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किलियन एमबापे के रिकॉर्ड गोल से क्वार्टर फाइनल में फ्रांस, अब मोरक्को से भिड़ंत

स्ट्रार स्ट्राइकर किलियन एमबापे ने पराग्वे के खिलाफ पेनल्टी पर गोल दागा, जो बाद में निर्णायक साबित हुआ। फ्रांस अब क्वार्टर फाइनल में मोरक्को से भिड़ेगा।

Kylian Mbappe FIFA World Cup

किलियन एमबापे, Photo Credit: FIFA World Cup/X

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फ्रांस ने FIFA वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। स्टार स्ट्राइकर किलियन एमबापे के रिकॉर्ड गोल की बदौलत फ्रांस ने पराग्वे को 1-0 से हराकर अगले राउंड में कदम रखा। पराग्वे के खिलाड़ियों ने एमबापे को खुलकर खेलने से रोके रखा और इस बीच उन्हें भड़काने की भी कोशिश की। हालांकि यह दिग्गज खिलाड़ी शांत बना रहा और इस बीच मुस्कुरा कर खेल का पूरा आनंद भी लेता रहा। यही वजह थी कि जब फ्रांस को 70वें मिनट में पेनल्टी मिली तो उन्होंने बड़ी सहजता से पराग्वे के गोलकीपर ऑरलैंडो गिल को छकाकर उस पर गोल कर दिया। 

 

एमबापे के वर्ल्ड कप करियर का यह 19वां गोल था जो, आखिर में निर्णायक साबित हुआ। भीषण गर्मी में खेले गए इस मैच में एमबापे के इस गोल ने फ्रांस को लगातार चौथी बार अंतिम-8 में पहुंचा दिया। एमबापे इसके साथ ही पहले ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने तीन वर्ल्ड कप के नॉकआउट राउंड में कम से कम तीन गोल किए हैं। फ्रांस अब क्वार्टर फाइनल में गुरुवार को मोरक्को का सामना करेगा।

 

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मोरक्को ने कनाडा को हराया

अजेदीन ओउनाही के दो गोल की मदद से मोरक्को ने कनाडा को 3-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई है। इस तरह से वह वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में एक से अधिक बार पहुंचने वाला पहला अफ्रीकी देश बन गया। पहला हाफ गोलरहित छूटने के बाद मोरक्को ने अपना असली रंग दिखाया और दनादन तीन गोल करके सह-मेजबान कनाडा का जादुई अभियान आगे नहीं बढ़ने दिया। 

 

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ओउनाही ने 50वें और 82वें मिनट में गोल किए। उसकी तरफ से तीसरा गोल सोफियान रहीमी ने इंजरी टाइम के आठवें मिनट में किया। कनाडा ने भी अच्छा खेल दिखाया लेकिन वह मिले मौकों का फायदा नहीं उठा पाया। इसके बावजूद कनाडा के लिए यह वर्ल्ड कप यादगार बन गया, क्योंकि वहां फुटबॉल लोकप्रिय नहीं है और वहां के लोगों पर आइस हॉकी का जादू सर चढ़कर बोलता है। यही कारण है कि उसके कोच जेसी मार्श टीम के प्रदर्शन से संतुष्ट नजर आए। मार्श ने कहा, 'यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि कनाडा की टीम इंटरनेशनल स्तर पर ऐसे मुकाम पर है, जिसकी 10 साल पहले कल्पना भी नहीं की जा सकती थी।'


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