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वे मंदिर जो पहले थे गुमनाम, PM नरेंद्र मोदी के जाने के बाद हुए मशहूर

भारत में कई ऐसे मंदिर हैं, जो पहले लगभग गुमनाम थे। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन मंदिरों में दर्शन करने गए, उसके बाद देश के लाखों लोगों ने उन गुमनाम मंदिरों के बारे में जाना।

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डाट काली मंदिर और नरेंद्र मोदी, Photo Credit- AI Generated

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भारत में हजारों ऐसे मंदिर हैं, जिनकी अपनी एक अलग अहमियत है। जहां सिर्फ दर्शन करने से लोगों की सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं, लेकिन कई बार लोग उन मंदिरों के बारे में जान ही नहीं पाते हैं। कुछ ऐसे ही खास और अनसुने मंदिरों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दर्शन के लिए गए। जिसके बाद से उन मंदिरों के बारे में कई लोग जानने लगे। इन अनसुने मंदिरों में अचानक कई लोग दर्शन करने जाने लगे, जिस वजह से अब वे मंदिर प्रसिद्ध हो गए हैं।

 

इसी साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तराखंड के डाट काली मंदिर में दर्शन करने गए थे। यह मंदिर धार्मिक मान्यताओं के तहत बेहद अहम है। इसके बावजूद पहले लाखों लोग इसके बारे में नहीं जानते थे। यानी जो मंदिर पहले गुमनाम था, अब वही मंदिर मशहूर हो गया है। डाट काली मंदिर के अलावा 4 अन्य मंदिर हैं, जो पहले गुमनाम थे, फिर बाद में प्रसिद्ध हो गए। अब सवाल उठता है कि कौन से ऐसे मंदिर हैं, जो पहले गुमनाम थे और जब नरेंद्र मोदी दर्शन के लिए गए तो उसके बाद प्रसिद्ध हो गए।

 

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गुमनाम मंदिर हुए मशहूर

1. डाट काली मंदिर

इसी साल 14 अप्रैल के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तराखंड के डाट काली मंदिर में दर्शन करने गए थे। यह मंदिर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में स्थित है। यह मंदिर देहरादून के सबसे पुराने मंदिरों में से एक है। यह मंदिर बेहद खास और अहम मंदिरों में से एक है। इस मंदिर की स्थापना 1804 में हुई थी, जब पूरे देश में अंग्रेजों का राज था। स्थापना के समय मंदिर का नाम दंतकाली रखा गया था क्योंकि यहां मां काली के रौद्र रूप की पूजा की जाती है। इस रूप में मां काली के दांत दिखाई देते हैं, इसी वजह से इसका नाम दंतकाली रखा गया था।

 

तब अंग्रेज अफसर दंतकाली शब्द नहीं बोल पाते थे। दंतकाली मंदिर के बजाय डाट काली मंदिर बोलते थे। तभी से इस मंदिर का नाम डाट काली मंदिर पड़ गया। इतना पुराना और खास मंदिर होने के बावजूद कई लोग इस मंदिर के बारे में नहीं जानते थे। हालांकि, नरेंद्र मोदी के दर्शन के बाद इस मंदिर के बारे में कई लोग जानने लगे।

2. कालाराम मंदिर

कालाराम मंदिर एक ऐसा मंदिर है, जहां राम, सीता और लक्ष्मण जी की गहरी प्रतिमाएं हैं। इसी वजह से इस मंदिर को कालाराम के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर जितना भव्य है, उतना ही सुंदर भी है। हालांकि, देश-दुनिया में कई लोग ऐसे थे, जो इस मंदिर के बारे में पहले नहीं जानते थे। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 जनवरी 2024 को मंदिर के दर्शन करने गए थे, तब मंदिर की अचानक लोकप्रियता बढ़ गई थी। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, नरेंद्र मोदी ने मंदिर का दर्शन किया। उसके बाद से हजारों की संख्या में भक्त मंदिर के दर्शन के लिए जाने लगे। रिपोर्ट के हिसाब से हर दिन लगभग 12 हजार भक्त दर्शन के लिए आने लगे।

 

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3. मोधेश्वरी माता मंदिर

यह मंदिर गुजरात के मेहसाणा जिले के एक छोटे से गांव में स्थित है, जहां मां दुर्गा के एक स्वरूप मोधेश्वरी की पूजा-अर्चना की जाती है। मोधेश्वरी मां की 18 भुजाएं होती हैं। इस वजह से मंदिर के गर्भगृह में विराजमान मां की प्रतिमा में 18 भुजाएं देखने को मिलती हैं। देवी मोधेश्वरी के हाथों में अलग-अलग प्रकार के शस्त्र हैं। इस मंदिर के बारे में पहले देश के लाखों लोग नहीं जानते थे। जब 9 अक्टूबर 2022 को नरेंद्र मोदी इस मंदिर के दर्शन करने गए तो कई लोगों को इस मंदिर के बारे में पता चला।

4. हटकेश्वर महादेव मंदिर

यह मंदिर गुजरात के वडनगर के एक गांव में स्थित है। इस मंदिर में भगवान शिव की पूजा-अर्चना की जाती है। पहले गांव के लोग ही यहां पूजा करने जाते थे। यानी इस मंदिर के बारे में स्थानीय लोग ही जानते थे। इस मंदिर के दर्शन के लिए नरेंद्र मोदी पहली बार प्रधानमंत्री बनने के बाद 8 अक्टूबर 2017 में गए थे। जिसके बाद इस मंदिर के बारे में देश के कई लोगों को पता चला।

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