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10 या 11 जून, कब मनाई जाएगी परम एकादशी? सही तारीख से लेकर व्रत का महत्व जानिए

2026 के जून महीने में 2 बार एकादशी का पर्व मनाया जाएगा। इनमें महीने की शुरुआत में परम एकादशी मनाई जाएगी। ऐसे में जान लीजिए परम एकादशी की सही तारीख क्या है।

Param Ekadashi

प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit- Gemini

हिंदू पंचांग के मुताबिक हर महीने दो बार एकादशी की तिथि आती है। इस तरह जून महीने में भी 2 एकादशी पर्व मनाए जाएंगे। जून महीने में पहले परम एकादशी मनाई जाएगी, उसके कुछ दिनों बाद निर्जला एकादशी का व्रत सभी भक्त रखेंगे। एकादशी व्रत रखने वाले भक्त विष्णु भगवान और मां लक्ष्मी की आराधना करते हैं। धार्मिक जानकारों के मुताबिक, जिस प्रकार सभी पक्षियों में गरुड़ और सभी पेड़ों में पीपल उत्तम माना जाता है, उसी प्रकार सभी व्रतों में एकादशी व्रत को श्रेष्ठ माना गया है। मान्यता है कि जो भक्त परम एकादशी का व्रत रखता है, वह अपने जीवन के सारे कष्टों और दुखों से मुक्ति पा सकता है।

 

परम एकादशी पर्व जून महीने में मनाया जाएगा। व्रत की तारीख को लेकर कई लोगों में दुविधा है। कई लोगों का मानना है कि 10 जून के दिन परम एकादशी व्रत होगा। वहीं दूसरी तरफ लोगों का मानना है कि 11 जून के दिन व्रत की सही तारीख है। ऐसे में जान लीजिए परम एकादशी व्रत की सही तारीख क्या है। साथ ही यह जानिए व्रत पारण का सही समय क्या है?

 

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कब है परम एकादशी?

परम एकादशी व्रत 10 जून को नहीं होगा, बल्कि 11 जून को रखा जाएगा। धार्मिक जानकारों के मुताबिक, एकादशी तिथि 10 जून की रात 12:57 बजे शुरू होगी और 11 जून की रात 10:36 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि 11 जून को होने के कारण परम एकादशी का व्रत 11 जून, गुरुवार के दिन रखा जाएगा।व्रत पारण का सही समय 12 जून की सुबह 05:23 बजे से शुरू होकर 08:10 बजे तक रहेगा। इस दौरान व्रत तोड़ना सबसे उत्तम माना जाएगा।

परम एकादशी व्रत का महत्व

परम एकादशी का अर्थ है सबसे उत्तम एकादशी। जो भक्त विधि-विधान के अनुसार इस व्रत को रखता है, उसके जीवन की गरीबी, आर्थिक तंगी और दरिद्रता दूर हो जाती है। साथ ही जो भक्त इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करता है, उसे मृत्यु के बाद वैकुंठ धाम में स्थान मिलने की मान्यता है। इसके अलावा इस व्रत को करने से सोना दान देने और अश्वमेध यज्ञ कराने के समान पुण्य फल प्राप्त होता है।

 

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पूजा की विधि

परम एकादशी के दिन सभी भक्तों को सुबह स्नान के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिए। इसके बाद साफ कपड़े पहनकर घर के मंदिर में पूजा करें। पूजा के दौरान भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी को फूल और फल अर्पित करें। उनके सामने दीपक जलाएं और पूजा के बाद आरती करें।

पर्व के दिन क्या करें?

1. एकादशी के दिन जो लोग व्रत नहीं रखते, उन्हें भी चावल खाने से बचना चाहिए।
2. इस व्रत के दिन झूठ बोलने, गुस्सा करने और दूसरों की चुगली करने से बचना चाहिए।
3. मांस और मदिरा का सेवन न करें।
4. जिन भक्तों ने एकादशी का व्रत रखा हो, उन्हें दिन में नहीं सोना चाहिए।

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