भारतीय सेना के खिलाड़ियों ने हाल ही में आइची-नागोया एशियन गेम्स में 20 मेडल जीते। यह एशियाड में उनका बेस्ट प्रदर्शन रहा। भारत के 501 सदस्यीय दल में सेना के 62 खिलाड़ी शामिल थे, जिन्होंने 15 स्पर्धाओं में भाग लिया और 6 गोल्ड, 8 सिल्वर और 6 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए। भारत ने आइची-नागोया में कुल 85 मेडल जीते, जिनमें 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहे।
भारत के कुल मेडल्स में से 23.52 प्रतिशत मेडल सेना के खिलाड़ियों ने जीते। उनके 6 गोल्ड मेडल भारत के 21 गोल्ड मेडल्स का 29 प्रतिशत है। सेना के 62 खिलाड़ियों में 9 महिला खिलाड़ी थीं, जिन्होंने 2 गोल्ड और 1 सिल्वर मेडल दिलाया।
सेना के जिन खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया उनमें नायब सूबेदार नीरू ढांडा प्रमुख हैं, जिन्होंने ट्रैप निशानेबाजी में 2 गोल्ड और 1 सिल्वर मेडल जीता। लंबी दूरी के धावक नायब सूबेदार गुलवीर सिंह ने भी 2 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। गुलवीर ने किसी एक एशियन गेम्स में 3 व्यक्तिगत मेडल जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष ट्रैक एंड फील्ड एथलीट बनकर नया इतिहास रचा।
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सेना के मुक्केबाजों ने भी किया कमाल
निशानेबाजी में सेना के 4 निशानेबाजों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने 3 गोल्ड और 1 सिल्वर मेडल जीता। भारतीय सेना के खिलाड़ियों ने मुक्केबाजी में 1 गोल्ड और 2 ब्रॉन्ज मेडल सहित तीन मेडल जीते। सेना के खिलाड़ियों ने नेशनल और एशियन गेम्स के रिकॉर्ड भी बनाए। हवलदार सावन बरवाल ने पुरुषों की मैराथन में 2 घंटे, 11 मिनट, 37 सेकेंड के समय के साथ नेशनल रिकॉर्ड बनाया। सूबेदार धीरज बोम्मादेवरा ने पुरुषों की रिकर्व तीरंदाजी में 698 के स्कोर के साथ नेशनल रिकॉर्ड बनाया।
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हवलदार कमलजीत ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में 484.6 के स्कोर के साथ, जबकि नीरू ने महिलाओं की ट्रैप निशानेबाजी में 118 अंक के साथ एशियन गेम्स के नए रिकॉर्ड बनाए। रोइंग में नायब सूबेदार
सलमान खान
ने पुरुषों की डबल स्कल्स स्पर्धा में भारत के लिए एशियन गेम्स का पहला मेडल जीता। महिला खिलाड़ियों ने सेना के कुल मेडल्स में 15 प्रतिशत और गोल्ड मेडल्स में 33 प्रतिशत का योगदान दिया।