में मंगल का प्रभाव होता है, उन्हें शादी करने से बचा जाता है। जबकि लाल किताब के अनुसार, मंगल ग्रह के प्रभाव से व्यक्ति के साथ सिर्फ अमंगल ही नहीं होता है, बल्कि इसके प्रभाव से व्यक्ति का जीवन संवर सकता है।

 

लाल किताब के अनुसार, मंगल देव को सभी ग्रहों का सेनापति माना जाता है। इस साल 18 सितंबर से मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में विराजमान रहेंगे। 12 नवंबर तक मंगल इस राशि में विराजमान रहेंगे। मंगल देव की स्थिति बदलने से सभी राशियों पर खास प्रभाव पड़ेगा। लाल किताब के हिसाब से मंगल ग्रह साहस, सेना और पराक्रम का कारक है, जिसके प्रभाव से व्यक्ति का जीवन संवर भी सकता है। आइए जानते हैं मंगल ग्रह के प्रभाव से व्यक्ति का जीवन कैसे बदल सकता है।

 

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मंगल का सकारात्मक प्रभाव

ज्योतिष ग्रंथ लाल किताब में मंगल को केवल अमंगलकारी ग्रह नहीं माना गया है। लाल किताब के हिसाब से जब मंगल ग्रह कुंडली के ऐसे भावों में स्थापित हो, तब व्यक्ति की किस्मत चमक सकती है। मंगल ग्रह व्यक्ति को रंक से राजा बनाने और जीवन के हर क्षेत्र में विजय दिलाने की ताकत रखता है। ज्योतिष शास्त्र के हिसाब से जब कुंडली में मंगल ग्रह शुभ स्थिति में हो, तो उसे नेक मंगल कहा जाता है। जबकि मंगल ग्रह नकारात्मक स्थान पर विराजित हो, तो उसे बद मंगल कहा जाता है। अब सवाल उठता है कि नेक मंगल की पहचान क्या है।

 

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, नेक मंगल के प्रभाव से व्यक्ति का जीवन संवर जाता है। लाल किताब के अनुसार, सूर्य और मंगल एक साथ कुंडली में विराजमान हों तो व्यक्ति की समाज में ठाठ-बाट बढ़ जाती है। साथ ही जब बृहस्पति और मंगल एक साथ हों, तब व्यक्ति का ज्ञान और निर्णय लेने की क्षमता बेहतर होती है। इसके अलावा जब मंगल कुंडली के पहले, तीसरे और पांचवें भाव में बैठा हो, तब व्यक्ति पर मंगल ग्रह का सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

 

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मंगल से संवर जाता है जीवन

लीडरशिप क्वालिटी- जिन लोगों पर मंगल का सकारात्मक प्रभाव रहता है, उनका स्वभाव निडर होता है। ऐसे लोगों में संकटों से जूझने की क्षमता होती है।

बढ़ती है संपत्ति- जब व्यक्ति पर मंगल का शुभ प्रभाव पड़ता है, तब व्यक्ति की अचानक धन-दौलत और पैतृक संपत्ति बढ़ सकती है।

रिश्ते होते हैं मजबूत- कुंडली में शुभ मंगल होने पर व्यक्ति के अपने भाइयों और परिवार के रिश्तों में मजबूती आती है। मंगल के प्रभाव से व्यक्ति को अच्छे दोस्तों का साथ भी मिलता है।

 

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पॉजिटिव ऊर्जा- मंगल के सकारात्मक प्रभाव से व्यक्ति में ऊर्जा सकारात्मक हो सकती है। साथ ही व्यक्ति पॉजिटिव महसूस कर सकता है, जिसके प्रभाव से व्यक्ति बीमार नहीं पड़ता है।

नोट- यह लेख ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।

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