FIFA वर्ल्ड कप 2026 के लिए अमेरिका ने ईरान की टीम को वीजा दे दिया है। अब ईरान की फुटबॉल टीम अमेरिका में अपने मैच खेल सकेगी। इजरायल और अमेरिका के साथ ईरान के युद्ध के कारण वर्ल्ड कप में टीम की भागीदारी पर संशय नजर आ रहा था लेकिन वीजा की मंजूरी मिलते ही अब FIFA की भी टेंशन कम हो गई है। वीजा प्रक्रिया में दिक्कतों की वजह से ईरान को अपना ट्रेनिंग बेस एरिजोना के टक्सन से हटाकर कैलिफोर्निया की सीमा से लगे मैक्सिको के तिजुआना में ले जाना पड़ा था।
दो अमेरिकी अधिकारियों ने न्यूज एजेंसी AP को बताया है कि ईरान की वर्ल्ड कप फुटबॉल टीम के सदस्यों को अमेरिका का वीजा मिल गया है। इससे वे इस महीने लॉस एंजिलिस के पास होने वाले अपने शुरुआती दो मैच से पूर्व मैक्सिको के तिजुआना में बने अपने ट्रेनिंग बेस से अमेरिका आ सकेंगे।
एक अधिकारी ने बताया कि ईरान की टीम के सभी खिलाड़ियों के वीजा मंजूर हो गए हैं और उन्हें वीजा मिलने की प्रक्रिया चल रही है। दूसरे अधिकारी ने कहा कि खिलाड़ियों, कोच, ट्रेनर और कुछ सहयोगी स्टाफ के लिए वीजा जारी कर दिए गए हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि ईरान के किसी आवेदक का वीजा अस्वीकार किया गया है या नहीं। उन्होंने कहा कि ईरान की टीम को ट्रैवल के लिए पासपोर्ट जल्द ही मिल सकते हैं।
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ईरान ने तुर्की में भी की ट्रेनिंग
तिजुआना के लिए रवाना होने से पहले ईरान की टीम तुर्की के एंटाल्या में ट्रेनिंग कैम्प में वर्ल्ड कप की तैयारी कर रही थी। ईरानी टीम ने बताया कि उसे अंकारा में मैक्सिको के दूतावास से पहले ही वीजा मिल चुका है। तुर्की में अमेरिकी राजदूत टॉम बैराक ने ईरानी टीम को वीजा की प्रक्रिया शुरू करने के लिए अंकारा में अमेरिकी दूतावास की तारीफ की। बैराक ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा, 'खेल सीमाओं से परे होते हैं और हम दुनिया भर से आने वाले खिलाड़ियों और फैंस का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं।'
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ईरान का क्या है शेड्यूल?
ईरान अपने शुरुआती दो मैच कैलिफोर्निया के इंगलवुड में खेलेगा। पहला मैच 15 जून को न्यूजीलैंड के खिलाफ और दूसरा छह दिन बाद बेल्जियम के खिलाफ होगा। इसके बाद टीम सिएटल जाएगी, जहां 26 जून को उसका मुकबला मिस्र से होगा। अगर ईरान और अमेरिका की टीमें अपने-अपने ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहती हैं, तो वे तीन जुलाई को टेक्सास के अर्लिंग्टन में 'राउंड ऑफ 32' में आमने-सामने हो सकती हैं।