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आधी-अधूरी तैयारी, टीम में जगह भी नहीं... रवि बिश्नोई का सेलेक्शन ही क्यों?

रवि बिश्नोई ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में 3 बैकफुट नो-बॉल डाले। उनकी खराब गेंदबाजी के चलते टीम इंडिया 190 रन को डिफेंड नहीं कर सकी।

Ravi Bishnoi Team India

रवि बिश्नोई, File Photo Credit: BCCI/X

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मैनचेस्टर में शनिवार (4 जुलाई) को खेले गए दूसरे टी20 मैच में इंग्लैंड ने भारत को 4 विकेट से हरा दिया। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने का फैसला किया था। टीम इंडिया ने निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 190 रन बनाए। जवाब में इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही। उसने अपने दोनों ओपनरों को पहले ही ओवर में गंवा दिया। इसके बावजूद मेजबान टीम 1 ओवर बाकी रहते ही लक्ष्य तक पहुंच गई। 

 

जैकब बेथेल ने 46 गेंद में 5 चौके और 5 छक्कों की मदद से 76 रन की नाबाद पारी खेली। कप्तान हैरी ब्रूक ने 15 गेंद में 39 रन ठोके। इंग्लैंड की जीत का टर्निंग पॉइंट 17वां ओवर रहा। रवि बिश्नोई ने इस ओवर में 29 रन खर्चे, जिससे मैच इंग्लैंड की झोली में चला गया। बिश्नोई ने इस ओवर में 2 बैकफुट नो-बॉल डाले। बेथेल ने इसका भरपूर फायदा उठाया और दोनों फ्री-हिट पर छक्का जड़ा। 

 

इससे पहले इंग्लैंड की पारी के चौथे ओवर में भी बिश्नोई ने बैकफुट नो-बॉल डाला था, जिसके फ्री हिट पर बेथेल ने चौका लगाया था। बिश्नोई ने 3 नो-बॉल और उसके फ्री-हिट पर भारत के कुल स्कोर के 10 फीसदी रन खर्च दिए, जो हार की बड़ी वजह बनी।

 

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आधी-अधूरी तैयारी ने किया बेड़ा गर्क

स्पिनर अमूमन नो-बॉल नहीं डालते हैं। उनसे कभी-कभी फ्रंटफुट नो-बॉल हो जाता है लेकिन बैकफुट नो-बॉल होना, बताता है कि तैयारी आधी-अधूरी है। बिश्नोई अपनी गेंदबाजी के दौरान गेंद की लाइन-लेंथ से ज्यादा इस पर फोकस कर रहे थे कि उनका पैर कहां पड़ रहा है। इससे पता चलता है कि नेट्स में उन्होंने मेहनत नहीं की है या फिर प्रैक्टिस के दौरान उनकी गलती को सुधारा नहीं गया है।

 

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बिश्नोई की टीम में हुई है सरप्राइज एंट्री

इस साल फरवरी-मार्च में हुए टी20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले रवि बिश्नोई की भारतीय टीम में वापसी हुई थी। वह न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में इंजरी रिप्लेसमेंट के रूप में टीम इंडिया से जुड़े थे। वॉशिंगटन सुंदर के चोटिल होने से उन्हें 2 मैच खेलने को मिले, जिसमें उन्होंने 3 विकेट झटके। इसके बाद IPL 2026 में उन्हें राजस्थान रॉयल्स ने सिर्फ 9 मैचों में मौका दिया। बिश्नोई ने इन 9 मैचों में 11 विकेट लिए। इस दौरान उनकी इकॉनमी 9.88 की रही। इसे देखते हुए उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए चुना जाना हैरान करने वाला है।

बिश्नोई के लिए नहीं है जगह

भारतीय टीम ने आयरलैंड में बिश्नोई को प्लेइंग-XI से बाहर रखा था लेकिन उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ दोनों टी20 मैचों में मौका मिला है। अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती के साथ बिश्नोई को खिलाने से टीम इंडिया एक कम बल्लेबाज के साथ उतर रही है। इसी का नतीजा है कि 2-3 विकेट गिरने के बाद अचानक रन गति धीमी हो जा रही है। किसी एक बल्लेबाज को पारी को एंकर करने की जरूरत पड़ रही है, जिससे भारतीय टीम विनिंग टोटल तक पहुंचने में नाकाम हो रही है। बिश्नोई को खिलाने से एक ऑलराउंडर को बाहर जाना पड़ रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब बिश्नोई के लिए जगह ही नहीं है, तो उनका सेलेक्शन क्यों हुआ?


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