कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के नौवें दिन शुक्रवार को भारत के लिए शानदार दिन रहा। जूडो में भारत ने पहली बार दो स्वर्ण पदक जीते, जैवलिन में नीरज चोपड़ा ने सिल्वर और यशवीर सिंह ने ब्रॉन्ज पदक हासिल किया। मुक्केबाजी में भी भारतीय खिलाड़ियों ने कमाल दिखाया और कई फाइनल में पहुंच गए।
जूडो में अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने इतिहास रच दिया। त्रिपुरा की 23 वर्षीय अस्मिता डे ने 48 किलो से कम वर्ग में कनाडा की खिलाड़ी को गोल्डन स्कोर मुकाबले में हराकर स्वर्ण पदक जीता। वह राष्ट्रमंडल खेलों में जूडो में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।
हर्ष सिंह ने पुरुषों के 60 किलो वर्ग के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी जोशुआ कैट्ज को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वे इस स्पर्धा में स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी बने। यामिनी मौर्य ने 57 किलो वर्ग में फाइनल तक पहुंचकर रजत पदक जीता।
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नीरज चोपड़ा का क्या हाल रहा?
एथलेटिक्स में नीरज चोपड़ा ने दूसरे प्रयास में 85.83 मीटर भाला फेंककर रजत पदक हासिल किया। पहली बार खेल रहे यशवीर सिंह ने आखिरी प्रयास में 85.41 मीटर का थ्रो करके कांस्य पदक जीता। श्रीलंका के रूमेश थरंगा ने 89.75 मीटर के साथ स्वर्ण पदक जीता।
भारत का प्रदर्शन कैसा रहा?
तेजस्विन शंकर ने घुटने की चोट से उबरकर डेकाथलन में 7976 अंक बनाकर कांस्य पदक जीता। वे राष्ट्रमंडल खेलों में डेकाथलन में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने। मुक्केबाजी में भारत का जलवा जारी रहा।
अब क्या उम्मीदें हैं?
ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन (75 किलो), अरुंधति चौधरी (70 किलो), विश्व चैंपियन जैस्मीन लंबोरिया (57 किलो) समेत कुल दस भारतीय मुक्केबाज फाइनल में पहुंच गए। लॉन बॉल्स में नवनीत सिंह और दिनेश कुमार की जोड़ी ने फॉकलैंड आइलैंड्स को 6-3 और 10-1 से हराकर चौथी जीत दर्ज की।
भारतीय जोड़ी अब भी अपराजित है। साइकिलिंग में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। पुरुष 4000 मीटर व्यक्तिगत पर्स्यूट और कीरिन स्पर्धा में भारत क्वालीफाई नहीं कर सका। इस दिन भारत ने जूडो में दो स्वर्ण और एक रजत समेत कई पदक जीते, जो यादगार रहा।
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दुनिया की तुलना में भारत कहां है?
- ऑस्ट्रेलिया – 124 पदक (55 गोल्ड)
- कनाडा – 51 पदक (17 गोल्ड)
- इंग्लैंड – 77 पदक (16 गोल्ड)
- स्कॉटलैंड – 34 पदक (10 गोल्ड)
- नाइजीरिया – 16 पदक (8 गोल्ड)
- मलेशिया – 13 पदक (7 गोल्ड)
- न्यूजीलैंड – 23 पदक (6 गोल्ड)
- दक्षिण अफ्रीका – 24 पदक (6 गोल्ड)
- भारत – 20 पदक (5 गोल्ड, 11 सिल्वर, 4 ब्रॉन्ज)
- वेल्स – 22 पदक (5 गोल्ड)