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क्या है पंचबलि परंपरा? पितरों से जुड़ी इस प्रथा का रहस्य जानें

इस साल सितंबर के आखिरी हफ्ते में पितृ पक्ष की शुरुआत होगी। इस दौरान कई लोग पंचबलि परंपरा निभाते हैं। पितरों से जुड़ी पंचबलि प्रथा के बारे में अगर आप नहीं जानते हैं, तो यहां जान लीजिए।

 Panchabali tradition

प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit- AI Generated

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सनातन धर्म में पितृ पक्ष का बेहद खास महत्व है, जिस दौरान सभी लोग अपने पूर्वजों के प्रति प्रेम, सम्मान और श्रद्धा भाव को जाहिर करते हैं। इस साल पितृ पक्ष की शुरुआत 26 सितंबर से होने वाली है, जो कुछ दिनों बाद 10 अक्टूबर को खत्म हो जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार, लोगों को पितृ पक्ष के दौरान कुछ खास परंपराएं निभानी चाहिए, जिनमें पंचबलि परंपरा को खास तौर पर निभाना चाहिए। धार्मिक जानकारों का मानना है कि पंचबलि परंपरा निभाने से व्यक्ति के पितरों को शांति मिलती है। साथ ही व्यक्ति को पितरों का आशीर्वाद मिलता है।

 

पितृ पक्ष में उन्हीं लोगों को यह खास परंपरा निभानी चाहिए, जिनके पूर्वज जीवित नहीं हैं। पंचबलि परंपरा में 5 जीवों और देवताओं को भोजन खिलाया जाता है। अलग-अलग जीवों को खिलाए जाने वाले भोजन का अलग और बेहद खास महत्व होता है। धार्मिक जानकारों के मुताबिक, पितृ पक्ष के दौरान भगवान, चींटी, कुत्ता, गाय और कौए को भोजन खिलाना चाहिए। आइए जानते हैं पितृ पक्ष में इन जीवों और देवताओं को भोजन खिलाने का क्या महत्व है।

 

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क्या है भोजन खिलाने का महत्व?

 

पंचबलि परंपरा में देवता, गाय, कुत्ता, कौए और चींटियों के सामने भोजन अर्पित किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पंचबलि प्रक्रिया निभाने वाले व्यक्ति को पितरों का आशीर्वाद मिलता है। आइए जानते हैं इन्हीं जीवों को भोजन क्यों कराया जाता है।

 

 खिलाएं गाय को भोजन- धार्मिक मान्यता के अनुसार, गाय में कई देवी-देवताओं का वास माना जाता है। इसलिए माना जाता है कि गाय को भोजन खिलाने से व्यक्ति को भगवान का आशीर्वाद मिलता है। साथ ही व्यक्ति के पूर्वजों को भी शांति मिलती है।

 

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 कुत्ते को खिलाएं भोजन- कुत्ते को भोजन खिलाने से व्यक्ति को न सिर्फ पूर्वजों का आशीर्वाद मिलता है, बल्कि इससे व्यक्ति के बुरे कर्म भी नष्ट होते हैं। इसके अलावा माना जाता है कि कुत्ते को भोजन खिलाने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है।

 

कौए को भोजन देने की वजह- पंचबलि परंपरा के तहत कौए को भोजन खिलाना चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार, कौए यमदूतों से जुड़े होते हैं। इस वजह से माना जाता है कि कौए को भोजन खिलाने से अन्न का अंश पितरों तक पहुंचता है।

 

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चींटियों को खिलाएं आटा- पितृ पक्ष के दौरान व्यक्ति को चींटियों को आटा खिलाना चाहिए। इससे व्यक्ति का स्वभाव छोटे जीवों के प्रति संवेदनशील होता है। साथ ही माना जाता है कि चींटियां पितरों की संदेशवाहक होती हैं। इस वजह से लोगों को चींटियों को आटा खिलाना चाहिए।

 

 देवताओं के लिए भोजन-धार्मिक जानकारों के मुताबिक, व्यक्ति को भोजन का एक अंश देवताओं के लिए भी रखना चाहिए, जिससे व्यक्ति को देवताओं का आशीर्वाद मिलता है।

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