महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई कई एक अदालत ने 3 साल के एक बच्चे की हत्या के दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साल 2017 में हुई इस हत्या के केस में जान गंवाने वाले बच्चे की बहन ने ही गवाही दी है। दोषी पाए गए 44 वर्षीय शख्स ने सिर्फ एक चाय का कप टूट जाने पर बच्चे को मार डाला था। हत्या के बाद इसी शख्स ने बच्चे की लाश को गड्ढे में दफना दिया था। बाद में बच्चे की मां की शिकायत पर यह मामला पुलिस तक पहुंचा और जांच में सारी बात सामने आ गई।
यह मामला साल 2017 का है। नितनि पठारे नाम के शख्स की मुलाकात एक ट्रेन में महिला और उनके बच्चों से हुई थी। महिला अपने दो बच्चों को लेकर नासिक जा रही थीं। उनके पति ने उन्हें छोड़ दिया था और वह पैसों की तंगी झेल रही थीं। तब नितिन पठारे ने उनकी मदद का प्रस्ताव दिया। महिला ने प्रस्ताव मान लिया। कुछ दिन बाद वह महिला नितिन के बताए वकील से मिलने मुंबई पहुंचीं तो नितिन पठारे भी उनसे घाटकोपर में मिले और उन्हें अपने घर ले गए।
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जान से मारकर बोला झूठ
महिला के मुताबिक, नितिन पठारे ने वादा किया था कि वह उन्हें कुछ काम दिलाएंगे। महिला का दावा है कि नितिन ने उन्हें और उनके बच्चों को कैद जैसा कर लिया था और जान से मारने की धमकी देते थे। 27 सितंबर 2017 को नितिन ने महिला से कहा कि वह ठाणे जाए और अपने लिए काम ढूंढे। दोपहर में नितिन ने फोन करके बताया कि उनके बेटे को मिर्गी का दौरा आया है। वह लौटी तो नितिन ने ही बताया कि उसने महिला के बेटे को मार डाला है।
कोर्ट में दिए अपने बयान में महिला ने कहा है कि उनके बेटे को चोट लगी थी और नितिन ने उनकी पांच साल की बेटी को धमकी दी थी कि अगर उसने कुछ बचाया तो वह उसे भी मार डालेगा। बाद में उसी बेटी ने बताया कि उसके भाई से गलती से चाय का कप टूट गया था। इसी बात से गुस्साए नितिन पठारे ने 3 साल से लड़के को बेल्ट से मारा, उसका गला दबाया और उसे फर्श पर पटक दिया। कोर्ट ने माना है कि नितिन ने उसे मार डालने की नीयत से ही इस तरह का हमला किया था।
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कोर्ट ने यह भी पाया है कि हत्या के बाद नितिन पठारे ही महिला को लेकर उसके बेटे की लाश दफनाने गया। यह लाश कल्याण के हाजी महंग में दफनाई गई थी। बाद में वह फिर से वहां गया और थोड़ा और गहरा गड्ढा करके लाश उसी में दफना दी। यह घटना तब सामने आई जब महिला किसी तरह नितिन के घर से भाग निकली। उसने अपने पड़ोसियों को मदद से पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने महिला के बेटे की लाश खोदकर निकाली और पोस्टमॉर्टम कराया तो सारी बात साफ हो गई। बाद में मृतक बच्चे की बहन ने भी गवाही दी कि नितिन ने ही उसके भाई को मार डाला।
अब अदालत ने नितिन पठारे को हत्या करने और सबूत मिटाने का दोषी पाया है। कोर्ट ने नितिन को उम्रकैद की सजा सुनाई है।