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तपती धूप में जनगणना का काम पड़ा भारी, ओडिशा में 48 घंटे में 2 टीचर की मौत

ओडिशा के मयूरभंज और सुंदरगढ़ जिलों में जनगणना के काम में लगे 2 टीचरों की हीट स्ट्रोक से मौत हो गई। राज्य में ड्यूटी के दौरान मरने वालों की संख्या अब तीन हो गई है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर। (Chatgpt Generated Image)

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ओडिशा में बढ़ती गर्मी अब खतरनाक साबित होती नजर आ रही है। जनगणना ड्यूटी में लगे दो शिक्षकों की 48 घंटे के भीतर मौत हो गई, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। शुरुआती तौर पर दोनों मामलों में हीटस्ट्रोक यानी लू को मौत की वजह माना जा रहा है। ये घटनाएं मयूरभंज और सुंदरगढ़ जिलों से सामने आई हैं, जहां तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया है। आपको बता दें कि राज्य में जनगणना ड्यूटी के दौरान यह तीसरी मौत है, जिससे कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

 

मयूरभंज जिले में बैद्यनाथ हाई स्कूल के शिक्षक राजकपूर हेम्ब्रम की रविवार शाम अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। बताया गया कि वह घर-घर जाकर जनगणना सर्वे कर लौटे थे, जिसके बाद अचानक बेहोश हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। स्कूल की प्रधानाध्यापिका ममता दास के अनुसार, हेम्ब्रम को तीन गांवों की जिम्मेदारी दी गई थी और काम के बाद उन्होंने तबीयत खराब होने की शिकायत भी की थी।

 

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परिवार ने लगाया दबाव का आरोप

मृतक के परिवार का आरोप है कि राजकपूर हेम्ब्रम ने पहले ही अपनी तबीयत खराब होने की जानकारी अधिकारियों को दे दी थी। इसके बावजूद उन्हें ड्यूटी जारी रखने के लिए दबाव डाला गया। इस आरोप ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

सुंदरगढ़ में भी टीचर की मौत

दूसरी घटना सुंदरगढ़ जिले में हुई, जहां जराडा सरकारी हाई स्कूल के शिक्षक अनुराग एक्का की ड्यूटी के दौरान तबीयत बिगड़ गई। उन्हें पहले गुरूंडिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया और बाद में जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनकी मौत हो गई। प्रशासन का कहना है कि दोनों मामलों की जांच जारी है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी। इससे पहले सोनपुर जिले में भी एक जनगणना कर्मचारी की मौत हो चुकी है।

 

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गर्मी को देखते हुए सरकार ने कर्मचारियों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसमें दोपहर की तेज धूप से बचने खासकर सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक, पर्याप्त पानी पीने और ORS साथ रखने की सलाह दी गई है। बावजूद इसके, लगातार हो रही मौतों ने सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


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