FIFA वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन 11 जून से 19 जुलाई तक अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा में होने जा रहा है। इस बार टूर्नामेंट में 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं। इन टीमों के बीच कुल 104 मैच 16 शहरों में खेले जाएंगे। अमेरिका में 32 साल पहले यानी 1994 में हुए वर्ल्ड कप से दोगुनी ज्यादा टीमें इस बार भाग ले रही हैं। यह टूर्नामेंट आकार, टिकट कीमतों और सुविधाओं के लिहाज से अब तक का सबसे बड़ा वर्ल्ड कप होगा।
दर्शकों की जेब पर असर
फुटबॉल फैंस का वर्ल्ड कप के लिए जबरदस्त क्रेज रहता है। अपनी टीम वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई करे या नहीं करे, फैंस स्टेडियम में जाकर रोमांचक मुकाबलों का लुत्फ जरूर उठाना चाहते हैं। हालांकि हर एडिशन के बाद महंगे हो रहे टिकटों से उन्हें अपनी जेब भी ढीली करनी पड़ती है। अमेरिका में हुए पिछले वर्ल्ड कप से इस टूर्नामेंट की तुलना करें तो टिकट कई गुना महंगे हो गए हैं।
1994 में पहले राउंड के मैचों के टिकट 25 से 75 डॉलर तक मिल जाते थे, जबकि फाइनल के टिकट 180 से 475 डॉलर के बीच थे। वहीं इस बार पहले राउंड के टिकट 140 डॉलर से शुरू होकर 2,735 डॉलर तक पहुंच रहे हैं। फाइनल के टिकट 4,185 डॉलर से लेकर 8,680 डॉलर तक बेचे गए, जबकि बाद में उनकी अधिकतम कीमत बढ़ाकर 10,990 डॉलर कर दी गई। यानी इस बार फाइनल देखने के लिए लगभग 10 लाख रुपये का टिकट लेना पड़ेगा। टिकटों की कीमत मांग के अनुसार बदलने वाली 'डायनेमिक प्राइसिंग' प्रणाली भी लागू की गई है।
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टीमों की संख्या बढ़ी
1994 वर्ल्ड कप 24 टीमों वाला आखिरी टूर्नामेंट था। इसके बाद 1998 में टीमों की संख्या 32 हुई थी। वहीं 2026 में पहली बार 48 टीमें हिस्सा लेंगी। नए फॉर्मेट के कारण चैंपियन बनने वाली टीम को अब सात की जगह आठ मैच खेलने होंगे।
मैदानों के आकार में भी बदलाव
FIFA ने 1994 में मैदान की लंबाई 105 मीटर और चौड़ाई 68 मीटर तय की थी लेकिन स्टेडियमों को निर्धारित माप से छोटे मैदान रखने की छूट थी। 2026 में सभी स्टेडियमों को FIFA के तय मानकों के अनुसार तैयार किया गया है।
दर्शकों की संख्या कितनी बढ़ेगी?
अमेरिकी की मेजबानी में हुए 1994 वर्ल्ड कप में 52 मैचों में कुल 35.9 लाख दर्शक पहुंचे थे, जो उस समय रिकॉर्ड था। इस बार मैचों की संख्या बढ़ने के कारण 60 से 70 लाख दर्शकों के आने की संभावना जताई जा रही है।
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तीन मिनट का ब्रेक
पहले फुटबॉल मैच में वॉटर ब्रेक नहीं होते थे। 1994 वर्ल्ड कप में गर्म और उमस भरे मौसम के बावजूद मैच बिना किसी स्पेशल वॉटर ब्रेक के खेले गए थे। अब नियम बदल गए हैं। इस बार प्रत्येक हाफ में तीन मिनट का वॉटर ब्रेक होगा। कोच इस समय का उपयोग खिलाड़ियों को रणनीति समझाने के लिए भी कर सकेंगे।
अब बदले जा सकते हैं 5 खिलाड़ी
वर्ल्ड कप 1994 में एक टीम अधिकतम दो खिलाड़ियों को बदल सकती थी, जबकि विशेष परिस्थितियों में गोलकीपर के लिए अतिरिक्त बदलाव की अनुमति थी। 2026 में हर टीम पांच खिलाड़ियों को बदल सकेगी। अतिरिक्त समय में छठा बदलाव और सिर में चोट (कन्कशन) की स्थिति में अलग से बदलाव की सुविधा भी रहेगी।