ICC टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारतीय टीम का ऐलान होने से पहले किसी को उम्मीद नहीं थी कि ईशान किशन को जगह मिलेगी। ईशान दो साल से टीम इंडिया से बाहर चल रहे थे। 2023 के अंत में साउथ अफ्रीका दौरे के बीच ब्रेक लेने के चलते बोर्ड और मैनेजमेंट उनसे खफा था। हालांकि ईशान किशन ने घरेलू क्रिकेट में अपने धमाकेदार प्रदर्शन से सेलेक्टर्स को मजबूर किया कि उनकी ओर भी देखा जाए।
टी20 वर्ल्ड कप टीम चुने जाने से ठीक पहले ईशान ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के फाइनल में शतक ठोक झारखंड को चैंपियन बनाया और अपना दावा मजबूत किया। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और उन्हें टी20 वर्ल्ड कप और न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए चुन लिया गया। ईशान ने न्यूजीलैंड सीरीज में धांसू बल्लेबाजी कर प्लेइंग-XI में अपनी जगह पक्की और फिर टीम को टी20 वर्ल्ड कप खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई।
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ईशान का छलका दर्द
ईशान भारत की ओर दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। उन्होंंने 9 मैचों में 193.29 के स्ट्राइक रेट से 317 रन ठोके। ईशान ने ओपनिंग और नंबर-3 पर खेलते हुए ये रन बनाए। रविवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में 25 गेंद में 54 रन की आतिशी पारी खेलने के बाद ईशान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मजाक-मजाक में दो साल तक बाहर रहने के अपने दर्द को बयां किया।
दरअसल, वह अभिषेक शर्मा के साथ पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। इस बीच एक पत्रकार ने पूछा कि खराब समय आने पर आप कैसे उससे उबरते हैं? आम लोगों के जीवन में भी परेशानी होती है, उनके लिए क्या मैसेज होगा? इस सवाल का जवाब देने के लिए अभिषेक शर्मा ने माइक उठाया कहा कि वह बेहतर जवाब दे सकते हैं, क्योंकि पिछले एक महीने से वह खराब दौर से गुजर रहे थे। तभी ईशान ने कहा कि इसका जवाब मैं भी दे सकता हूं। ईशान ने अभिषेक से मजाकिया अंदाज में कहा, 'तेरा एक महीना फॉर्म गया था। मैं दो साल बाहर रहा हूं।'
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सवाल के जवाब में क्या बोले अभिषेक?
अभिषेक ने पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए कहा, 'एक चीज बहुत मैटर करती इसमें कि आपकी कंपनी कैसी है? अगर आपके आसपास आपको बहेतर बनाने के लिए लोग हैं, जो आपके लिए खुश हैं। अगर आप इंसान के तौर पर आपने वह चीज अचीव की है, क्योंकि मुझे ऐसा लगा जब मेरे मैच अच्छे नहीं जा रहे थे या मैं योगदान नहीं दे पा रहा था लेकिन सारे इतना मेरे लिए सोच रहे थे और इतना खुश थे कि ये करेगा।
उन्होंने आगे कहा, 'मैंने किसी भी प्लेयर, कोच या सपोर्ट स्टाफ जितने भी लोग थे किसी के भी चेहरे पर एक डाउट नहीं था, बल्कि मेरे अंदर डाउट था कि यार क्यों नहीं हो रहा... ऐसे नहीं हो रहा लेकिन मुझे लगता है कि कंपनी बहुत मायने रखती है कि आपके आसपास कौन है। आपको कौन मोटिवेट कर रहा है, उस टाइम पर बिलीव आप पर है कि नहीं। यह चीज है जो मेरे लिए सबसे ज्यादा मायने रखती है। हर किसी के जीवन में ऐसा होता है। ये सिर्फ क्रिकेट में नहीं बल्कि जीवन में भी ऐसा ही है।'
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ईशान ने क्या कहा?
ईशान ने इस सवाल के जवाब में कहा, 'इससे फर्क नहीं पड़ता कि आपका समय कितना खराब है, आपको अपने ऊपर भरोसा करना होता है। अगर खुद पर संदेह करोगे तो मैदान पर अच्छा नहीं कर पाओगे लेकिन मेरा मानना है कि जब आप कड़ी मेहनत करते हैं और बुरे वक्त में दूसरों का साथ देते हैं तो बाद में ये आपके ही काम आता है।'
उन्होंने आगे बताया, 'जब मुझे घरेलू क्रिकेट में जाना पड़ा था तो मैंने खुद पर फोकस करने के साथ ही टीम को भी आगे बढ़ाने का निर्णय लिया क्योंकि टीम स्पोर्ट में व्यक्तिगत सफलता मायने नहीं रखती। घरेलू क्रिकेट में टीम के माहौल को अच्छा रखने और फिर नेशनल टीम के साथ भी वही करने ने मुझे सिखाया कि आप अपने साथी खिलाड़ियों से छोटी और अच्छी चीजें सीख सकते हैं। जैसा अभिषेक ने कहा आपके आस-पास का माहौल काफी अहम होता है। आपको नकारात्मक लोग नहीं चाहिए क्योंकि उनकी नकारात्मक सोच आपके दिमाग में घूमने लगती है।'