FIH प्रो लीग में भारतीय हॉकी टीम का खराब प्रदर्शन जारी है। टीम इंडिया ने राउरकेला लेग में निराश करने के बाद होबार्ट लेग में अपना पहला मैच गंवा दिया है। शनिवार (21 फरवरी) को उसे स्पेन ने 2-0 से हरा दिया। स्पेन के लिए इग्नासियो अबाजो ने छठे मिनट और इग्नासियो कोबोस ने 36वें मिनट में गोल किए। भारतीय टीम अब अपने दूसरे मुकाबले में मेजबान ऑस्ट्रेलिया से भिड़ेगी।
नए कप्तान की अगुवाई में भी मिली हार
स्पेन की टीम ने मौकों का फायदा उठाया जबकि भारत लगातार आक्रमण के बावजूद अच्छे मौकों को भुना नहीं पाया। राउरकेला में घरेलू लेग में भारत को विरोधी टीमों से बुरी तरह हार मिली थी। बेल्जियम और अर्जेंटीना से दो-दो हार झेलने वाली भारतीय टीम विदेशी लेग के दौरान नए कप्तान हार्दिक सिंह के नेतृत्व में वापसी करने और नयी शुरुआत करने की उम्मीद कर रही थी लेकिन यहां भी निराशा हाथ लगी।
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भारत ने मैच की शुरुआत तेज पासिंग से की और शुरू में ही उसने नियंत्रण बनाने की कोशिश की लेकिन स्पेन का जवाबी हमले का तरीका असरदार साबित हुआ। अबाजो ने ऐसे ही एक मूव का फायदा उठाया और गोल करके स्पेन को शुरुआती बढ़त दिला दी। भारतीय टीम ने कई अच्छे मौके बनाए और क्वार्टर के आखिर में लगभग बराबरी कर ही ली थी जब अभिषेक ने एक जोरदार शॉट लगाया लेकिन स्पेनिश गोलकीपर लुइस कैलजाडो ने इसका शानदार बचाव किया।
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दूसरे क्वार्टर में दिखा आक्रामक खेल
दूसरे क्वार्टर में दोनों टीमों ने आक्रामक रूख अपनाया और मौके बनाए लेकिन लेकिन कोई गोल नहीं कर पाया। स्पेन को मैच का दूसरा पेनल्टी कॉर्नर 24वें मिनट में मिला। हालांकि भारतीय गोलकीपर सूरज करकेरा ने इसे रोककर स्पेन को बढ़त दोगुनी नहीं करने दी। पहले हाफ के आखिरी मिनटों में स्पेन ने लगातार दबाव बनाया लेकिन भारतीय टीम जवाबी हमलों से उसे रोकने में सफल रही। दोनों टीमों ने गोल करने की कोशिश की लेकिन कोई सफल नहीं हुआ। स्पेन पहले हाफ तक 1-0 की बढ़त बनाए हुए था। स्पेन का खेल आक्रामक हो गया था, इसी दौरान सूरज करकेरा ने एक शानदार बचाव किया। आखिरकार स्पेन का दबाव काम आया जब कोबोस ने सर्कल के अंदर करीब से गोल करके स्पेन की बढ़त दोगुनी कर दी।
स्पेन ने लगातार दबाव बनाए रखा और तीसरे क्वार्टर के आखिरी में पांच पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए। लेकिन भारतीय रक्षात्मक पंक्ति ने मजबूती से बचाव किया और कोई गोल नहीं होने दिया। वापसी करने के लिए बेताब भारत ने चौथे और आखिरी क्वार्टर में आखिरकार मैच का अपना पहला पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया, हालांकि वे मौके को गोल में नहीं बदल पाए।