बॉक्सिंग की नेशनल चैंपियनशिप 4 जनवरी को दोपहर 2 बजे से शुरू होने वाली थी लेकिन बदइंतजामी के कारण चैंपियनशिप का आगाज साढ़े चार घंटे की देरी से हुआ। ग्रेटर नोएडा के गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी में यह चैंपियनशिप आयोजित किया जा रहा था। बॉक्सर जब वेन्यू पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि अभी तो रिंग ही तैयार की जा रही है। लाइट भीं नहीं लग पाई थी।
लापरवाही की हद तो तब देखने को मिली जब खुलासा हुआ कि पेमेंट के कारण यह देरी हो रही थी। न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, 'विक्रेता को पेमेंट नहीं किया गया था। पेमेंट मिलने के बाद ही काम शुरू हुआ। इस चैंपियनशिप के लिए कोई स्पॉन्सर भी नहीं था।'
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समय पर नहीं पहुंचा उपकरण
वेन्यू पर मौजूद बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (BFI) के एक अधिकारी ने अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस से बताया कि उपकरण देरी से पहुंचा था। जिस दिन चैंपियनशिप शुरू होनी थी, उस दिन सुबह में काम शुरू हुआ, जबकि चैंपियनशिप के रिंग आम तौर पर एक दिन पहले ही तैयार हो जाते हैं।
पुरुष और महिला नेशनल चैंपियनशिप का आयोजन पहली बार एक साथ हो रहा है, जिसके लिए तीन रिंग तैयार होने थे लेकिन शाम 4 बजे तक केवल एक ही रिंग तैयार हो पाया और तकनीकी खराबी के कारण उसे भी दोबारा लगाना पड़ा।
BFI के अधिकारी ने कहा, 'वेन्यू तक उपकरण पहुंचने में कुछ समस्या आ गई थी। उपकरण कल तक ही पहुंच जाना चाहिए थे। तीन रिंग हैं और चाहे आप कितने भी आदमियों को लगा दें, कुछ नट-बोल्ट कसने बाकी रह ही जाते हैं। एक रिंग लगाने में 5-6 घंटे लगते हैं और यह एक बड़ी चैंपियनशिप है, इसलिए दोपहर 2 बजे तक शुरू करना मुश्किल था। हमने देरी को लेकर खिलाड़ियों पहले ही सूचित कर दिया था।'
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32 मुकाबले हुए रीशेड्यूल
चैंपियनशिप के पहले दिन 80 मुकाबले (38 महिला और 42 पुरुष) होने थे। पहला मुकाबला आखिरकार शाम 6:30 बजे पुरुषों के मुकाबले के साथ शुरू हुआ। BFI कहना था कि खिलाड़ियों को देरी के बारे में बता दिया गया था लेकिन महिला बॉक्सरों को रात 8 बजे तक भी उनके मुकाबलों के शुरू होने की कोई जानकारी नहीं मिली थी। आखिर में महिलाओं के सिर्फ 6 मुकाबले हुए। लंबे समय तक हुई देरी के कारण उनके 32 मुकाबलों को 6 जनवरी के लिए रीशेड्यूल करना पड़ा।
इधर-उधर घूमते रहे बॉक्सर
महिला वर्ग के शुरुआती मुकाबले में भिड़ने वाली मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन मीनाक्षी हुड्डा दोपहर बाद हॉल के अंदर योगा मैट पर बैठी हुई नजर आईं। वह अपनी ऊर्जा बचा रही थीं और अपने मुकाबले के समय की जानकारी का इंतजार कर रही थीं। आयोजकों की ओर से कोई सूचना नहीं मिलने पर वह आखिरकार शाम 7 बजे स्टेडियम से चली गईं। कई अन्य मुक्केबाजों ने भी समय बिताने की कोशिश की, कुछ ने हेडफोन लगा लिए जबकि कुछ हॉल में इधर-उधर घूमते रहे क्योंकि कोई घोषणा नहीं हुई थी।
उत्तराखंड की एक बॉक्सर ने PTI से कहा, 'पता नहीं कब शुरू होगा, कुछ बता भी नहीं रहे हैं।' एक अन्य बॉक्सर ने कहा, 'अभी तो बहुत समय लगेगा, रिंग भी अभी तक नहीं लगी है।' कई कोचों ने चेतावनी दी कि लंबे समय तक देरी से चोट लगने का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने कहा, 'कुछ बॉक्सरों ने नाश्ते के बाद से कुछ नहीं खाया है, क्योंकि उन्हें शुरुआती मुकाबलों के लिए चुना गया है। आप भरे पेट नहीं लड़ सकते लेकिन इस तरह की अनिश्चितता रिकवरी को प्रभावित करती है और चोट लगने का खतरा बढ़ाती है।'
बॉक्सिंग फेडरेशन ने मानी गलती
बाद में BFI ने एक बयान जारी कर कहा, 'भारतीय बॉक्सिंग फेडरेशन यह मानता है कि सीनियर बॉक्सिंग नेशनल चैंपियनशिप अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण देरी से शुरू हुआ। हम कन्फर्म करते हैं कि सभी कमियां दूर कर ली गई हैं और चैंपियनशिप अब रिवाइज शेड्यूल के अनुसार सुचारू रूप से चल रही है।'