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'हमेशा संजू ही क्यों...' टीम इंडिया के दिग्गज का यह बयान गंभीर को चुभ जाएगी!

भारतीय टीम ने संजू सैमसन को ड्रॉप कर दिया है। इसके बावजूद वह नहीं जीत पा रही है, जिस पर सवाल उठ रहे हैं। इस बीच टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज विकेटकीपर ने कुछ ऐसा कहा है, जो हेड कोच गौतम गंभीर को चुभ जाएगी।

Why BCCI drop Sanju Samson

संजू सैमसन, Photo Credit: PTI

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टीम इंडिया जब से यूनाइटेड किंगडम (UK) दौरे पर गई है, वह जीतना भूल गई है। आयरलैंड में 0-2 की हार के बाद भारतीय टीम अब इंग्लैंड में पिट रही है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ पहला टी20 मुकाबला बारिश में धुलना के बाद अगले तीनों मैच गंवा दिए हैं। अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का पांचवां और आखिरी मुकाबला शनिवार (11 जुलाई) को खेला जाना है। इससे पहले टीम इंडिया के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज पार्थिव पटेल को बाहर करने पर सवाल उठाए हैं।

 

संजू को इंग्लैंड दौरे पर पहले मैच के बाद ड्रॉप कर दिया गया था। उनकी जगह वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग-XI में शामिल किया गया। इस बदलाव के बावजूद टीम इंडिया को जीत नसीब नहीं हुई है। पार्थिव ने टीम मैनेजमेंट की आलोचना करते हुए कहा है कि हमेशा संजू को ही क्यों बाहर किया जाता है? उन्होंने वैभव के लिए संजू को ड्रॉप करने के फैसले को तर्कहीन बताया। 

 

संजू टी20 वर्ल्ड कप 2026 में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे थे। उन्होंने लगातार तीन मैचों में तीन यादगार पारियां खेल टीम इंडिया को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई। हालांकि उन्हें टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में बेंच पर रहना पड़ा था। तब ईशान किशन ने उन्हें रिप्लेस किया था। टी20 वर्ल्ड कप से पहले शुभमन गिल के लिए संजू की बलि दी गई थी। यानी गौतम गंभीर की कोचिंग में संजू को तीन बार अंदर-बाहर होना पड़ा है।

 

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बिना वजह संजू को बाहर बैठाया गया - पार्थिव

टी20 वर्ल्ड कप के आखिरी स्टेज में संजू को प्लेइंग-XI में शामिल किया गया था। मैनेजमेंट के भरोसे पर खरा उतरते हुए संजू ने टीम की नैया पार लगाई। उस समय हर किसी को लग रहा था कि उन्होंने अपनी जगह पक्की कर ली है लेकिन टी20 वर्ल्ड कप के बाद जहां वह 3 मैचों में फेल हुए, उन्हें किनारे लगा दिया गया। संजू की जगह वैभव को खिलाए जाने की बहस को आगे बढ़ाते हुए पार्थिव ने कहा कि इस युवा बल्लेबाज को टीम में जगह देना भावनात्मक रूप से सही फैसला है लेकिन इसके लिए सीनियर बल्लेबाज को टीम से बाहर करना तर्कहीन है।

 

पार्थिव ने यह भी स्वीकार किया कि अतीत में सैमसन को प्रदर्शन में निरंतरता नहीं रखने के कारण टीम से बाहर कर दिया गया था लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा सीरीज में उन्हें बाहर करने का कोई कारण नजर नहीं आता है। उन्होंने जियोस्टार से कहा, 'हमेशा संजू सैमसन को ही क्यों बाहर किया जाता है। अगर आप पिछले 11-12 सालों में संजू सैमसन के करियर को देखें तो एक चीज शुरू से उनका पीछा कर रही है और वह है उनके खेल में निरंतरता का अभाव।' 

 

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पार्थिव ने आगे कहा, 'या तो उस खिलाड़ी को बाहर किया जाता है जो तेजी से रन नहीं बना पा रहा हो या फिर लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा हो। आप भावनाओं और तर्क दोनों के आधार पर फैसले नहीं ले सकते। इसलिए वैभव सूर्यवंशी को मौका देना भावनात्मक रूप से सही फैसला था लेकिन अगर तर्क की बात करें तो यह सवाल उठता है कि संजू सैमसन को क्यों बाहर किया गया? मुझे लगता है कि यह फैसला भावनात्मक आधार पर लिया गया।'


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