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न राशिद हैं न नबी, भारत के सामने कितनी मजबूत है अफगानी टीम?

अफगानिस्तान की टीम टेस्ट क्रिकेट में अपने स्टार खिलाड़ियों के बगैर उतरने वाली है। भारत के सामने उसकी चुनौती कितनी मजबूत है? पढ़िए।

Hashmatullah Shahidi Test

हशमतुल्लाह शहीदी, Photo Credit: ICC/X

भारत और अफगानिस्तान के बीच खेला जाने वाला इकलौता टेस्ट शनिवार (6 जून) से शुरू हो रहा है। महाराजा यादवेंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में हो रहे इस मुकाबले में अफगानी टीम की कमान हशमतुल्लाह शहीदी के हाथों में है। शहीदी को बल्लेबाजी में रहमानुल्लाह गुरबाज और रहमत शाह का साथ मिलेगा। वहीं गेंदबाजी की अगुवाई कैस अहमद और अजमतुल्लाह ओमरजई करेंगे।

 

अफगानिस्तान की टीम राशिद खान, नूर अहमद और मोहम्मद नबी के बगैर उतरेगी। राशिद ने पीठ की सर्जरी के बाद डॉक्टर की सलाह से रेड बॉल क्रिकेट से दूरी बनाई हुई है। वह अफगान टीम के लिए सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट चटकाने वाले गेंदबाज हैं। वहीं नूर टेस्ट टीम से दूर हैं, जबकि नबी ने आखिरी टेस्ट मैच 2019 में खेला था।

 

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दूसरी बार भारत-अफगानिस्तान की टक्कर

भारत और अफगानिस्तान की टीमें दूसरी बार टेस्ट फॉर्मेट में आमने-सामने होने वाली हैं। इससे पहले दोनों टीमों की भिड़ंत 2018 में हुई, जो अफगानिस्तान के टेस्ट इतिहास का पहला ही मैच था। बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए उस ऐतिहासिक मुकाबले में टीम इंडिया ने 2 दिन में ही अफगानिस्तान को ढेर कर दिया था। हालांकि अफगानी टीम ने इसके बाद से अच्छा प्रदर्शन किया। उसने अगले दो टेस्ट मैचों में आयरलैंड और बांग्लादेश को हराया।

अफगान टीम ने अब तक जीते 4 टेस्ट

अफगानिस्तान की टीम ने अपने पहले 6 टेस्ट में से 3 जीत लिए थे। वर्ल्ड क्रिकेट में ऐसी शुरुआत सिर्फ ऑस्ट्रेलिया ने ही की थी। हालांकि ध्यान देने वाली बात है कि अफगानी टीम ने ज्यादातर मुकाबले लोअर रैंक वाली टीमों से ही खेले हैं। अफगानिस्तान टीम के पास अब तक 12 टेस्ट मैच खेलने का अनुभव है, जिनमें से उसने 4 में जीत हासिल की है। वहीं 7 में उसे हार का सामना करना पड़ा है, जबकि एक मुकाबला ड्रॉ पर छूटा है। अफगानी टीम को अभी साउथ अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड का सामना करना बाकी है।

 

अफगानिस्तान ने अपने 12 टेस्ट मैचों में 41 खिलाड़ियों का डेब्यू कराया है। द्वितिय विश्व युद्ध के बाद टेस्ट क्रिकेट में आने वाली टीमों के लिए पहले 12 टेस्ट में ये आंकड़े सबसे ज्यादा हैं।

 

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अफगानिस्तान की टीम कितनी मजबूत?

अफगान टीम में कप्तान शहीदी और रहमत शाह दो सबसे अनुभवी खिलाड़ी हैं। दोनों के पास 11-11 टेस्ट मैचों का अनुभव है। इस फॉर्मेट में टीम की बल्लेबाजी भी इन्हीं दोनों के इर्द-गिर्द घूमती है। रहमत ने 46.19 की औसत से 970 रन बनाए हैं, तो वहीं शहीदी ने 48.18 की औसत से 771 रन बटोरे हैं। दोनों के नाम डबल सेंचुरी दर्ज है। अफगानिस्तान को इब्राहिम जादरान की कमी खलेगी, जो रहमत और शहीदी के बाद टीम के लिए तीसरे सबसे ज्यादा टेस्ट रन (602) बनाने वाले बल्लेबाज हैं। जादरान पूरी तरह से फिट नहीं थे। इसलिए उन्हें टेस्ट टीम में नहीं चुना गया। 

 

अफगानिस्तान की बल्लेबाजी यूनिट में थोड़ी स्थिरता है लेकिन उसकी गेंदबाजी कमजोर नजर आ रही है। पूरी बॉलिंग यूनिट के खाते में महज 13 विकेट ही हैं। बिलाल सामी और नांगेयालिया खारोटे पहली बार टेस्ट टीम में चुने गए हैं। वहीं कैस अहमद की वापसी हुई है।

 

अफगानिस्तान के बॉलिंग यूनिट में शामिल जियाउर रहमान और कैस अहमद ही दो ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 1 से ज्यादा विकेट लिए हैं। कैस ने 2 टेस्ट में 3 विकेट झटके हैं। वहीं जियाउर के नाम 7 विकेट दर्ज है। कुल मिलाकर देखा जाए, तो अफगानी टीम टेस्ट क्रिकेट में अभी भी नौसिखिया ही नजर आ रही है और भारतीय टीम जैसी शक्तिशाली टीम के सामने उससे कठिन चुनौती पेश करने की उम्मीद बेमानी होगी।

 

भारत के खिलाफ इकलौते टेस्ट के लिए अफगानिस्तान की टीम - हशमतुल्लाह शहीदी (कप्तान), अब्दुल मलिक, सेदिकुल्लाह अटल, रहमत शाह, रहमानुल्लाह गुरबाज, रहमानुल्लाह जादरान, अफसर जजाई, इकरम अलीखिल, अजमतुल्लाह ओमरजई, शराफुद्दीन अशरफ, नांगेयालिया खारोटे, कैस अहमद, बिलाल सामी, जिया शरीफि, सलीम साफी


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