पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुए चर्चित 5 किलो सोना लूटकांड का बड़ा खुलासा करते हुए बिहार एसटीएफ और बंगाल पुलिस की संयुक्त टीम ने समस्तीपुर से दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान लूटे गए सोने में से करीब 1.118 किलोग्राम सोने के आभूषण भी बरामद किए गए हैं। पुलिस की इस सफलता के बाद पूरे गिरोह के नेटवर्क को लेकर कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के शीतलपट्टी निवासी सुधीर शर्मा और वारिसनगर थाना क्षेत्र के किशनपुर बैकुण्ठ निवासी अमन कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद स्थित सेंको ज्वेलरी शॉप में हुई करोड़ों की डकैती में शामिल थे।
हथियार के बल पर लूटा था 5 किलो सोना
जानकारी के अनुसार, बीते 14 मई को 6 से 7 हथियारबंद अपराधियों ने मुर्शिदाबाद के एक प्रतिष्ठित ज्वेलरी शोरूम में धावा बोल दिया था। अपराधियों ने कर्मचारियों को हथियार के बल पर कब्जे में लेकर करीब 5 किलोग्राम सोने के आभूषण और लगभग तीन लाख रुपये नकद लूट लिए थे। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी और पश्चिम बंगाल पुलिस ने इसे बड़ी संगठित आपराधिक वारदात माना था।
यह भी पढ़ें: 2030 के चुनाव तक आश्रम में रहेंगे प्रशांत किशोर, खुद ही किया एलान
तकनीकी सर्विलांस, मोबाइल लोकेशन और वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर पुलिस टीम अपराधियों तक पहुंची और समस्तीपुर में छापेमारी कर दोनों आरोपियों को दबोच लिया।
हाजीपुर जेल से चल रहा था पूरा ऑपरेशन
इस मामले में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि पुलिस ने वैशाली जिले के बिदुपुर थाना क्षेत्र के चौरज (चेचर) निवासी रोहित सिंह को इस डकैती का मास्टरमाइंड बताया है। चौंकाने वाली बात यह है कि रोहित सिंह फिलहाल हाजीपुर जेल में बंद है। एसटीएफ अधिकारियों का दावा है कि रोहित सिंह ने जेल के अंदर से ही पूरे लूटकांड की योजना तैयार की और अपने गुर्गों को निर्देश देकर वारदात को अंजाम दिलाया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि जेल के भीतर से अपराध संचालन में किन लोगों की भूमिका रही।
यह भी पढ़ें: 'कनाडा से आकर गोली मारी और चला गया', इंदर कौर हत्याकांड में पुलिस का खुलासा
गिरफ्तारी पर उठे सवाल
इधर आरोपी अमन कुमार की गिरफ्तारी को लेकर नया विवाद भी सामने आ गया है। पुलिस का कहना है कि अमन की गिरफ्तारी नगर थाना क्षेत्र के काशीपुर स्थित वीर कुंवर सिंह कॉलोनी से हुई लेकिन अमन के पिता बिजेंद्र कुमार सिंह ने इस दावे पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे को पुलिस ने पहले ही उसके पैतृक गांव किशनपुर बैकुण्ठ से हिरासत में ले लिया था। परिजन का दावा है कि बाद में पुलिस उसे काशीपुर स्थित मकान पर लेकर गई और वहां बरामदगी दिखाने के लिए सोना रखा गया। हालांकि, पुलिस ने इन आरोपों पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
एसटीएफ और पश्चिम बंगाल पुलिस अब इस अंतरराज्यीय गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। माना जा रहा है कि इस लूटकांड में कई राज्यों के अपराधियों का नेटवर्क सक्रिय था। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही बाकी लूटे गए सोने की बरामदगी और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।