भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे और सिर्फ 15 साल के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी इस समय विवादों में घिर गए हैं। श्रीलंका में खेली जा रही ट्राई सीरीज के चौथे मुकाबले में इंडिया-ए को सुपर ओवर में हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, मैच खत्म होने के बाद चर्चा टीम इंडिया की हार से ज्यादा एक ऐसी घटना की हो रही है, जिसने पूरे क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। यह मामला वैभव सूर्यवंशी से जुड़ा है और इस वजह से उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
15 जून को श्रीलंका-ए के खिलाफ खेले गए मैच में वैभव सूर्यवंशी का बल्ला नहीं चला। उन्होंने इंडिया-ए के लिए सिर्फ 21 रन बनाए, जबकि सुपर ओवर में भी वह केवल 6 रन ही जोड़ सके। खराब प्रदर्शन के कारण वह पहले से ही डेब्यू से पहले सवालों के घेरे में थे, अब नया विवाद भी उनके साथ जुड़ गया है। उनके मैच बैन होने की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि इस मामले में इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के नियम क्या कहते हैं।
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मैच के बाद क्या हुआ विवाद?
श्रीलंका-ए की जीत के बाद खिलाड़ी मैदान पर जश्न मना रहे थे। उसी समय वैभव सूर्यवंशी अपने साथी बल्लेबाज सूर्यांश शेडगे के साथ पवेलियन की ओर लौट रहे थे। तभी वैभव अचानक श्रीलंकाई गेंदबाज कगुथास माथुलन की तरफ बढ़ गए। माना जा रहा है कि गेंदबाज की किसी बात पर वैभव नाराज हो गए थे।
मामला बढ़ता देख श्रीलंका-ए के खिलाड़ी विशेन हलाम्बागे बीच-बचाव करने पहुंचे लेकिन तब तक वैभव ने उन्हें धक्का दे दिया था। इसके बाद हलाम्बागे भी उनकी तरफ बढ़े। हालांकि, अनुभवी खिलाड़ी निरोशन डिकवेला ने समय रहते दखल देकर मामला शांत करा दिया।
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क्या कहता है आईसीसी (ICC) का नियम?
मैदान पर हुई यह धक्का-मुक्की ICC की आचार संहिता की धारा 2.12 के तहत आती है। यह नियम अंतर्राष्ट्रीय मैच के दौरान किसी भी खिलाड़ी, अंपायर या मैच रेफरी के साथ गलत तरीके से शारीरिक संपर्क करने से रोकता है। इसके तहत जानबूझकर या लापरवाही से किसी को धक्का देना या कंधा मारना अपराध माना जाता है। ICC सजा तय करने से पहले इन 4 बातों की जांच करती है:
पहला यह कि क्या धक्का जानबूझकर मारा गया था या वह केवल एक लापरवाही थी जिसे टाला जा सकता था। दूसरा, धक्का कितनी तेजी या ताकत से मारा गया था। तीसरा, क्या उस धक्के से सामने वाले खिलाड़ी को कोई चोट आई है। चौथा, धक्का किस पद या स्तर के व्यक्ति (खिलाड़ी या अंपायर) को मारा गया है।
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सूर्यवंशी को क्या मिल सकती है सजा?
ICC के नियमों के मुताबिक, अनुच्छेद 2.12 को आमतौर पर लेवल-1 का अपराध माना जाता है। अगर कोई खिलाड़ी इसका दोषी पाया जाता है तो उस पर मैच फीस का 50 फीसदी तक जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा उसे एक या दो डिमेरिट अंक भी दिए जा सकते हैं। वहीं, अगर मामला ज्यादा गंभीर नहीं माना जाता तो सिर्फ आधिकारिक चेतावनी देकर भी छोड़ दिया जाता है। फिलहाल यह साफ नहीं है कि मैच रेफरी प्रदीप जयप्रकाश वैभव सूर्यवंशी के खिलाफ कोई औपचारिक कार्रवाई करेंगे या फिर चेतावनी देकर मामला खत्म कर देंगे।