रणजी ट्रॉफी 2025-26 सीजन में बिहार हाल बेहाल है। एलीट ग्रुप में खेल रही बिहार की टीम उत्तर प्रदेश और बड़ौदा से बुरी तरह से हार चुकी है। उत्तर प्रदेश के खिलाफ बिहार को अपने घर में पारी और 267 रन से करारी हार झेलनी पड़ी थी। इसके बाद साकिबुल गनी की कप्तानी वाली टीम ने वडोदरा में बड़ौदा के सामने हथियार डाल दिए। बड़ौदा ने बिहार को 10 विकेट से शिकस्त दी थी।
शुरुआती दो राउंड में खराब प्रदर्शन के बाद बिहार के बल्लेबाजों से सुधार की उम्मीदें थीं लेकिन तीसरे राउंड में मध्य प्रदेश के खिलाफ भी उनका लचर प्रदर्शन जारी रहा। इंदौर में सोमवार (26 अक्टूबर) को बिहार की पूरी टीम महज 30.3 ओवर में 99 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। ओपनर मंगल महरूर (42) को छोड़कर कोई नहीं चल सका।
बिहार की खराब बैटिंग का आलम ये रहा कि टॉप-7 में से 6 बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके। टीम ने 59 रन पर 7 विकेट गंवा दिए थे। महरूर ने आखिरी विकेट के रूप में आउट होने से पहले बिहार को 100 के करीब पहुंचाकर थोड़ी बहुत लाज रख ली।
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आशुतोष अमन को कोच बनाने से क्या फायदा?
मौजूदा रणजी सीजन शुरू होने से पहले आशुतोष अमन को बिहार का हेड कोच बनाया गया था। हालांकि बिहार की कप्तानी का लंबा अनुभव रखने वाले आशुतोष अमन की कोचिंग में टीम का बुरा हाल हो गया है। खराब प्रदर्शन का सिलसिला पूरे सीजन चलता रहा तो टीम फिर से प्लेट ग्रुप में रेलीगेट हो सकती है।
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सारांश जैन ने झटके 7 विकेट
श्रीलंका दौरे के लिए टीम इंडिया के लिए टेस्ट डेब्यू करने वाले ऑफ स्पिनर सारांश जैन ने बिहार के बल्लेबाजों को अपनी फिरकी पर खूब नचाया। सारांश ने 13 ओवर में 40 रन देकर 7 विकेट झटके। आवेश खान ने 13 रन देकर 2 विकेट निकाले। वहीं कुमार कार्तिकेय को 1 सफलता मिली।
बिहार को सस्ते में निपटाने के बाद मध्य प्रदेश की टीम ने 3 विकेट के नुकसान पर 245 रन बना लिए हैं। उसकी बढ़त 146 रन की हो चुकी है। मेजबान टीम ने पहले दिन ही मुकाबले पर शिकंजा कस लिया है।