भारतीय टीम ने गॉल में श्रीलंका को 165 रन से हराकर 2 टेस्ट मैचों की सीरीज में 1-0 से बढ़त हासिल कर ली थी। अब दूसरा टेस्ट रविवार (23 अगस्त) से कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब ग्राउंड पर खेला जाना है। इस मुकाबले में जीत दर्ज कर टीम इंडिया विदेशी धरती पर तीन साल में पहली टेस्ट सीरीज जीतने के इरादे से उतरेगी। कप्तान
शुभमन गिल
और सलामी बल्लेबाज
यशस्वी जायसवाल
की निगाहें बड़ा स्कोर बनाने पर होगी।
भारत ने विदेश में अपनी आखिरी टेस्ट सीरीज जुलाई 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ जीती थी। उसके बाद से भारत को ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा, जबकि उसने साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड में सीरीज बराबर की थी। इस बीच उसे न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका से घरेलू टेस्ट सीरीज में हार का सामना करना पड़ा था।
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WTC में भी मिलेगा फायदा
भारत अगर इस सीरीज में 2-0 से क्लीन स्वीप कर लेता है, तो वह 57.58 प्रतिशत अंकों के साथ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) रैंकिंग में चौथे स्थान पर पहुंच सकता है लेकिन यह बांग्लादेश की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में हार पर ही संभव हो पाएगा। डार्विन में पहले टेस्ट में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाली बांग्लादेशी टीम अभी चौथे स्थान पर है।
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गिल-जायसवाल पर निगाहें
भारत को इस मैच में गिल और जायसवाल से बड़ी पारी की उम्मीद रहेगी। गिल अच्छी फॉर्म में नजर आ रहे हैं। उन्होंने अपनी पिछली छह पारियों में दो शतक बनाए हैं लेकिन पिछले मैच में उनका बल्ला नहीं चल पाया है। उन्हें खासकर बाएं हाथ की स्पिनर के सामने दिक्कत हो रही है। गॉल में दोनों पारियों में उन्हें खब्बू स्पिनर प्रभात जयसूर्या ने आउट किया। कप्तान के रूप में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है। गिल ने कप्तानी संभालने के बाद 10 टेस्ट मैचों में 73 से अधिक के औसत से 1100 रन बनाए हैं। वह कप्तान के रूप में विदेश में अपनी पहली टेस्ट सीरीज जीतने के लिए भी प्रतिबद्ध होंगे।
जायसवाल की समस्या अलग
जायसवाल की समस्या थोड़ी और गंभीर है। पिछले साल वेस्टइंडीज के खिलाफ दिल्ली में शतक बनाने के बाद इस सलामी बल्लेबाज ने अपनी पिछली आठ पारियों में सिर्फ एक अर्धशतक बनाया है। जायसवाल तेज गेंदबाजों के खिलाफ कट या चिप शॉट खेलकर आउट हो रहे हैं, जो चिंताजनक है। गॉल में पहली पारी में रन आउट होने के बाद जायसवाल दूसरी पारी में भी इसी तरह से आउट हुए थे।
बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने अपने खेल के इस पहलू में सुधार करने के लिए शुक्रवार को SSC में नेट पर काफी समय बिताया। भारत के तेज गेंदबाजों और बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्कल ने ऑफ स्टंप के बाहर की उस लाइन को निशाना बनाया, जिससे जायसवाल को कट या चिप शॉट खेलने के लिए लुभाया जा सके लेकिन इस 24 साल के खिलाड़ी ने इस तरह की गेंदों को बिना छेड़े जाने दिया। अगर वह मैच में भी इसी तरह का धैर्य बनाए रखते हैं तो बड़ी पारी खेल सकते हैं।
कुलदीप की प्लेइंग-XI में बरकरार रहेगी जगह?
कुलदीप यादव ने पहले मैच में पिच से काफी मदद मिलने के बावजूद दो पारियों में 25 ओवर में सिर्फ एक विकेट लिया था। कुलदीप पहले टेस्ट मैच में गेंदबाजों में सबसे महंगे साबित हुए। उन्होंने प्रति ओवर चार से अधिक रन लुटाए। श्रीलंका की टीम में बाएं हाथ के अधिक बल्लेबाजों को देखते हुए ऑफ स्पिनर सारांश जैन को डेब्यू का मौका मिल सकता है लेकिन सिर्फ एक मैच के बाद किसी सीनियर गेंदबाज को टीम से बाहर करना गलत संकेत दे सकता है। कुलदीप ने शुक्रवार को अभ्यास सत्र में भाग नहीं लिया था, जिससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्हें प्लेइंग-XI में जगह नहीं मिलेगी। हालांकि अंतिम निर्णय काफी हद तक यहां की पिच पर निर्भर करता है, जिसे पिछले दो दिनों में पानी डालकर उसकी पकड़ बनाए रखी गई है।