भारत की युवा वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं के 53 किलोग्राम भार कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीत लिया है। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने भारत को प्रतियोगिता का तीसरा सिल्वर मेडल दिलाया। ज्ञानेश्वरी का यह प्रदर्शन इसलिए भी खास रहा क्योंकि उन्होंने मुकाबले के दौरान दो बार कॉमनवेल्थ गेम्स का रिकॉर्ड तोड़ा, हालांकि दोनों बार नाइजीरिया की ओनोमे ओमोलोला ने उनसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
ज्ञानेश्वरी यादव ने स्नैच में तीसरे प्रयास में 88 किलोग्राम वजन उठाकर नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया। इसके बाद क्लीन एंड जर्क में भी उन्होंने 111 किलोग्राम वजन उठाकर एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया। ओनोमे ओमोलोला ने स्नैच में 93 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 113 किलोग्राम वजन उठाकर दोनों रिकॉर्ड तोड़ दिए और गोल्ड मेडल जीत लिया। कनाडा की रेबेका ग्रूलक्स ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
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कौन हैं ज्ञानेश्वरी यादव?
ज्ञानेश्वरी यादव का जन्म साल 2003 में छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के भोड़िया गांव में हुआ था। उन्होंने कम उम्र में ही वेटलिफ्टिंग में अपनी प्रतिभा दिखानी शुरू कर दी थी। घरेलू प्रतियोगिताओं में लगातार शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें भारतीय टीम में जगह मिली। खेल के साथ-साथ वह छत्तीसगढ़ पुलिस में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) के पद पर भी कार्यरत हैं। खेल और नौकरी के बीच संतुलन बनाते हुए उन्होंने देश की टॉप महिला वेटलिफ्टरों में अपनी पहचान बनाई है।
राष्ट्रीय रिकॉर्ड से मिली नई पहचान
ज्ञानेश्वरी यादव के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट एशियन वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2026 रहा। गांधीनगर में खेले गए इस टूर्नामेंट में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्नैच में 88 किलो और क्लीन एंड जर्क में 106 किलो वजन उठाया। इस तरह उन्होंने कुल 194 किलो वजन उठाकर अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।
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इस बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर ज्ञानेश्वरी ने स्नैच में सिल्वर और ओवरऑल ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। खास बात यह रही कि स्नैच में उठाए गए 88 किलो के साथ उन्होंने भारत का नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बना दिया। इससे पहले, साल 2025 में उन्हें उनके शानदार खेल प्रदर्शन के लिए छत्तीसगढ़ का सर्वोच्च खेल सम्मान 'गुंडाधुर सम्मान' भी दिया जा चुका है।