एक समय था जब महेंद्र सिंह धोनी झारखंड क्रिकेट का चेहरा हुआ करते थे लेकिन अब कहानी बदल गई है। ईशान किशन और कुमार कुशाग्र जैसे खिलाड़ियों ने झारखंड क्रिकेट को एक नई पहचान दी है। इस साल दलीप ट्रॉफी में झारखंड के खिलाड़ियों ने गजब का जलवा दिखाया। फाइनल जीतने वाली ईस्ट जोन की टीम में झारखंड के पांच खिलाड़ी शामिल थे। उन्होंने ईस्ट जोन के चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई।
कप्तान ईशान किशन ने 270 और 80 रन की पारी खेली, जबकि कुशाग्र ने 101 और 46 रन जड़े। शिखर मोहन ने दोनों पारियों में (85 और 52) में अर्धशतक ठोकने के अलावा 2 विकेट भी झटके। अनुकूल रॉय ने 45 और नाबाद 64 रन की पारी खेली। वहीं मोहम्मद कोनैन कुरैशी ने पहली पारी में 40 रन बनाने के बाद 2 विकेट झटके और फिर दूसरी पारी में नाबाद 116 रन की पारी खेली।
एक साथ सभी खिलाड़ियों के चलने से पता चलता है कि झारखंड क्रिकेटिंग टैलेंट का नया गढ़ बन गया है। तमिलनाडु के पूर्व बल्लेबाज और नेशनल सेलेक्टर श्रीधरन शरथ ने ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच दलीप ट्रॉफी के फाइनल के दौरान कहा, 'झारखंड से कुछ बहुत अच्छे युवा क्रिकेटर आ रहे हैं।'
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झारखंड के खिलाड़ियों के प्रदर्शन से गदगद हुए सौरभ तिवारी
ईस्ट जोन के दलीप ट्रॉफी स्क्वॉड में झारखंड के 6 खिलाड़ी कप्तान ईशान किशन, अनुभवी विराट सिंह, कुमार कुशाग्र, शिखर मोहन, अनुकूल रॉय और मोहम्मद कोनैन कुरैशी शामिल थे। इनमें से 5 फाइनल खेलते दिखे। झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (JSCA) के सचिव सौरभ तिवारी ने न्यूज एजेंसी PTI से कहा, 'ईस्ट जोन की टीम में राज्य के पांच खिलाड़ियों के होने से झारखंड क्रिकेट की प्रगति का पता चलता है। यहां तक की एक और प्रतिभाशाली खिलाड़ी शरणदीप चयन के दावेदार थे।'
पूर्व भारतीय बल्लेबाज और
IPL
के नियमित खिलाड़ी रहे तिवारी ने कुशाग्र और मोहन की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, 'मैं कुमार (कुशाग्र) के प्रदर्शन से बहुत प्रभावित हूं। वह युवा हैं लेकिन बेहद परिपक्व हैं। जहां तक अनुकूल का सवाल है तो वह हमारे यहां के बेस्ट खिलाड़ियों में से एक हैं।'
तिवारी ने कहा, ' मोहन भी काफी प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और उन्होंने घरेलू सत्र में शानदार प्रदर्शन किया। उम्मीद है कि वह इसे आगे भी जारी रखेंगे।'
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कुशाग्र से प्रभावित हैं JSCA सचिव
कुशाग्र ने 2022 में 18 साल की उम्र में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया था। वह रेड बॉल फॉर्मेट में छह शतकों की मदद से 2000 से अधिक रन बना चुके हैं, जबकि 2025-26 के सीजन में पदार्पण करने वाले मोहन ने 55 की औसत से रन बनाए हैं। उन्होंने अब तक दो शतक भी लगाए हैं।
तिवारी ने कहा, 'कुशाग्र टीम के लिए हर फॉर्मेट में बहुत अच्छा योगदान देते हैं। वह बड़े स्कोर बनाने के साथ 40 और 50 रन का योगदान भी देते रहे हैं जो मैच में बहुत बड़ा अंतर पैदा करते हैं।'
झारखंड के लिए सभी प्रारूपों में 413 मैच खेल चुके तिवारी को यह अच्छी तरह पता है कि राज्य की क्रिकेट को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें क्या करना होगा। उन्होंने कहा, ' मैंने झारखंड के लिए विभिन्न आयु वर्गों में 25 साल तक क्रिकेट खेला है। इसलिए मैं उसके क्रिकेट के स्तर को जानता हूं और मुझे पता है कि कहां खामी है और कहां सकारात्मक पहलू हैं।'
तिवारी ने कहा, 'हम केवल प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित नहीं कर रहे हैं, बल्कि कौशल विकास पर भी ध्यान दे रहे हैं। अगर खिलाड़ी जूनियर क्रिकेट में अपने कौशल को निखार सकते हैं और अगर उनकी तकनीक अच्छी है, तो वह शतक, दोहरा शतक और यहां तक कि तिहरा शतक भी बना सकते हैं।'