इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के फाउंडर और पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने एक हालिया इंटरव्यू में कांग्रेस सांसद शशि थरूर पर सनसनीखेज आरोप लगाया है। ललित मोदी ने कहा है कि IPL में कोच्चि टस्कर्स केरल (KTK) की एंट्री मामले में सुनंदा पुष्कर पर सवाल उठाने के बाद शशि थरूर ने उन्हें रेड की धमकी दी थी। ललित मोदी ने सुनंदा पुष्कर से जुड़े एक कथित धोखाधड़ी वाले इक्विटी संट्रक्चर को लेकर कोच्चि कंसोर्टियम की एंट्री को रोकने का प्रयास किया था। उन्होंने दावा किया है कि इसके बाद शशि थरूर ने उन्हें फोन किया और कहा कि सुनंदा पुष्कर के बारे में ज्यादा मत पूछे। वह मेरी अच्छी दोस्त हैं। अगर मेरी बात नहीं मानी तो रेड करवा दूंगा।
KKT टीम ने IPL के 2011 सीजन में हिस्सा लिया था। फ्रेंचाइजी की मालिक कोच्चि क्रिकेट प्राइवेट लिमिटेड थी, जो कई कंपनियों से मिलकर बने एक समूह (कंसोर्टियम) की थी। इस फ्रेंचाइजी का IPL में सफर मुश्किल से एक साल तक ही चल सका। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने तय समय पर बैंक की गारंटी नहीं देने पर इसे टर्मिनेट कर दिया था। KTK के मालिकों संग विवाद के चलते ललित मोदी को भी BCCI से निकाल दिया गया।
ललित मोदी ने दावा किया है कि KTK के पास स्टेडियम नहीं होने के बावजूद शशि थरूर के कहने पर ही उन्होंने इस फ्रेंचाइजी को IPL के सिस्टम में आने दिया था। उन्होंने न्यूज एजेंसी ANI को दिए इंटरव्यू में कहा है कि सच्चाई उजागर करने के कारण वह फ्रेंचाइजी के मालिकों के निशाने पर आ गए थे।
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शशि थरूर को सोनिया गांधी का था समर्थन - शशि थरूर
ललित मोदी ने कोच्चि फ्रेंचाइजी में सुनंदा पुष्कर का स्वेट इक्विटी होने पर उनके बारे में पूछताछ की थी। उन्हें बताया गया कि सुनंदा पुष्कर खाड़ी देशों में कारोबार कारोबार करने वाली महिला हैं। इसके बाद वह समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करना चाहते थे लेकिन तत्कालिन BCCI अध्यक्ष शशांक मनोहर के कहने पर उन्हें मजबूर होना पड़ा।
ललित मोदी ने कोच्चि टस्कर्स विवाद पर कहा, 'शशि थरूर का समर्थन सोनिया गांधी कर रही थीं। उन दिनों मुझे अहमद पटेल और प्रणब मुखर्जी के फोन आते थे। राजीव शुक्ला जैसा आदमी मेरे पास आकर कहता था कि चलो अहमद पटेल आ रहा है। कोई कोच्चि कंसोर्टियम जैसी टीम के लिए 35 करोड़ डॉलर कैसे दे सकता है, जहां 75% शेयरहोल्डर पूरी लागत का भुगतान कर रहे हैं? रेवेन्यू के हर डॉलर का 15% हिस्सा उसे मिलता... मुझे पता था कि यह सब विफल हो जाएगा... दो साल बाद, यह विफल हो गया... मैंने समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए, क्योंकि मैं कंसोर्टियम के हर सदस्य से मिलना चाहता था।'
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BCCI अध्यक्ष के कहने पर तैयार हुआ ललित मोदी
ललित मोदी ने कहा, 'बैठक बेंगलुरु में हुई। सुनंदा पुष्कर नाम की महिला को छोड़कर सभी शेयरहोल्डर मौजूद थे। मैं इस समझौते को देख रहा था, और वैसे, मुझे पता ही नहीं था कि वह कौन है... मैं इन कंसोर्टियम सदस्यों से पूछ रहा था। आप सुनंदा पुष्कर नाम की महिला को 25% शेयर दे रहे हैं। वह कौन है?... मैंने कहा कि मैं नहीं जाऊंगा। जब तक मुझे पता नहीं चलता कि सुनंदा पुष्कर कौन हैं, तब तक मैं इस समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करूंगा। जैसे ही मैंने यह कहा, शशि थरूर का फोन आ गया... उन्होंने कहा, ललित, सुनंदा पुष्कर के बारे में मत पूछो। वह मेरे अच्छी दोस्त हैं। उन्होंने कहा, अगर तुमने पूछा, तो मैं सुबह तुम्हारे यहां रेड करवा दूंगा।'
ललित मोदी आगे बताते हैं, 'मैंने कहा, तुम खुद को क्या समझते हो? तुम मंत्री हो सकते हो लेकिन मुझे यह बताने की हिम्मत मत करना। मैंने फोन पटक दिया और कहा कि मैं इस पर हस्ताक्षर नहीं करूंगा। हंगामा मच गया। सुबह के दो बज रहे थे। तभी मुझे एक फोन आया, आप इसकी पुष्टि कर सकते हैं। यह फोन BCCI अध्यक्ष शशांक मनोहर का था, जो कभी दखल नहीं देते थे। बहुत अच्छे इंसान थे। उन्होंने कहा कि ललित तुम आज इस समझौते पर हस्ताक्षर करोगे... अब मैं कभी भी अधिकार का विरोध नहीं करता... मैंने उनसे कहा कि मैं दबाव में इस समझौते पर हस्ताक्षर कर रहा हूं और मैं यह बात सामने लाऊंगा कि अध्यक्ष मुझे इस समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर कर रहे हैं... अगले दिन, मैं सुबह उठा, हर अखबार के पहले पन्ने पर था - सुनंदा पुष्कर की शशि थरूर से शादी। अब मुझे समझ आ गया कि मुझे इस पर हस्ताक्षर क्यों करने पड़े।'
शशि थरूर के कारण IPL में हुई KTK की एंट्री?
ललित मोदी ने न्यूज एजेंसी ANI को दिए इंटरव्यू में कहा है, 'यह सवाल किसी ने नहीं पूछा कि मैंने कोच्चि को सिस्टम में बोली लगाने की अनुमति कैसे दी? कोच्चि के पास तो स्टेडियम भी नहीं था। तो मैंने कोच्चि को सिस्टम में आने की अनुमति क्यों दी? मैंने शशि थरूर के लिए इसे क्यों खोला, क्योंकि उस समय उन्होंने मेरी चापलूसी की थी... वह मुझे बाहर ले गए थे। वह मेरे घर आए थे। बस इतना ही काफी था और मैं उनेके झांसे में आ गया। वह मीठी-मीठी बातें करने में माहिर हैं, इसमें कोई शक नहीं... गलती यह हुई कि मैंने सच्चाई उजागर कर दी। क्योंकि मैं IPL फ्रेंचाइजी को बर्बाद होते नहीं देख सकता था। मैं भविष्य देख सकता था और मैंने जो भी भविष्यवाणी की थी, वह सच हो गई।'