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तंत्र साधना का अहम केंद्र है राज राजेश्वरी मंदिर, खूबियां जान लीजिए

बिहार के बक्सर में स्थित राज राजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी मंदिर अपनी मान्यताओं के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। मान्यता है कि इस मंदिर में देवी-देवताओं की मूर्तियां आपस में बात करती हैं।

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राज राजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी मंदिर: Photo Credit: X handle/ Shivam Mishra

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बिहार के बक्सर जिले में स्थित राज राजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी मंदिर अपनी ऐतिहासिक और रहस्यमयी विशेषताओं के लिए पहचाना जाता है। लगभग 400 साल पुराने इस मंदिर को तंत्र साधना के लिए प्रसिद्ध माना जाता है। इस मंदिर में देवी त्रिपुर सुंदरी के साथ-साथ दस महाविद्याओं की पूजा होती है। स्थानीय मान्यता है कि रात के समय मंदिर की मूर्तियां आपस में बातचीत करती हैं। यह चमत्कारिक घटना वैज्ञानिकों के लिए भी एक चुनौती बनी हुई है।

 

श्रद्धालु मानते हैं कि देवी त्रिपुर सुंदरी की आशीर्वादकारी शक्ति से उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं, साथ ही रोग, बाधाएं और संकट दूर होते हैं। मंदिर की स्थापना तांत्रिक पण्डित भवानी मिश्र ने की थी, जिन्होंने तंत्र साधना के माध्यम से देवी की प्राण-प्रतिष्ठा की थी। यहां स्थापित महाविद्याओं में काली, त्रिपुर भैरवी, धूमावती, तारा, छिन्नमस्तिका, षोडशी, मातंगी, कमला, उग्रतारा और भुवनेश्वरी शामिल हैं। इसके अलावा बगलामुखी माता, दत्तात्रेय भैरव, बटुक भैरव, अन्नपूर्णा भैरव और मातंगी भैरव की प्रतिमाएं भी मौजूद हैं।

 

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मंदिर से जुड़ी मान्यता

मंदिर से जुड़ी एक प्रसिद्ध मान्यता है कि रात के समय देवी की मूर्तियां आपस में बातें करती हैं। स्थानीय लोग मानते हैं कि आधी रात को देवी की मूर्तियां आपस में संवाद करती हैं। वैज्ञानिकों ने भी इस घटना की पुष्टि की है लेकिन इसकी वजह अभी तक पता नहीं चल सकी है।  

 

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मंदिर की विशेषता

  • तांत्रिक पूजा पद्धति: यहां पूजा विधि में तंत्र साधना का पालन किया जाता है और कलश स्थापना की बजाय तंत्र साधना से देवी की प्राण-प्रतिष्ठा की जाती है।
  • प्रसाद: यहां प्रसाद के रूप में सूखे मेवे चढ़ाए जाते हैं, जो तंत्र साधना के अनुसार निर्धारित है।
  • वार्षिकोत्सव: मंदिर का वार्षिकोत्सव श्रावण मास की चतुर्दशी तिथि को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्ति का माहौल कायम होता है।

मंदिर तक पहुंचने का रास्ता

बक्सर जिले के लाला टोली क्षेत्र में स्थित है

नजदीकी रेलवे स्टेशन: बक्सर रेलवे स्टेशन से टैक्सी या ऑटो रिक्शा के जरिए मंदिर तक पहुंचा जा सकता है।

सड़क मार्ग: बक्सर शहर से प्राइवेट गाड़ियों या सार्वजनिक परिवहन के माध्यम से मंदिर तक पहुंचा जा सकता है।

मंदिर का पता: डुमरांव, लाला टोली, बक्सर, बिहार।

 

डिस्क्लेमर: ये सारी बातें स्थानीय और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। खबरगांव इनकी पुष्टि नहीं करता है।

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