श्रीलंका के जैवलिन थ्रोअर रुमेश थरंगा ने इतिहास रच दिया है। थरंगा ने डायमंड लीग में डेब्यू करते हुए 92.62 की दूरी तय कर भारत के नीरज चोपड़ा का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। नीरज चोपड़ा ने पिछले साल 90.23 मीटर का थ्रो किया था। वह सबसे दूर भाला फेंकने वाले तीसरे एशियाई एथलीट थे लेकिन थरंगा ने गुरुवार (4 जून) को रोम में रिकॉर्ड थ्रो लगाकर उन्हें पीछे छोड़ दिया। थरंगा ने नीरज के साथ-साथ चीनी ताइपे के चेंग चाओ-त्सुन (91.36 मीटर) को भी पछाड़ा।
थरंगा अब एशियाई एथलीट्स की ऑलटाइम लिस्ट में दूसरे पायदान पर आ गए हैं। इस लिस्ट में पहले नंबर पर पाकिस्तान के अरशद नदीम हैं। अरशद नदीम ने पेरिस ओलंपिक 2024 में 92.97 मीटर का थ्रो कर गोल्ड मेडल जीता था। थरंगा उन्हें भी पीछे छोड़ने के करीब पहुंच गए थे लेकिन बेहद कम अंतर से चूक गए।
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कौन हैं रुमेश थरंगा?
रुमेश थरंगा ने क्रिकेट से नाता तोड़ जैवलिन थ्रोअर थामा है। एक समय श्रीलंका में वह जूनियर लेवल पर सबसे तेज गेंद डालने वाले गेंदबाजों में शुमार किए जाते थे। उन्होंने 16 साल की उम्र में 134 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद डाल दी थी। हालांकि उन्होंने क्रिकेट को छोड़ ट्रैक एंड फील्ड में करियर बनाने का फैसला किया। कभी ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क के फैन रहे थरंगा अब नीरज और अरशद को अपना इंस्पिरेशन मानते हैं।
थरंगा के पिता पुलिस में हैं। थरंगा शुरू से ही क्रिकेट के अलावा ट्रैंक एंड फील्ड में भी हाथ आजमाते रहते थे। वह दोनों ही खेल में अपना करियर आगे बढ़ाना चाहते थे लेकिन चोटिल होने के खतरे को देखते हुए उन्होंने जैवलिन पर फोकस किया। यह फैसला आसान नहीं था, क्योंकि क्रिकेट में ग्लैमर के साथ कमाई भी जबरदस्त है। वहीं ट्रैक एंड फील्ड को फंड की कमी रहती है लेकिन श्रीलंकाई क्रिकेट में राजनीति को देखते हुए उन्होंने जैविलन को अपना लिया।
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ओलंपिक क्वालिफिकेशन से चूक गए थे थरंगा
23 साल के रुमेश थरंगा पहली बार 2024 एशियन चैंपियनशिप में सुर्खियों में आए थे। उन्होंने 85.45 मीटर का थ्रो कर गोल्ड मेडल जीता था। पेरिस ओलंपिक में क्वालिफाई करने के लिए 85.50 मीटर की दूरी तय करनी थी, जिससे थरंगा महज 5 सेंटीमीटर से चूक गए थे।