इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का फाइनल मुकाबला रविवार (31 मई) को गुजरात टाइटंस (GT) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बीच अहमदाबाद में खेला गया। इस मुकाबले की शुरुआत में अंपायर ने बड़ी गलती की। टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी GT को साई सुदर्शन ने लगातार दो चौके जड़कर अच्छी शुरुआत दिलाई। हालांकि अगली ही गेंद पर वह कट-बिहाइंड आउट करार दे दिए गए। RCB की ओर से पहला ओवर लेकर आए जैकब डफी ने पांचवीं गेंद लेग स्टंप के बाहर की लाइन में पटकी हुई डाली थी, जिसे पुल करने के प्रयास में सुदर्शन चूक गए।
गेंद उनके बल्ले के करीब से निकली थी। हालांकि किसी तरह की अवाज नहीं आई लेकिन RCB के खिलाड़ियों ने जोरदार अपील कर अंपायर नितिन मेनन को दबाव में ला दिया। मेनन ने उंगली खड़ी कर दी। सुदर्शन ने तुरंत रिव्यू की मांग की और वह बच गए। गेंद को वाइड करार दिया गया। ऐसा प्रतित हुआ कि वाइड बचाने के लिए ही RCB ने यह अपील की थी। इसके बाद 10वें ओवर में RCB की ओर से साफ बेईमानी देखने को मिली।
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फाइनल में गरमाया माहौल
GT की टीम 9 ओवर में 59 रन पर 3 विकेट खो दिए थे और वह संघर्ष कर रही थी। अब जोस बटलर और वॉशिंगटन सुंदर के ऊपर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी थी। कुछ ही देर पहले क्रीज पर आए सुंदर ने डफी की पटकी हुई गेंद को पुल करने का प्रयास किया लेकिन गेंद और बल्ले का संपर्क अच्छा नहीं हुआ। डीप फाइन लेग पर खड़े सब्स्टिट्यूट फील्डर जॉर्डन कॉक्स ने आगे की ओर भागते हुए दोनों हाथों से कैच पूरा किया। हालांकि थर्ड अंपायर संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने चेक किया कि कैच सफाई से पूरा किया गया है कि नहीं।
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थर्ड अंपायर को रिप्ले में दिखा कि कॉक्स की उंगलियों में गेंद जरूर फंसी थी लेकिन उसका कुछ हिस्सा जमीन पर लग गया था। इसके बाद उन्होंने सुंदर को नॉटआउट दे दिया। बड़ी स्क्रीन पर फैसला आने के बाद विराट कोहली हैरान नजर आए। पूरा RCB खेमा नाखुश था। इस बीच RCB के कप्तान रजत पाटीदार मैदानी अंपायर से बहस करने लगे, जिससे माहौल गरमा गया। अंपायर ने उन्हें तुरंत समझाया कि जब गेंद जमीन को छू रही थी, उस समय कॉक्स की उंगलियां गेंद के नीचे नहीं थी लेकिन पाटीदार मानने के लिए तैयार नहीं थे। काफी देर तक वह बहस करते रहे। हालांकि इससे कुछ फर्क पड़ने वाला नहीं था। कुछ देर तक खेल रुका रहा। अंपायर नॉटआउट फैसले से अडिग नहीं हुए। सुंदर और GT को बड़ी राहत मिली।