logo

ट्रेंडिंग:

कुत्ता पालने का शौक है? भूलकर भी न करें ये गलतियां, जेल हो जाएगी

भारत में कुत्ता पालने के लिए गाइडलाइन क्या हैं, किन नियमों की अनदेखी आपको कानूनी पचड़े में फंसा सकती है, पशुओं के अधिकार क्या हैं, क्यों ये अधिकार जरूरी हैं, पढ़िए हर सवाल का जवाब।

Pet Katha

पालतू जानवरों के प्रति क्रूरता अपराध है। Photo Credit: Sora

शेयर करें

संबंधित खबरें

Reporter

बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों को शेल्टर होम में रखने का फैसला दिया था, जिसके बाद लोग सड़कों पर उतर आए थे। कुत्तों के अधिकारों की बात सोशल मीडिया से सड़कों तक गूंज रही थी। लोग भारतीय संविधान का हवाला देते हुए कुत्तों को हटाने के फैसले को क्रूरता बता रहे थे। भारतीय संविधान सिर्फ इंसानों के लिए ही नहीं बल्कि जानवरों के लिए भी नियम बनाता है। इसमें पालतू और जंगली दोनों प्रकार के जानवर शामिल हैं। 

कुत्ते तो आपको अक्सर कई घरों में दिख जाएंगे लेकिन उनके अधिकारों के बारे में ज्यादातर लोगों को नहीं पता होता। कुत्ते पालना सिर्फ एक शौक नहीं बल्कि जिम्मेदारी है। अगर आप कुत्ता पाल रहे हैं तो कानून के अनुसार, उसकी देखभाल और दूसरी सारी जिम्मेदारी भी आपको निभानी होगी। अगर आप ऐसा नहीं करते तो आपको जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है।

यह भी पढ़ें: लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन है जरूरी, कुत्ता-बिल्ली पालना है तो नियम जान लीजिए

  • पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 - जानवरों के प्रति क्रूरता पर रोक
  • पशु जन्म नियंत्रण नियम, 2001- नसबंदी टीकाकरण का प्रावधान
  • भारतीय संविधान का अनुच्छेद 51A(G)- जीवित प्राणी के प्रति दया और करुणा रखने का कर्तव्य

भारत का कानून और संविधान कुत्तों के लिए भी बना है। इन नियमों के अलावा सुप्रीम कोर्ट और अन्य अदालतों के कई फैसले और स्थानीय सरकारों के दिशा निर्देष कुत्ता पालने वालों के लिए नियम बनाते हैं। अगर आप कुत्ता पाल रहे हैं तो आपको इन सभी नियमों का पालन करना होगा। अगर गलती से भी आपने नियमों का पालन नहीं किया तो आपको दिक्कत हो सकती है।

कुत्तों को पालने के नियम क्या हैं?

कुत्तों को पालने के सपष्ट नियम तो किसी कानून में नहीं लिखे लेकिन अलग-अलग कानूनों में जानवरों के सरंक्षण और अधिकारों के बारे में लिखा गया है। इसके साथ ही अलग-अलग संवैंधानिक संस्थाओं और स्थानीय सरकारों के दिशा निर्देशों का पालन करना भी कुत्ते के मालिक को जरूरी होता है। हर जिले और शहर के लिए कुत्ता पालने के नियम अलग हो सकते हैं। इसलिए कुत्ता पालने से पहले अपने जिले के नियमों को ध्यान से पढ़ लें। हालांकि, कुछ नियम ऐसे हैं जो पूरे देश में समान होते हैं।

कुत्तों का रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी

कुत्ता पालने का अगर आपका मन है तो कुत्ता खरीदने के बाद सबसे पहले उसका रजिस्ट्रेशन करवाएं। कुत्ता किसी भी नस्ल और प्रजाति का हो अगर आप कुत्ते को अपने घर में पाल रहे हैं तो उसका रजिस्ट्रेशन स्थानीय प्रशासन के साथ होना जरूरी है। इसके लिए आपको रजिस्ट्रेशन फीस का भुगतान भी करना होगा। कुत्तों की रजिस्ट्रेशन फीस हर शहर में अलग-अलग हो सकती है। दिल्ली की बात करें तो दिल्ली नगर निगम अधिनियम की धारा 399 के तहत पालतू कुत्ते के रजिस्ट्रेशन के लिए 500 रुपये फीस जमा करनी होगी। वहीं, गाजियाबाद में यह फीस 1,000 रुपये है। इसी तरह अन्य शहरों में अलग-अलग हो सकती है।

यह भी पढ़ें: थोड़ा चलने पर ठंड में क्यों फूलती है सांस, जानिए असली वजह

कुत्तों का रजिस्ट्रेशन कैसे होता है?

रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए कुत्ते की फोटो, मालिक का आधार कार्ड और कुत्ते का वैक्सीनेशन रिकॉर्ड जमा करना होता है। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन होने के बाद कुत्तों का रजिस्ट्रेशन स्थानीय प्रशासन कर देता है। अगर कोई कुत्ता बिना रजिस्ट्रेशन के मिलता है तो उसको जब्त किया जा सकता है। मालिक का चालान भी किया जा सकता है। रजिस्ट्रेशन के बाद कुत्ते को एक टोकन दिया जाता है। मालिक की जिम्मेदारी है कि वह कुत्ते के गले में पट्टे के साथ टोकन को भी लटकाए।

Dog Adoptaion Rules Sora
पालतू कुत्तों का नियमित अंतराल पर टीकाकरण करवाना अनिवार्य है। Photo Credit: Sora

कुत्ते का वैक्सीनेशन करवाना जरूरी है

अपनी सुरक्षा और अपने आस-पास के लोगों की सुरक्षा के लिए कुत्तों का वैक्सीनेशन करवाना बेहद जरूरी है। मानव के बच्चे की तरह की कुत्तों का भी बचपन से ही वैस्सीनेशन शुरू हो जाता है। कुत्ते का पिल्ला जब 6 से 8 हफ्ते का होता है तब उसका वैक्सीनेशन शुरू हो जाता है। कुत्ते को डिस्टेम्पर, हेपेटाइटिस, पैरावायरस, पैराइन्फ्लुएंजा के टीके लगाए जाते हैं। पिल्लों को 6 महीने की उम्र तक हर 2-4 हफ्तों में बूस्टर टीके लगाए जाते हैं। एक बार टीकाकरण पूरा हो गया तो इसके बाद सालाना इंजेक्शन लगवाना पड़ता है। 


कुत्ते को बेबीज का टीका लगवाना भी जरूरी है। इसके अलावा कुत्ते की उम्र, नस्ल और जीवनशैली के हिसाब से भी टीके लगाए जाते हैं। इसके लिए आपको डॉक्टर की सलाह लेनी होगी। वैक्सीनेशन का नियम सिर्फ पालतू कुत्तों पर पर ही नहीं बल्कि आवारा कुत्तों पर भी लागू होता है। 

अगर आप किसी आवारा कुत्ते को खाना खिला रहे हैं तो उनका वैक्सीनेशन करवाने की जिम्मेदारी भी आपकी ही होगी। इसके अलावा कुत्ते का इलाज की जिम्मेदारी भी आपकी ही होगी। आवारा कु्त्तों के वैक्सीनेशन की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की भी है। आवारा कुत्तों के काटने का खतरा देश के कई बड़े शहों में बढ़ गया है। इस पर सु्प्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों से जवाब भी तलब किया है। इसके अलावा सरकारों को आवारा कुत्तों को पकड़कर उनकी वैक्सीनेशन करवाने का आदेश भी दिया है।

यह भी पढ़ें: कुत्ता काटने से मौत पर राज्यों को देने पड़ेंगे पैसे? सुप्रीम कोर्ट ने दी चेतावनी

अगर इन बातों का नहीं रखा ध्यान तो हो सकती है जेल

किसी कुत्ते को भारी जंजीर में या डोरी से लंबे समय तक बांधकर रखना क्रूरता माना जाता है। इसके लिए जुर्माना या 3 महीने की कैद या दोनों सजाएं हो सकती हैं। अगर कोई मालिक अपने पालतू जानवर को पर्याप्त खाना, पानी और रहने की जगह नहीं दे पाता, तो वह पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11(1) (H) के अनुसार सजा का हकदार होगा।

अगर आप बिना किसी उचित कारण के किसी कुत्ते को ऐसी स्थिति में छोड़ दे जहां उसे भूखा और प्यासा रहना पड़े तो उसे सजा हो सकती है। अगर आप ज्यादा लंबे समय तक अपने पालतू कुत्ते को बिना पानी और खाने के घर में छोड़कर जाते हैं तो आपको सजा हो सकती है। अगर आपके कुत्ते को कोई बीमारी है या फिर वह विकलांग हो जाता है और आप उसे गली में जानबूझकर छोड़ देते हैं तो आपको सजा हो सकती है।

  • अगर आप किसी को कुत्ता पालने पर रोकते हैं , डराते या धमकाते हैं तो भी आपको दोषी ठहराया जा सकता है
  • किसी कुत्ते को मारना, अपंग बनाना, जहर देना जुर्म है और इसके लिए दो साल की सजा हो सकती है।

- भारतीय संविधान अनुच्छेद 51 A(G):-
भारत के प्रत्येक नागरिक का यह मौलिक कर्तव्य है कि वह वन्यजीवों की रक्षा करे और सभी जीवित प्राणियों के प्रति दयाभाव रखे।

और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

  • अगर किसी पार्क या अन्य सार्वजनिक जगह पर कुत्ते को लेकर जा रहे हैं तो उनके मुंह पर मास्क लगाना जरूरी है
  • अगर कुत्ता कोई गंदगी करता है तो उसे साफ करने की जिम्मेदारी मालिक की है
  • हाउसिंग सोसाइटी में कुत्ता रखने से पहले पड़ोसियों की सहमति लेना
  • अगर कुत्ता किसी को नुकसान करता है तो उसकी भरपाई की जिम्मेदारी
  • अगर कुत्ता किसी को काट ले तो उसके इलाज का खर्च भी मालिक को ही उठाना होगा
  • घर से बाहर निकालते समय कुत्ते के गले में पट्टा बांधना जरूरी है। 
Related Topic:#पेट कथा

और पढ़ें

design

हमारे बारे में

श्रेणियाँ

Copyright ©️ TIF MULTIMEDIA PRIVATE LIMITED | All Rights Reserved | Developed By TIF Technologies

CONTACT US | PRIVACY POLICY | TERMS OF USE | Sitemap