ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के युवा मुक्केबाज जदुमणि सिंह मांडेंगबाम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरिषों के 55 किलोग्राम वेट कैटेगरी में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इस इवेंट में खेले गए फाइनल मुकाबले में उन्हें ऑस्ट्रलिया के जाय डिक्सन से 5-0 के एकतरफा फैसले से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि जदुमणि गोल्ड जीतने से चूक गए लेकिन पूरे टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन जबरदस्त रहा। उन्होंने शानदार मुक्केबाजी करते हुए भारत की झोली में एक और अहम पदक डाल दिया।
22 वर्षीय जदुमणि पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स के फाइनल में पहुंचे थे। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने बेहतरीन खेल दिखाया और अपने दमदार प्रदर्शन से खुद को भारत के उभरते मुक्केबाजों में शामिल कर लिया है। उनका यह सिल्वर मेडल कॉमनवेल्थ गेम्स में पहला पदक है, जिसे भारतीय बॉक्सिंग के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
यह भी पढ़ें: CWG 2026: ट्रिपल जंप में प्रवीण-सेल्वा ने रचा इतिहास, भारत के लिए जीते 2 मेडल
फाइनल में डिक्सन के सामने नहीं चली रणनीति
फाइनल मुकाबले की शुरुआत काफी रोमांचक रही और शुरुआती राउंड में दोनों मुक्केबाजों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। हालांकि जैसे-जैसे मुकाबला आगे बढ़ा ऑस्ट्रेलिया के जाय डिक्सन ने अपने सटीक पंच और बेहतरीन रिंग कंट्रोल के दम पर बढ़त बना ली। अंतिम राउंड में जदुमणि ने आक्रामक अंदाज में वापसी की कोशिश की लेकिन डिक्सन ने संयम बनाए रखा और पांचों जजों ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया। इस तरह जदुमणि को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।
सेमीफाइनल में दिखाया था दमदार खेल
जदुमणि ने सेमीफाइनल में इंग्लैंड के एलिस ट्रॉब्रिज को 5-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। इससे पहले उन्होंने अपने अभियान की शुरुआत पाकिस्तान के सुमामा रहमान पर 5-0 की शानदार जीत के साथ की थी। इस जीत के बाद उन्होंने अपना प्रदर्शन कारगिल युद्ध के वीर सैनिकों को समर्पित किया था, जिससे वह सुर्खियों में आ गए थे। क्वार्टर फाइनल में जीत दर्ज कर उन्होंने भारत के लिए पदक पहले ही पक्का कर दिया था।
यह भी पढ़ें: कॉमनवेल्थ गेम्स: नीरज चोपड़ा को जैवलिन में सिल्वर मेडल, गोल्ड से कैसे चूके?
जदुमणि ने बॉक्सिंग में तीसरा मेडल जीता
जदुमणि ने इस पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाया। खास बात यह रही कि उन्होंने अपनी 50 किलोग्राम कैटेगरी से ऊपर 55 किलोग्राम वर्ग में उतरकर भी बेहतरीन प्रदर्शन किया और सिल्वर मेडल जीत लिया। इससे पहले 1 अगस्त को भारतीय महिला मुक्केबाज प्रीति पवार और जैस्मिन लंबोरिया ने अपने-अपने फाइनल मुकाबले जीतकर गोल्ड मेडल देश की झोली में डाले थे। लगातार मिल रही इन कामयाबियों से साफ है कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का बॉक्सिंग अभियान शानदार चल रहा है। जदुमणि का सिल्वर मेडल भी इस बेहतरीन प्रदर्शन की बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गया है।