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लॉर्ड्स में भारतीय महिला टीम ने रचा इतिहास, इंग्लैंड को 270 रन से हराया

भारत और इंग्लैंड के बीच एकमात्र टेस्ट मैच 10 जुलाई को लॉर्ड्स में शुरू हुआ था। भारतीय महिला टीम ने यह मैच 270 रनों से जीतकर इतिहास रच दिया।

INDW vs ENGW Lords test

भारतीय महिला टीम, Photo Credit: BCCIWomen/X

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भारतीय महिला क्रिकेट टीम का इंग्लैंड दौरा ऐतिहासिक जीत के साथ खत्म हुआ। 10 जुलाई से शुरू हुए इकलौते टेस्ट मैच में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत अपने नाम की। यह मुकाबला कई मायनों में खास रहा, क्योंकि लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर पहली बार महिला टेस्ट मैच खेला गया और भारत ने इस ऐतिहासिक मुकाबले को अपने नाम कर लिया। भारतीय टीम ने इंग्लैंड को 270 रनों के बड़े अंतर से हराकर इतिहास रच दिया।

 

लॉर्ड्स के 142 साल के इतिहास में पहली बार महिलाओं का टेस्ट मैच खेला गया और भारतीय महिला टीम ने इस मौके को वाकई यादगार बना दिया। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम इंडिया ने इंग्लैंड को उनके ही मैदान पर 270 रनों के बड़े अंतर से हराकर शानदार जीत हासिल की। ​​पूरे मैच में भारत का दबदबा साफ दिखा चाहे बैटिंग हो, बॉलिंग हो या फील्डिंग, टीम ने हर मामले में इंग्लैंड से कहीं बेहतर खेल दिखाया।

 

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भारतीय महिला टीम रेड-बॉल क्रिकेट में शानदार फॉर्म में है। अपने पिछले 11 टेस्ट मैचों में, टीम इंडिया ने 7 जीते हैं, 3 ड्रॉ खेले हैं और सिर्फ एक में हार का सामना किया है। इसके अलावा, यह इंग्लिश जमीन पर भारतीय महिला टीम का 11वां टेस्ट मैच था और हैरानी की बात यह है कि टीम इंडिया ने वहां अब तक एक भी महिला टेस्ट मैच नहीं हारा है।

IND vs ENG लॉर्ड्स टेस्ट हाइलाइट

अगर मैच की बात करें, तो शुरुआत से आखिर तक भारत का ही दबदबा देखने को मिला। पहले दिन इंग्लैंड की तेज गेंदबाज नई गेंद से सही लाइन-लेंथ नहीं पकड़ सकीं और स्मृति मंधाना ने इसका जमकर फायदा उठाया। उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की, जबकि कप्तान हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा ने भी बेहतरीन अर्धशतक लगाकर भारत को 285 रन के मजबूत स्कोर तक पहुंचा दिया। इसके बाद गेंदबाजी में क्रांति गौड़ ने कहर बरपाया। उन्होंने पांच विकेट लेकर इंग्लैंड की पहली पारी सिर्फ 170 रन पर समेट दी। इसके साथ ही भारत को 115 रन की अहम बढ़त मिल गई।

 

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दूसरी पारी में भी भारतीय बल्लेबाजों ने इंग्लैंड को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। स्मृति मंधाना ने पहली पारी में 83 रन बनाने के बाद दूसरी पारी में भी 70 रन की शानदार पारी खेली। इसके बाद यास्तिका भाटिया ने 113 रन की बेहतरीन सेंचुरी जड़कर मैच पूरी तरह भारत की मुट्ठी में कर दिया। आखिर में ऋचा घोष ने 52 गेंदों पर नाबाद 50 रन बनाकर इंग्लैंड की बची-खुची उम्मीदें भी खत्म कर दीं।

 

457 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम दूसरी पारी में भी पूरी तरह बिखर गई और 186 रन पर ऑलआउट हो गई। दोनों पारियों में सिर्फ एमी जोन्स ही ऐसी बल्लेबाज रहीं जिन्होंने थोड़ा संघर्ष किया। वहीं, हीदर नाइट और टैमी ब्यूमोंट का आखिरी टेस्ट वैसा बिल्कुल नहीं रहा, जैसा वे अपने करियर के अंत में चाहती होंगी।

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