न्यूजीलैंड क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले स्टार बल्लेबाज और पूर्व कप्तान केन विलियमसन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। इंग्लैंड के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज के बीच 35 वर्षीय खिलाड़ी ने यह बड़ा फैसला लेकर अपने 16 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर पर विराम लगा दिया। उनके संन्यास के साथ ही विश्व क्रिकेट के एक सुनहरे दौर का अंत माना जा रहा है।
साल 2010 में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले विलियमसन ने अपनी तकनीक, संयम और नेतृत्व क्षमता के दम पर दुनिया के बेहतरीन बल्लेबाजों में जगह बनाई। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट में न्यूजीलैंड की हार के बाद उन्होंने बचे दो टेस्ट मैचों से हटने और तत्काल प्रभाव से संन्यास लेने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से इस निर्णय पर विचार कर रहे थे और अब उन्हें लगा कि विदाई लेने का यही सही समय है।
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टेस्ट क्रिकेट में बनाया इतिहास
केन विलियमसन न्यूज़ीलैंड के सबसे सफल टेस्ट बल्लेबाज के तौर पर अपना करियर समाप्त कर रहे हैं। उन्होंने 110 टेस्ट मैचों में 9,515 रन बनाए और उनका औसत 54.06 रहा जो बहुत शानदार है। उनके नाम 33 टेस्ट शतक भी दर्ज हैं। टेस्ट क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन और मैच जिताने वाली पारियों ने उन्हें न्यूजीलैंड क्रिकेट का एक दिग्गज बना दिया है।
विलियमसन के करियर का सबसे यादगार पल 2021 में आया। जब उनकी कप्तानी में न्यूजीलैंड ने भारत को हराकर पहली बार वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया। इसके अलावा उनकी अगुआई में टीम 2019 वनडे वर्ल्ड कप और 2021 टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंची। उनकी कप्तानी को शांत और रणनीतिक नेतृत्व का बेहतरीन उदाहरण माना जाता है।
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वनडे और टी20 में भी छोड़ी गहरी छाप
विलियमसन ने 175 वनडे मैचों में 7,256 रन और 93 टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में 2,575 रन बनाए। वह न्यूजीलैंड के लिए वनडे में चौथे और टी20 इंटरनेशनल में दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। न्यूजीलैंड के हडे कोच रॉब वाल्टर ने उन्हें महान खिलाड़ी, शानदार कप्तान और क्रिकेट का सच्चा राजदूत बताया।