महेंद्र सिंह धोनी के शहर रांची में विराट कोहली का बल्ला गरजा है। किंग कोहली ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेले जा रहे 3 वनडे मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले में शतक जड़ दिया है। कोहली के वनडे करियर की यह 52वीं सेंचुरी है। वह पहले से ही इस फॉर्मेट में सबसे ज्यादा शतक ठोकने वाले बल्लेबाज हैं। अब उन्होंने एक और सैकड़ा पूरा कर लिया है।
यशस्वी जायसवाल के आउट होने के बाद चौथे ओवर में क्रीज पर उतरे कोहली ने शुरू से ही आक्रामक अंदाज दिखाया और पावरप्ले में 2 चौके और 2 छक्के जड़े। फील्ड खुलने के बाद भी उनका बल्ला नहीं रुका और उन्होंने छक्का जड़कर 48 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। कोहली ने अगली गेंद को भी छक्के के लिए भेजा।
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चौके से पूरा किया शतक
विराट कोहली और रोहित शर्मा ने चौके-छक्कों की झड़ी लगाकर साउथ अफ्रीका को बैकफुट पर धकेल दिया था। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 136 रन की साझेदारी कर डाली। हालांकि प्रोटियाज टीम ने रोहित (57) का विकेट लेने के बाद ऋतुराज गायकवाड़ (8) और नंबर-5 पर भेजे गए वॉशिंगटन सुंदर (13) को चलता कर वापसी कर ली। सामने से बैक टू बैक 3 विकेट गिरने के बाद कोहली ने कप्तान केएल राहुल के साथ मोर्चा संभाला और रन गति को चलायमान रखा।
कोहली ने स्ट्राइक और लगातार रोटेट किया और बाउंड्री का भी सूखा नहीं पड़ने दिया। वह 36वें ओवर की आखिरी गेंद पर चौका जड़कर 98 पर पहुंचे और फिर 38वें ओवर की पांचवीं गेंद को चौके के लिए भेजा और 102 गेंद में अपनी यादगार सेंचुरी पूरी की।
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रांची में तीसरा शतक
कोहली ने रांची में अपना तीसरा वनडे शतक लगाया है। उन्होंने JSCA इंटरनेशनल स्टेडियम कॉम्पलेक्स में महज 5 ही पारियां खेली हैं। उनके नाम विशाखापट्टनम और पुणे में भी 3-3 वनडे शतक हैं। भारत के किसी एक वेन्यू पर सबसे ज्यादा वनडे शतक लगाने के मामले में उनके आस-पास कोई नहीं है। सचिन तेंदुलकर ने वडोदरा में 3 शतक लगाए लेकिन कोहली यह कारनामा तीन अलग-अलग वेन्यू पर कर चुके हैं।
कोहली ने शतक जड़ने के बाद रौद्र रूप अपनाया और प्रीनेलन सुब्रायेन की लगातार 4 गेंदों को बाउंड्री लाइन के बार भेजा, जिसमें 2 छक्के शामिल रहे। कोहली तेजी से अपनी पहली ODI डबल सेंचुरी की ओर बढ़ते दिख रहे थे लेकिन नांद्रे बर्गर ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। किंग कोहली 120 गेंद में 11 चौके और 7 छक्कों की मदद से 135 रन बनाकर पवेलियन लौटे। उनका विकेट 275 के स्कोर पर गिरा। इस समय भारतीय पारी में 43 गेंद डाली जानी बाकी थी।