श्रीनगर। अमरनाथ गुफा से शिव भक्तों के लिए एक निराश करने वाली खबर सामने आ रही है। इस साल अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाला बर्फ का शिवलिंग पूरी तरह से पिघल चुका है। आधिकारिक रूप से यात्रा शुरू होने के मात्र 4 दिन के भीतर ही बाबा बर्फानी पूरी तरह से अंतर्ध्यान हो गए हैं।
शिवलिंग पिघलने के बावजूद अमरनाथ यात्रा के लिए मंगलवार को सबसे बड़ा जत्था दर्शन के लिए रवाना हुआ। इस जत्थे में 31 विदेशी नागरिकों सहित कुल 8,815 श्रद्धालु शामिल हैं। यात्रा के पहले चार दिन में दक्षिण हिमालय में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा मंदिर में 93,000 से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
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कैसे बदला हिमलिंग का स्वरूप
बता दें कि 23 मई को हिमलिंग का भव्य आकार 7 फुट का था। सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों द्वारा मई के महीने में जारी की गई तस्वीरों में बाबा बर्फानी अपने पूरे भव्य स्वरूप में नजर आ रहे थे। उस समय शिवलिंग की ऊंचाई लगभग 7 फुट मापी गई थी। इसके बाद 29 जून को जब पहली पूजा हुई तो उस समय शिवलिंग का आकार 5 फुट का था।
वैज्ञानिक बता रहे हैं कि अमरनाथ यात्रा की औपचारिक शुरुआत से पहले जब 29 जून को पहली पूजा आयोजित की गई, तब तक तापमान में बढ़ोतरी के कारण हिमलिंग का आकार घटकर 5 फुट रह गया। इसके बाद 3 जुलाई को यात्रा का शुभारंभ हुआ। इसी दिन श्रद्धालुओं के लिए पवित्र गुफा के कपाट खोले गए और अमरनाथ यात्रा की आधिकारिक शुरुआत हुई।
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जुलाई 6 को बाबा बर्फानी 90 फीसदी तक पिघले
जुलाई 6 तक बाबा बर्फानी 90 फीसदी तक पिघल गए। यात्रा शुरू होने के मात्र तीन दिनों के भीतर ही 6 जुलाई को सामने आई तस्वीरों ने भक्तों को चौंका दिया। तेज गर्मी और मौसम के बदलते मिजाज के कारण हिमलिंग करीब 90 प्रतिशत तक गायब हो चुका था और केवल उसके अवशेष ही बचे थे। वहीं, 7 जुलाई को शिवलिंग पूरी तरह अंतर्ध्यान हो गया। गुफा के भीतर अब पवित्र बर्फ का शिवलिंग मौजूद नहीं है।
यात्रा पर क्या होगा असर?
बाबा बर्फानी के अंतर्ध्यान होने के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं देखी जा रही है। प्रशासन के मुताबिक, अमरनाथ यात्रा अपने निर्धारित शेड्यूल के अनुसार जारी रहेगी। गुफा में शिवलिंग के अंतर्ध्यान होने के बाद भी श्रद्धालु पवित्र गुफा के दर्शन कर आशीर्वाद ले सकेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार क्षेत्र में बढ़े तापमान और गुफा के आसपास श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण पैदा हुई गर्मी की वजह से बर्फानी बाबा इतनी जल्दी अंतर्ध्यान हुए हैं।