भारतीय हॉकी ने FIH प्रो लीग में अपने निराशाजनक अभियान के आखिरी लेग में बेहतर प्रदर्शन किया। भारत ने यूरोप लेग में वर्ल्ड चैम्पियन जर्मनी और 2024 ओलंपिक की गोल्ड मेडलिस्ट नीदरलैंड्स को हराया। वहीं वर्ल्ड नंबर-3 इंग्लैंड को कड़ी चुनौती दी। भारत ने 16 मैचों में 19 अंक हासिल किए और 9 टीमों में आठवें स्थान पर फिनिश किया। वह सिर्फ पाकिस्तान से ऊपर रहा।
यूरोप में टीम के प्रदर्शन से कोच क्रेग फुल्टन खुश नजर आए। उनका मानना है कि अपनी रणनीति पर अमल करने पर भारत दुनिया की किसी भी टीम को हरा सकता है। फुल्टन ने कहा,'इस प्रो लीग की सबसे सकारात्मक बात यह रही कि टीम का आत्मविश्वास बढा है। जर्मनी और नीदरलैंड्स पर मिली जीत और इंग्लैंड के खिलाफ करीबी मुकाबले से साबित हो गया है कि अपनी रणनीति पर डटे रहने पर हम दुनिया की किसी भी टीम को हरा सकते हैं।'
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वर्ल्ड कप और एशियन गेम्स से पहले मोमेंटम अच्छा
फुल्टन ने कहा,'वर्ल्ड कप और एशियन गेम्स से पहले यह काफी महत्वपूर्ण है लेकिन हमें अपना प्रदर्शन बेहतर करना होगा और हर क्वार्टर में प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखनी होगी।' कोच ने कहा, 'अच्छी बात यह है कि यह टीम काफी परिपक्व हुई है। हमने दबाव में संयम बनाए रखा और अलग अलग शैलियों से खेलकर करीबी मुकाबले जीते। हमें इसी तरह के अनुभव की जरूरत थी। वर्ल्ड कप की तैयारी के लिए हमने सही नींव रख दी है।'
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होबार्ट लेग से सुधरा प्रदर्शन
FIH प्रो लीग के राउरकेला लेग में भारत को बेल्जियम और अर्जेंटीना ने हराया। इसके बाद होबार्ट में भारत को स्पेन से 0-2 से हार झेलनी पड़ी लेकिन वापसी करते हुए भारत ने आस्ट्रेलिया को 2-2 से और स्पेन को 1-1 से ड्रॉ पर रोका। दोनों मैचों में हालांकि शूटआउट में भारतीय टीम हार गई।
आखिरी मैच में भारत ने शूटआउट में आस्ट्रेलिया को 3-1 से हराया। होबार्ट में भारत ने चार मैचों में छह ही गोल गंवाए। यूरोप लेग में रोटरडम में भारत ने जर्मनी को 3-1 और नीदरलैंड्स को 3-22 से मात दी। भारत ने 4 मैचों में 9 गोल किए, जिनमें से 5 फील्ड गोल थे।
लंदन में भारतीय टीम पाकिस्तान और इंग्लैंड के खिलाफ निर्धारित समय के भीतर चारों मैचों में अपराजेय रही। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने कहा,'टॉप टीमों को हराना हमेशा खास होता है। इससे साबित होता है कि हमारी मेहनत रंग ला रही है। वर्ल्ड कप और एशियन गेम्स में यह काफी काम आएगा।'