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1 महीने तक फोन बंद, टी20 वर्ल्ड कप के लिए बदला गेम प्लान, संजू ने ऐसे पलटी कहानी

संजू सैमसन ने लगातार तीन नॉकआउट मैचों में 80 प्लस स्कोर बनाकर भारत को टी20 वर्ल्ड कप चैंपियन बनाया। टूर्नामेंट की शुरुआत में उनकी प्लेइंग-XI में जगह तक नहीं बन पा रही थी।

Sanju Samson T20 World Cup

संजू सैमसन, Photo Credit: BCCI/X

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भारत के टी20 वर्ल्ड कप जीत के हीरो संजू सैमसन सोमवार (9 मार्च) को अपने गृहनगर तिरुवनंतपुरम पहुंचे। संजू का एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत हुआ। उन्होंने इस दौरान पत्रकारों से भी बात की और बताया कि कैसे टी20 वर्ल्ड कप 2026 में यादगार वापसी की। टूर्नामेंट की शुरुआत में संजू ने प्लेइंग-XI में अपनी जगह गंवा दी थी। अभिषेक शर्मा के बीमार होने के चलते उन्हें नामीबिया के खिलाफ खेलने का मौका मिला। अभिषेक के फिट होते ही वह बाहर हो गए।

 

सुपर-8 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिली हार के बाद टीम इंडिया ने अपनी रणनीति में बदलाव किया और अभिषेक शर्मा-ईशान किशन की जोड़ी को तोड़ संजू को ओपनिंग स्लॉट में लाया गया। संजू ने इस मौके का फायदा उठाया और लगातार तीन नॉकआउट मैचों में 80 प्लस स्कोर किए। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ वर्चुअल क्वार्टर-फाइनल मुकाबले में नाबद 97 रन की पारी खेलने के बाद सेमीफाइनल और फाइनल में 89-89 रन जड़े। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया।

 

तिरुवनंतपुरम पहुंचने के बाद संजू ने कहा कि उन्होंने पिछले एक महीने से अपना फोन बंद रखा था। साथ ही संजू ने ये भी बताया कि टी20 वर्ल्ड कप में अपने गेम प्लान में बदलाव किया, जिससे उन्हें सफलता मिली।

 

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संजू ने कैसे की फॉर्म में वापसी?  

तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर केरल के शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी ने संजू का स्वागत किया। एयरपोर्ट के बाहर सैकड़ों क्रिकेट फैंस जुटे थे और केरल के इस क्रिकेटर के समर्थन में नारे लगाए। संजू ने इस मौके पर पत्रकारों से कहा कि वह पहले हर गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश करते थे। उन्होंने कहा, 'मैं हर गेंद को मारने की कोशिश करता था लेकिन यह काम नहीं आया। फिर मुझे अपनी असफलताओं से सीखना पड़ा। 5 मैचों की सीरीज में मैंने स्ट्राइक रेट बढ़ाने की कोशिश की लेकिन उसमें भी सफलता नहीं मिली। इसके बाद मैंने वर्ल्ड कप के लिए एक अलग गेम प्लान के साथ तैयारी की।'

 

संजू ने अहमदाबाद में फाइनल मैच के बाद कहा था कि खराब दौर से निकलने में महान सचिन तेंदुलकर ने उनकी मदद की। इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'हम संपर्क में थे क्योंकि मैं पिछले कुछ सालों से उन्हें संदेश भेजता रहा था। IPL के दौरान मुलाकात होने पर भी हमारी बात होती थी।' 

 

संजू ने बताया कि जब वह खराब फॉर्म से जूझ रहे थे, तब सलाह के लिए उनके दिमाग में सबसे पहला नाम सचिन का ही आया। उन्होंने कहा, 'जब मैंने उनसे संपर्क किया तो उन्होंने मुझसे दिल से बात की। करीब 25 मिनट तक उन्होंने अपने करियर के अनुभव बताए कि कठिन समय में क्या सोचना चाहिए, अभ्यास कैसे करना चाहिए और परिस्थितियों से कैसे निपटना चाहिए। इससे मुझे सच में मदद मिली।'

 

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सोशल मीडिया के प्रभाव पर ये बोले संजू 

संजू ने कहा कि सोशल मीडिया का खिलाड़ियों पर गहरा प्रभाव पड़ता है, जो सकारात्मक भी हो सकता है और नकारात्मक भी। उन्होंने कहा, 'युवाओं को इसे सही तरीके से संभालना सीखना चाहिए। सोशल मीडिया से मुझे यह समझ आया कि लोग मुझसे कितना प्यार करते हैं लेकिन जब परिस्थितियां उलटी हों, तो सोशल मीडिया तभी खोलना चाहिए जब आप उसे सहन कर सकें।' संजू ने बताया कि पिछले एक महीने से उन्होंने अपना फोन बंद रखा था और उनके सोशल मीडिया अकाउंट एक टीम संभालती है।


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