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अनंत चतुर्दशी के दिन होगा गणपति जी का विसर्जन, शुभ मुहूर्त से लेकर जान लें नियम

गणेश चतुर्थी के बाद अनंत चतुर्दशी का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन सभी लोग अपने गणेश जी को विदा करेंगे। यहां जानें पूजा करने का सही समय, विदा करने की विधि, साथ ही जानिए अनंत चतुर्दशी में क्या नहीं करना चाहिए।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit- AI Generated

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सनातन धर्म में अनंत चतुर्दशी त्योहार बेहद खास माना जाता है। यह पर्व गणेश चतुर्थी के कुछ दिनों बाद मनाया जाता है। जहां एक तरफ गणेश चतुर्थी के दिन सभी लोग गणेश भगवान का अपने घर में स्वागत करते हैं, वहीं दूसरी तरफ अनंत चतुर्दशी के दिन सभी भक्त गणेश भगवान को अपने घर से विदा करने की परंपरा निभाते हैं, जिसमें लोग गणपति जी की प्रतिमा को साफ जल में विसर्जित करते हैं।

 

धार्मिक मान्यता के अनुसार व्यक्ति को गणेश विसर्जन शुभ समय में करना चाहिए। इसके साथ ही इस दिन भक्तों को विसर्जन के दौरान दान-पुण्य करना चाहिए, जिससे व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि आएगी। इसके अलावा गणेश विसर्जन के दौरान व्यक्ति को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।

 

इस साल भादो महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन अनंत चतुर्दशी का पर्व मनाया जाएगा। तिथि के मुताबिक 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी का त्योहार मनाया जाएगा, जिस दिन सभी भक्त अपने घर से गणेश भगवान जी को विदा करेंगे। अब सवाल उठता है कि लोगों को गणेश विसर्जन के दौरान किन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए? 

 

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 गणेश विसर्जन का शुभ मुहूर्त

सभी भक्तों को ध्यान रखना चाहिए कि वे विसर्जन से पहले विधिवत तरीके से पूजा करें। पूजा के दौरान व्यक्ति को गणेश जी के समक्ष फूल, फल और दूर्वा चढ़ानी चाहिए, जिसके बाद पूरे परिवार को मिलकर आरती करनी चाहिए। पूजा के अंत में भगवान का आशीर्वाद लेना चाहिए, ताकि व्यक्ति के जीवन में भगवान का आशीर्वाद बना रहे।

 

लाभ चौघड़िया- सुबह 7:41 से लेकर 9:11 बजे तक

अमृत चौघड़िया- सुबह 9:11 से लेकर 10:42 बजे तक

शुभ चौघड़िया- दोपहर 12:12 बजे से लेकर 1:43 बजे तक

लाभ चौघड़िया- रात 9:14 से लेकर 10:44 बजे तक

 

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गणेश जी की प्रतिमा को विसर्जित करते वक्त लोगों को 'गणपति बप्पा मोरया' बोलना चाहिए, ताकि अगले साल भी गणेश जी का लोग उत्साह के साथ अपने घर में स्वागत कर सकें।

गणेश विसर्जन के दौरान यह न करें

1.नारियल न चढ़ाएं-धार्मिक जानकारों के अनुसार व्यक्ति को गणेश विसर्जन से पहले भगवान की पूजा करनी चाहिए। पूजा के दौरान व्यक्ति को नारियल नहीं चढ़ाना चाहिए।

 

2.शुभ मुहूर्त का रखें ध्यान-गणेश विसर्जन के दौरान व्यक्ति को शुभ मुहूर्त का खास ख्याल रखना चाहिए। धार्मिक जानकारों के अनुसार चार मुहूर्त सबसे शुभ हैं। उसी दौरान व्यक्ति को गणेश जी का विसर्जन करना चाहिए।

 

3.साफ जल में विसर्जित करें-भक्तों को गणेश जी की प्रतिमा को साफ जल में विसर्जित करना चाहिए। इसके अलावा आज के दौरान कई लोग गणेश जी की बेहद विशाल मूर्ति को अपने घर में स्थापित करते हैं। गणेश भगवान की मूर्ति को जेसीबी की मदद से विसर्जित करते हैं। ऐसा करने से व्यक्ति को बचना चाहिए।

 

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4.फूल की माला को कचरे में न फेंके-जो फूलों की माला गणेश भगवान को चढ़ाई गई थी, उन फूलों की माला को व्यक्ति को कचरे में नहीं फेंकना चाहिए।

 

5.पानी को गंदा न करें-कई बार लोग विसर्जन के दौरान फूलों की माला प्लास्टिक में डालकर नदी में फेंक देते हैं, जबकि व्यक्ति को ऐसा नहीं करना चाहिए। इससे नदी गंदी हो जाती है।


नोट- यह लेख धार्मिक मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।

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