तेज गेंदबाज हर्षित राणा टी20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले चोटिल हो गए थे। साउथ अफ्रीका के खिलाफ वार्म-अप मैच के दौरान उनके घुटने में चोट लग गई थी। इसके बाद उन्हें सर्जरी से गुजरना पड़ा, जिसके चलते वह
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2026 से भी बाहर हो गए थे। हर्षित ने यूनाइटेड किंगडम (UK) दौरे पर टीम इंडिया के लिए वापसी की। हालांकि वह 4 टी20 मैचों में गेंदबाजी करने के बाद ही फिर से चोटिल हो गए।
घुटने की सर्जरी से वापसी के तुंरत बाद हुई हैमस्ट्रिंग इंजरी ने उनके फिटनेस कार्यक्रम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, 'रिहैबिलिटेशन' के दौरान उनका वजन बढ़ गया था, जिसकी वजह से शायद उन्हें यह चोट लगी। BCCI से जुड़े सूत्रों ने PTI को बताया है कि इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के टी20 चरण के लिए टीम से जुड़ने के समय 24 साल के हर्षित का वजन बढ़ा हुआ था।
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हर्षित का वजन बढ़ना चिंता का विषय
हर्षित ने आयरलैंड के खिलाफ दो और इंग्लैंड के खिलाफ तीन टी20 मैच खेले लेकिन हैमस्ट्रिंग इंजरी के कारण सिर्फ पांच मैच के बाद ही उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा। BCCI ने तब उनकी चोट पर कहा था, 'ट्रेंट ब्रिज में इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी20 इंटरनेशनल मैच के दौरान हर्षित राणा को दाहिनी पैर में अचानक दर्द महसूस हुआ। बाद में स्कैन में ग्रेड-1 हैमस्ट्रिंग इंजरी की पुष्टि हुई।'
इस चोट के कारण वह तीन मैचों की वनडे सीरीज में भी नहीं खेल पाए, जबकि इसमें उनके अहम भूमिका निभाने की उम्मीद थी। हालांकि गौतम गंभीर के टीम मैनेजमेंट और सेलेक्शन कमिटी के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय यह है कि घुटने की सर्जरी, 'रिहैब' और बेंगलुरु में 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' में 'रिटर्न टू प्ले' प्रोटोकॉल पूरी करने के बावजूद हर्षित का वजन क्यों बढ़ गया।
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हर्षित ने नहीं दिया वजन कंट्रोल पर ध्यान
BCCI के एक सीनियर सूत्र ने गोपनीयता की शर्त पर PTI से कहा, 'हाल में जब वह टीम से जुड़े तो उनका वजन सामान्य से अधिक पाया गया। तेज गेंदबाजी करने वाले खिलाड़ी के लिए अतिरिक्त वजन शरीर पर दबाव बढ़ाता है और इससे हैमस्ट्रिंग फटने का खतरा काफी बढ़ जाता है।'
हर्षित की चोट इस बात का संकेत है कि घुटने की सर्जरी के बाद 'रिहैब' कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा करने और फिटनेस प्रमाण पत्र हासिल करने के बावजूद उन्होंने वजन कंट्रोल पर पूरी तरह ध्यान नहीं दिया। लंबे समय तक चोटिल रहने वाले खिलाड़ियों के लिए यह अक्सर एक चुनौतीपूर्ण पहलू होता है।