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धर्म-कर्म

कब-कब पशु अवतार में आए हैं भगवान शिव?

भगवान शिव को लोग योगी और संहारकर्ता के रूप में जानते हैं लेकिन शिव जी ने कई बार पशु के रूप में भी अवतार लिया है। आइए जानते हैं भगवान शिव ने कब और क्यों किस पशु के रूप में अवतार लिया है।

खबरगांव डेस्क Jan 11 2026

धर्म-कर्म

भारत के 6 सबसे बड़े शिवलिंगों की कहानी क्या है?

भारत के अलग-अलग कोनों में 6 ऐसे शिवलिंग स्थापित हैं, जो अपने आकार और मान्यता के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध हैं। आइए जानते हैं भारत के 6 सबसे बड़े शिवलिंग किन-किन जगहों पर स्थित हैं और इनकी विशेषता क्या है।

धर्म-कर्म

त्रिलोकीनाथ मंदिर: जहां हिंदू और बौद्ध दोनों ही करते हैं पूजा

हिमाचल प्रदेश में स्थित त्रिलोकीनाथ मंदिर अपनी मान्यताओं के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। इस मंदिर में बौद्ध और हिंदू धर्म के लोग एक साथ भगवान शिव की पूजा करते हैं।

धर्म-कर्म

भोजपुर शिव मंदिर: यहां होती है 18 फिट ऊंचे शिवलिंग की पूजा

मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में स्थित भोजपुर शिव मंदिर अपनी स्थापत्य कला और विशाल शिवलिंग की वजह से पूरे देश में प्रसिद्ध है। आइए जानते हैं इस मंदिर का इतिहास क्या है।

धर्म-कर्म

पूरब से पश्चिम तक पूजे जाते हैं गणेश, कार्तिकेय क्यों नहीं?

भगवान गणेश की पूजा पूरे देश में होती है, वहीं भगवान कार्तिकेय की पूजा विशेष रूप से दक्षिण भारत में होती है। आइए जानते हैं क्यों भगवान कार्तिकेय की पूजा उत्तर भारत में नहीं होती है।

धर्म-कर्म

आखिर क्या है अरुलमिगु सुब्रमण्य स्वामी मंदिर की कहानी?

तमिलनाडु के मशहूर त्योहार कार्तिकेय दीपम की वजह से जिस मंदिर को लेकर विवाद हुआ था वह मंदिर भगवान कार्तिकेय का है। आइए जानते हैं अरुलमिगु सुब्रमण्य स्वामी मंदिर से जुड़ा इतिहास क्या है।

धर्म-कर्म

कुक्के श्री सुब्रमण्य स्वामी मंदिर क्यों मशहूर है?

दक्षिण कन्नड़ में स्थित कुक्के श्री सुब्रमण्य स्वामी मंदिर सर्प पूजन के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। इस मंदिर में भगवान सुब्रमण्य स्वामी की पूजा होती है।

धर्म-कर्म

दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र: जिसके पाठ मात्र से दूर होती है आर्थिक तंगी

दुख-दारिद्र और आर्थिक तंगी से छुटकारा पाने के लिए भगवान शिव के दारिद्र दहन शिव स्तोत्र का विशेष महत्व बताया गया है। आइए जानते हैं क्या है इसकी विशेषता और स्तोत्र के श्लोकों का अर्थ।

धर्म-कर्म

थिल्लई नटराज मंदिर: बनावट से लेकर कहानी तक, यहां जानें सबकुछ

तमिलनाडु के कुड्डालोर जिले में स्थित थिल्लई नटराज मंदिर अपनी बनावट और मान्यता के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। इस मंदिर को तमिलनाडु के पंचभूत स्थलों में से एक माना जाता है।

धर्म-कर्म

लिंगराज मंदिर: जहां एक ही शिवलिंग में होती है भगवान शिव और विष्णु की पूजा

ओडिशा के भुवनेश्वर में स्थित लिंगराज मंदिर अपनी स्थापत्य कला की वजह से पूरे देश में प्रसिद्ध है। इस मंदिर में भगवान लिंगराज हरिहर रूप में विद्यमान हैं।

धर्म-कर्म

घृष्णेश्वर मंदिर: 12 ज्योतिर्लिंगों से जुड़े इस मंदिर की कथा और मान्यता क्या है?

महाराष्ट्र के औरंगाबाद में स्थित घृष्णेश्वर मंदिर भगवान शिव का 12वां ज्योतिर्लिंग माना जाता है। यह मंदिर एलोरा की गुफाओं से मात्र 1 किलोमीटर दूर स्थित है।

धर्म-कर्म

विद्याशंकर मंदिर: 12 खंभों वाले इस मंदिर की खासियत क्या है?

कर्नाटक के चिकमंगलूर जिले में स्थित विघाशंकर मंदिर अपनी स्थापत्य कला के लिए पूरे भारत में प्रसिद्ध है। इस मंदिर का प्रमुख आकर्षण केंद्र यहां पर स्थित बारह स्तंभ (पिलर) हैं।

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