स्टार टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा ने शुक्रवार (26 जून) को आरोप लगाया कि भारतीय टेबल टेनिस महासंघ (TTFI) ने आगामी एशियन गेम्स के लिए टीम चुनते समय अपने ही संविधान का उल्लंघन किया है। हालांकि मनिका ने यह भी माना कि वह मानसिक रूप से थक चुकी हैं। अब वह इस लड़ाई से पीछे हट रही हैं। दूसरी तरफ TTFI का कहना है कि सेलेक्शन प्रक्रिया पूरी तरह से नियमों के अनुसार थी। TTFI ने 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले एशियन गेम्स के लिए अपनी 10 सदस्यीय टेबल टेनिस टीम की घोषणा की थी, जिसमें मनिका का नाम रिजर्व खिलाड़ियों की सूची में शामिल किया गया था।
सोशल मीडिया पर एक बयान में मनिका ने दावा किया कि TTFI ने उन्हें सूचित किया था कि सेलेक्शन प्रक्रिया पूरी तरह से नियमों के अनुसार थी लेकिन उनके पास मौजूद डॉक्यूमेंट्स से पता चला कि 9 सदस्यीय सेलेक्शन कमिटी ने एशियन गेम्स की टीम को चुना था। मनिका ने आरोप लगाया कि यह TTFI के संविधान के नियम 24(C)(j) के खिलाफ है। इस नियम के मुताबिक, किसी भी सब-कमिटी में 7 से अधिक सदस्य नहीं हो सकते।
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मनिका ने जनता पर छोड़ा फैसला
मनिका ने कहा, '9 सदस्यीय कमिटी ने मेरा भविष्य तय किया, फिर भी मुझे बताया जा रहा है कि प्रक्रिया संविधान और नियमों के पूरी तरह अनुरूप थी।' कॉमनवेल्थ गेम्स की पूर्व गोल्ड मेडलिस्ट और तीन बार की ओलंपियन मनिका ने कहा कि वह इस मामले पर फैसला जनता पर छोड़ रही हैं। खासकर उन लोगों पर जो लगातार कहते रहे हैं कि नियमों का सम्मान किया जाना चाहिए और उन्हें सभी पर समान रूप से लागू किया जाना चाहिए। मनिका ने कहा कि वह थक चुकी हैं और TTFI के साथ इस लड़ाई को जारी नहीं रखना चाहती।
मनिका ने कहा, 'मैं इस लड़ाई से मानसिक रूप से थक चुकी हूं और फिलहाल मैं अपने हथियार डाल रही हूं।' उन्होंने कहा कि उनका ध्यान अमेरिका में चल रहे एक टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करने पर है। मनिका ने कहा, 'आज मेरे पास एक बड़ी जिम्मेदारी है। मैं अभी एक टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हूं और अब मेरा पूरा ध्यान टूर्नामेंट पर होगा।' चुनी गई टीम को शुभकामनाएं देते हुए मनिका ने कहा, 'चुनी गई टीम की मैं सफलता की कामना करती हूं। जाएं और भारत का नाम रोशन करें।'
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क्या है पूरा विवाद?
एशियन गेम्स 2026 के लिए चुनी गई भारत की मेन टेबल टेनिस टीम से मनिका को बाहर किए जाने से पूरा विवाद शुरू हुआ। मनिका ने सेलेक्शन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निरंतरता पर सवाल उठाए थे, जबकि TTFI का कहना है कि टीम को उनकी चयन नीति के हिसाब से चुना गया था। TTFI के अनुसार, खिलाड़ियों को एक ऐसे फॉर्मूले से चुना गया, जिसमें नेशनल रैंकिंग को 50 प्रतिशत, वर्ल्ड रैंकिंग को 40 प्रतिशत और सेलेक्शन कमिटी के रुख को 10 प्रतिशत भार दिया गया।
मनिका इंटरनेशनल सर्किट में भारत की दूसरी सबसे ऊंची रैंकिंग वाली महिला एकल खिलाड़ी बनी हुई हैं लेकिन कई घरेलू टूर्नामेंट में शामिल नहीं हो पाने की वजह से उनकी नेशनल रैंकिंग पर असर पड़ा जो सेलेक्शन प्रक्रिया का एक अहम हिस्सा है। महिला टीम की कप्तानी भारत की सबसे ऊंची रैंकिंग वाली महिला खिलाड़ी और दुनिया की 45वें नंबर की खिलाड़ी श्रीजा अकुला करेंगी। टीम में यशस्वी घोरपड़े, दिया चितले, सुतीर्था मुखर्जी और सिंड्रेला दास भी शामिल हैं। मनिका के साथ सवास्तिका घोष को भी रिजर्व खिलाड़ी के तौर पर चुना गया था।